बच्चों को देखता, तो संबंध बनाने की तलब उठती:मन बेचैन हो जाता; मेरठ पुलिस बोली-साइको किलर पकड़ा न जाता तो निठारी जैसा कांड करता

मुझे नहीं पता अचानक से मुझे क्या तलब उठती है। ऐसा पिछले कुछ दिन से हो रहा था। जब बच्चा देखता तो उनके साथ संबंध बनाने की तड़प उठने लगती। अगर वो नहीं मानता तो मुझे चिड़चिड़ाहट होने लगती। उवैश और रिहान के साथ भी मजा करना चाहता था। लेकिन, वो मान नहीं रहे थे इसलिए गुस्से में रस्सी से उनका गला घोंट दिया। मेरठ में 2 बच्चों की हत्या करने वाले असद ने ये बातें पुलिस से कही। वह 8वीं फेल है। वारदात को लेकर उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। उसका कहना है कि उसे बच्चों से संबंध बनाने में मजा आता है। पुलिस का ये भी मानना है कि असद अरेस्ट नहीं होता, तो वो निठारी जैसा कांड कर सकता था। उसके क्राइम करने का तरीका। उसके मन में क्या चलता था? वो क्या सोचता था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… समलैंगिक संबंध बनाने की भूख बढ़ने लगी
पुलिस पूछताछ में असद ने बताया- नशे के कारण ही उसके मन में समलैंगिक संबंधों की इच्छा बढ़ने लगी। उसे लड़कों के साथ सोने, छूने में मजा आने लगा। इसलिए उसने बच्चों को अपना टारगेट बनाया। वो बच्चों को देखता तो उसका मन ललचाता। शारीरिक भूख शांत करने के लिए उसे बच्चों का लालच बढ़ने लगा। लेकिन बच्चों को किस बहाने से अपने पास बुलाए ये परेशानी थी। इकलौते और कम उम्र के बच्चों को चुना
असद ने फिजिकल डिजायर पूरी करने के लिए रिहान और उवैश, दोनों उन बच्चों को चुना जो इकलौते बेटे थे। क्योंकि इन दोनों परिवारों से असद के परिवार की पुरानी रंजिश थी। इसलिए पहला निशाना इन्हीं दोनों को बनाया। दोनों नाबालिग थे। रिहान, उवैश की हत्या के बाद भी असद और बच्चों के साथ कुकर्म करना चाहता था। लेकिन इसी बीच वो पकड़ा गया। अप्रैल में रिहान की हत्या के बाद भी असद खामोश नहीं बैठा। वो उसी गली में रहता रहा। उसने 9 जुलाई को उवैश को कुकर्म के लिए बुलाया और नहीं मानने पर उसकी हत्या करके लाश छिपा दी। असद की साइकॉलोजी समझिए… 8वीं फेल असद ने ली दीनी तालीम
असद नबावगढ़ी में रिहान और उवैश की गली में ही रहता है। उसका घर गली के आखिरी छोर पर है। जहां पीछे जंगल है। इसी जंगल में असद ने दोनों बच्चों की लाशों को छिपाया। परिवार में असद के पिता इकरामुद्दीन और 4 भाई, 3 बहने हैं। इसमें 1 बहन सुल्ताना की मौत हो चुकी है। असद भाई बहनों में 5वें नंबर का है। पुलिस पूछताछ में असद ने बताया कि वो 8वीं फेल है। इससे आगे पढ़ने में मन नहीं लगा तो स्कूल छोड़ दिया। इसके बाद इलाके की ही मस्जिद में जाकर दीनी तालीम लेने लगा। फूंक मारकर इलाज करने का करता था काम
असद बेरोजगार था। घर में रहना या काम करना उसे पसंद नहीं था। वो अक्सर मस्जिद चला जाता या कहीं बैठकर दोपहर गुजारता। एक बार उसने किसी धर्मगुरु को फूंक मारकर इलाज करते हुए देखा। इसके बाद उसने इस कला को समझा। असद को लगा कि फूंक मारकर इलाज करने से वो किसी को भी बेवकूफ बनाकर पैसे कमा सकता है। वो धर्मग्रंथ पढ़कर फूंक मारकर इलाज करने का तरीका सीखने लगा। उसने इसी तरीके को अपना रोजगार बनाना शुरू कर दिया। इलाके के लोग इलाज कराने आते थे
असद धीरे-धीरे पेट दर्द, नजला और दूसरी बीमारियों का इलाज फूंक मारकर करने का दावा करने लगा। लोग उसके पास इलाज कराने आने लगे। वो लोगों को बहकाता रहता, लोग उसके झांसे में आते रहते। लेकिन ये काम ज्यादा दिन नहीं चला। असद फिर बेरोजगार हो गया। धीरे-धीरे वो सूखा नशा करने लगा। नशे में धुत रहता। बेरोजगारी, नशे के कारण नहीं हुई शादी
नशा और बेरोजगारी के कारण असद का निकाह भी नहीं हो रहा था। कई बार रिश्ते आए लेकिन लड़की वालों ने इनकार कर दिया। चारों तरफ से ठुकराए जाने के कारण असद का दिमाग नेगेटिव चीजों में जाने लगा। वो दिमागी तौर पर विकृत होने लगा। रिहान को देखकर मेरी भूख बढ़ गई
पुलिस को असद ने बताया कि रिहान को उसने अपने पड़ोस में देखा तो उसका मन तड़पने लगा। 4 अप्रैल को उसने रिहान को धनिया खरीदने के बहाने अपने पास बुलाया था। रिहान को 5 रुपए दिए, कहा- बाजार से सूखा धनिया लाकर यहां जंगल में दे दे। रिहान जब मेरे पास धनिया लेकर आया तो मेरी भूख बढ़ गई। मैं उसके साथ संबंध बनाना चाहता था। मैंने उससे कहा मेरे साथ ये गंदा काम कर। लेकिन वो नहीं माना। वो मेरा हाथ छुड़ाकर भागने लगा। उसने कहा वो ये नहीं करेगा। मेरी तलब बढ़ रही थी, मेरे हाथों में कसा हुआ रिहान जितना छटपटा रहा मुझे उतना मजा आने लगा। वो नहीं माना, तब मुझे गुस्सा आ गया। मैंने पास पड़ी रस्सी उसके गले में डाली और उसे कस दिया। थोड़ी देर में वो मर गया। उसकी लाश वहीं गड्ढे में डालकर ऊपर से मिट्टी डाल दी। उवैश को भी गला दबाकर मारा
पुलिस पूछताछ में असद ने बताया कि उसने उवैश को संबंध बनाने के लिए बुलाया था। उवैश ने भी इनकार कर दिया। तब उसने रिहान की तरह ही उवैश के गले में रस्सी डालकर उसे पीछे खींचकर गला घोंटकर मार दिया। SP देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया- नवाबगढ़ी से 3 महीने पहले एक बच्चा रिहान लापता हुआ था। उसकी गुमशुदगी दर्ज थी। पुलिस लगातार बच्चे की तलाश में लगी थी। 9 जुलाई को इसी इलाके से दूसरा बच्चा उवैश लापता हो गया। पुलिस गुमशुदगी के बाद उसकी तलाश कर रही थी। जांच-पड़ताल के बाद 12 जुलाई को पुलिस ने इन दोनों बच्चों के पड़ोसी युवक असद को अरेस्ट किया है। उसने दोनों बच्चों की रस्सी से गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें:- मेरठ में 2 बच्चों की हत्या, लाश गड्ढे में दबाई:एसिड से जलाया मेरठ में 15 और 11 साल के 2 बच्चों की हत्या कर लाश एसिड से जलाने की कोशिश की गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्या समलैंगिक संबंधों और तंत्र-मंत्र के चक्कर में की गई। आरोपी ने हत्या करने से पहले दोनों बच्चों के साथ कुकर्म करने का प्रयास किया। इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए एक निर्माणाधीन मकान में ले जाकर गड्‌ढे में छिपा दिया। फिर उसके ऊपर ईंटें रख दीं। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में अरेस्ट कर लिया है।पढ़ें पूरी खबर