संत कबीर नगर के खलीलाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर वरुणेश दुबे के साथ गोरखपुर में मारपीट की गई। मारपीट करने वाले उनके ससुराल वाले हैं। पहले गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी गई, फिर ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद लाठी-डंडों से उनके ऊपर हमला कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डॉक्टर पुलिस से मदद मांगते दिखाई दे रहे हैं। घटना सोन्हीचा बाजार की है। बता दें, 2 महीने पहले डॉक्टर पर उनकी पत्नी ने पोर्न वीडियो बनाने और उन्हें सोशल साइट्स पर डालने का आरोप लगाया था। इस मामले में डॉक्टर को क्लीनचिट मिल चुकी है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… डॉक्टर वरुणेश दुबे ने बताया कि वह मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं। उनका पत्नी शिल्पी पांडे और उनके परिवार से पहले से विवाद चल रहा है। केस कोर्ट में चल रहा है। 9 जुलाई (बुधवार) को ड्राइवर के साथ गाड़ी से बाजार की तरफ जा रहे थे। उसी समय एक गाड़ी लगातार उनका पीछा करने लगी। इसके बाद कार से पीछे से 3-4 बार टक्कर मारी। इससे वरुणेश की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। वरुणेश बताते हैं- थोड़ी देर में पीछे वाली गाड़ी ने ओवरटेक किया और आगे आकर कार सामने खड़ी कर दी। कार से उतरे मेरे साले राहुल पांडेय, ऋषभ पांडेय और उनके साथियों ने घेर लिया। मैंने गाड़ी के अंदर से ही डॉयल- 112 पर कॉल करके मदद मांगने की कोशिश की। इससे पहले ही इन लोगों ने मेरे ऊपर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जमकर पीटा। बाजार में लोगों ने बीच-बचाव किया, तो वो लोग जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। मेरे सिर पर हमला किया गया, जिससे गंभीर चोट आई है। फिर मुझे गोरखपुर में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर दुबे को 112 पर कॉल करने की बात करते हुए सुना जा सकता है। गोरखपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पढ़िए पूरा मामला… डॉक्टर वरुणेश दुबे खलीलाबाद सीएचसी में तैनात हैं। उनकी पत्नी गोरखपुर में रहती हैं। पत्नी ने कहा- मुझे इंटरनेट पर कुछ अश्लील वीडियो मिले, जिनमें मेरे पति एक पुरुष के साथ महिला वेशभूषा में आपत्तिजनक हरकतें करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो उन्होंने एक पेड वेबसाइट पर अपलोड किए, जिन्हें देखने के लिए पहले भुगतान करना होता है। मेरे पति ने “मीना राय” नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई, जिसमें खुद को ट्रांसजेंडर बताकर तमाम वीडियो अपलोड किए गए। मैं यह दावे के साथ कह सकती हूं कि ये वीडियो हमारे ही क्वार्टर के अंदर बनाए गए, क्योंकि वीडियो में दिख रहा वॉलपेपर, बेड, सजावट आदि मैंने खुद ऑनलाइन ऑर्डर करके लगवाए थे। एक पत्नी अपने पति को शरीर, आवाज और आदतों से पहचान सकती है। वह इनकार कर सकते हैं, लेकिन सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती। अब पढ़िए FIR, जो पत्नी ने दर्ज कराई डॉक्टर की पत्नी ने एफआईआर दर्ज करवाई। शिकायत में बताया- मेरे पति डॉ. वरुणेश दुबे जिला कारागार के आवास में निवास करते हैं। वहां पर वे खुद को ट्रांसजेंडर दर्शाकर अन्य युवकों को बुलाकर अश्लील (पोर्न) वीडियो बनाते हैं। उन्हें इंटरनेट पर पैसे लेकर अपलोड करते हैं। 18 मई को वे गोरखपुर स्थित हमारे निजी आवास पर आए। जब मैंने उनसे इन अश्लील वीडियो के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की। मैंने अपने पिता को समझाने के लिए बुलाया, लेकिन मेरे पति ने मेरे पिता और भाई के साथ मारपीट की। इस अमानवीय व्यवहार और हिंसा से त्रस्त होकर मैंने उनसे कहा कि कारागार क्वार्टर खुलवाइए, वहां सबूत मौजूद हैं। तब से मैं कारागार स्थित उनके आवास पर जाकर क्वार्टर खुलवाने का प्रयास कर रही हूं, लेकिन मेरी कोई मदद नहीं की जा रही है। मुझे दो पुलिसकर्मियों के साथ क्वार्टर खुलवाकर उसमें मौजूद सबूतों को सुरक्षित करने की परमिशन दी जाए। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। डॉक्टर के खिलाफ कोई सबूत नहीं
सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया के अनुसार, एडिशनल सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। जांच में सभी आरोप निराधार पाए गए। डॉक्टर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टर वरुणेश दुबे ने कहा कि जो सच है वो सामने आया झूठ ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता है। उनका कहना है कि कुछ लालची लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग उनकी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। —————————– यह खबर भी पढ़ें 3 बच्चों को मारने वाली मां को फांसी की सजा, यूपी में प्रेमी को भी उम्रकैद; कोर्ट बोला- ऐसी मां को जीने का हक नहीं यूपी के औरैया में 3 बच्चों को नदी में डुबोकर मारने वाली मां को फांसी की सजा हुई है। जिला कोर्ट ने उसके प्रेमी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इसे रेयर ऑफ रेयरेस्ट क्राइम मानते हुए कहा- जो महिला अपने बेटों को मार सकती है, उसे समाज में जीने का अधिकार ही नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया के अनुसार, एडिशनल सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। जांच में सभी आरोप निराधार पाए गए। डॉक्टर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टर वरुणेश दुबे ने कहा कि जो सच है वो सामने आया झूठ ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता है। उनका कहना है कि कुछ लालची लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग उनकी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। —————————– यह खबर भी पढ़ें 3 बच्चों को मारने वाली मां को फांसी की सजा, यूपी में प्रेमी को भी उम्रकैद; कोर्ट बोला- ऐसी मां को जीने का हक नहीं यूपी के औरैया में 3 बच्चों को नदी में डुबोकर मारने वाली मां को फांसी की सजा हुई है। जिला कोर्ट ने उसके प्रेमी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इसे रेयर ऑफ रेयरेस्ट क्राइम मानते हुए कहा- जो महिला अपने बेटों को मार सकती है, उसे समाज में जीने का अधिकार ही नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…