जगदीप धनखड़ को उप-राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। वह बढ़िया आदमी हैं। ईमानदार आदमी पर अगर कोई सवाल उठाएगा तो वह इस्तीफा ही देगा। हम भी उनकी जगह होते तो इस्तीफा दे देते। यह अच्छा काम नहीं हुआ है। ये कहना है पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के फायरब्रांड नेता रहे विनय कटियार का। उन्होंने दैनिक भास्कर से कहा- धनखड़ ने दबाव में नहीं अपने मान सम्मान को बचाते हुए इस काम को किया है। उन्होंने जो किया वह उनका विवेक है। इस समय हम कह रहे हैं कि उन्होंने अच्छा कदम उठाया। साध्वी प्रज्ञा भारती को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने का विनय कटियार ने स्वागत किया। साथ ही दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- दिग्विजय सिंह बोलने के पहले किस पर वार करना है। यही सोचते हैं। वह आधे पागल हो चुके हैं, उम्र के हिसाब से। अच्छे हैं लेकिन अब वह भोपाल में राजनीति करें। अब उन्हें कोई पूछता नहीं है। पढ़िए विस्तार से बातचीत… कांग्रेस ने बहुत से झूठे काम किए
विनय कटियार ने कहा- कांग्रेस ने तो बहुत से झूठे काम किए हैं। जिन पर कोई आरोप भी नहीं रहता था, ये उन्हें भी पकड़वा देते थे। नरसिम्हा राव के जमाने में बहुत ऐतिहासिक काम हुए हैं। बहुत लोग पकड़े गए हैं। राम मंदिर के मामले में हम सब लोग जेल में थे। कल्याण सिंह को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद सीधे हमारे घर आए। फिर मुझे यहां से राबट्र्सगंज नदी के किनारे गेस्ट हाउस में भेज दिया। थोड़ी देर में हमने देखो कि साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती भी वहां आ रही हैं। विष्णु हरि डालमिया जो किसी के खिलाफ एक खराब शब्द नहीं बोल सकते थे, उनको भी पकड़ कर ले आए। यही तो काम हुआ। पूर्व सांसद बोले- कांग्रेस पार्टी मर गई
पूर्व सांसद ने कहा- कांग्रेस पार्टी मर गई है। अब उसका नाम लेने की जरूरत नहीं है। उनको श्मशान घाट भी ले जाना बुरी बात हो गई है। उनको उसी स्थान पर मर जाना चाहिए। वहीं खत्म हो जाए, यही अच्छा है। अब पढ़िए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कब इस्तीफा दिया था… देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इसकी वजह बताया। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक का था। उन्होंने 10 जुलाई को एक कार्यक्रम में कहा था, ‘ईश्वर की कृपा रही तो अगस्त, 2027 में रिटायर हो जाऊंगा।’ धनखड़ ने अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को त्यागपत्र सौंपा। लिखा- स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरी सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। उन्होंने पत्र में राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए आभार जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया था। ——————– ये खबर भी पढ़ें… उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट देने वाले सांसदों की लिस्ट तैयार; सोर्स- अगले हफ्ते इलेक्शन डेट का ऐलान संभव; 10 दिन पहले धनखड़ ने इस्तीफा दिया था उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) यानी वोट देने वाले सांसदों की लिस्ट तैयार हो गई है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव की तारीख का ऐलान अगले हफ्ते हो सकता है। पढ़िए पूरी खबर
विनय कटियार ने कहा- कांग्रेस ने तो बहुत से झूठे काम किए हैं। जिन पर कोई आरोप भी नहीं रहता था, ये उन्हें भी पकड़वा देते थे। नरसिम्हा राव के जमाने में बहुत ऐतिहासिक काम हुए हैं। बहुत लोग पकड़े गए हैं। राम मंदिर के मामले में हम सब लोग जेल में थे। कल्याण सिंह को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद सीधे हमारे घर आए। फिर मुझे यहां से राबट्र्सगंज नदी के किनारे गेस्ट हाउस में भेज दिया। थोड़ी देर में हमने देखो कि साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती भी वहां आ रही हैं। विष्णु हरि डालमिया जो किसी के खिलाफ एक खराब शब्द नहीं बोल सकते थे, उनको भी पकड़ कर ले आए। यही तो काम हुआ। पूर्व सांसद बोले- कांग्रेस पार्टी मर गई
पूर्व सांसद ने कहा- कांग्रेस पार्टी मर गई है। अब उसका नाम लेने की जरूरत नहीं है। उनको श्मशान घाट भी ले जाना बुरी बात हो गई है। उनको उसी स्थान पर मर जाना चाहिए। वहीं खत्म हो जाए, यही अच्छा है। अब पढ़िए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कब इस्तीफा दिया था… देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इसकी वजह बताया। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक का था। उन्होंने 10 जुलाई को एक कार्यक्रम में कहा था, ‘ईश्वर की कृपा रही तो अगस्त, 2027 में रिटायर हो जाऊंगा।’ धनखड़ ने अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को त्यागपत्र सौंपा। लिखा- स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरी सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। उन्होंने पत्र में राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए आभार जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया था। ——————– ये खबर भी पढ़ें… उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट देने वाले सांसदों की लिस्ट तैयार; सोर्स- अगले हफ्ते इलेक्शन डेट का ऐलान संभव; 10 दिन पहले धनखड़ ने इस्तीफा दिया था उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) यानी वोट देने वाले सांसदों की लिस्ट तैयार हो गई है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव की तारीख का ऐलान अगले हफ्ते हो सकता है। पढ़िए पूरी खबर