‘पान मसाला-तम्बाकू खाने वालों को कैंसर का खतरा’:SGPGI में 6 तरह के एक्सपर्ट की निगरानी में इलाज, एक्सपर्ट बोले- रेगुलर स्क्रीनिंग जरूरी

पान मसाला और तम्बाकू लत वाले लोगों में सिर और गर्दन के कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है। इसका सेवन इस बीमारी के प्रमुख कारणों में से एक है। SGPGI के हेड एंड नेक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अमित केसरी ने यह बातें सोमवार को विश्व हेड एंड नेक कैंसर दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कहीं। डॉ.अमित केसरी ने कहा कि इसके सेवन से लोगों को बचना चाहिए। साथ ही इसकी रोकथाम के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। संस्थान में एक माह पहले यह नया विभाग शुरू हुआ है। 6 विधा के एक्सपर्ट मिलकर करेंगे इलाज SGPGI निदेशक पद्मश्री प्रो.आरके धीमन ने कहा कि देश में सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित रोगियों की संख्या लगभग 30 से 40% है। ऐसे रोगियों के प्रबंधन के लिए सिर और गर्दन के सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और पैलिएटिव केयर विशेषज्ञ की जरूरत होती है। यह सभी SGPGI में उपलब्ध हैं। डॉ.नाजरीन हमीद ने कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग और डॉ.रुद्र प्रकाश प्रारंभिक चरण के मुंह के कैंसर के प्रबंधन की जानकारी साझा की। ये रहे मौजूद इस मौके पर डीन डॉ. शालीन कुमार, सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता और डॉ. पुनीता लाल प्रोफ़ेसर शालीन कुमार, प्रोफ़ेसर देवेंद्र गुप्ता और प्रोफेसर पुनीता लाल, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. मनोज जैन और डॉ. इंदु शुक्ला समेत अन्य ने जानकारियां दी।