बृजभूषण बोले- मुझे योगी ने मिलने बुलाया:मैं खुद नहीं गया; मैंने ठान लिया था, जब CM बुलाएंगे, तभी मिलने जाऊंगा

कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सीएम योगी से मुलाकात को लेकर बड़ा बयान दिया। कहा- मैं खुद मुख्यमंत्री से मिलने के लिए नहीं गया था, बल्कि सीएम योगी ने मिलने की इच्छा जताई थी। उन्होंने मिलने के लिए बुलाया था, तो मैं चला गया था। हमारी मुलाकात 31 महीने बाद हुई। मुझे मेरे बच्चों से संदेश मिला था, कुछ ऑफीशियल संदेश भी मिले, तब मैं उनसे मिलने गया। मैंने ठान लिया था कि अगर वे नहीं बुलाएंगे, तो मैं उनसे मिलने कभी नहीं जाऊंगा। बृजभूषण मंगलवार को नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने नवाबगंज और वजीरगंज विकासखंड के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। उसके बाद उन्होंने सीएम से मुलाकात को लेकर चल रही कयासबाजी पर अपनी बात कही। पढ़िए बृजभूषण के बयान की 5 बड़ी बातें 1- हमारे गिले-शिकवे दूर हुए
बृजभूषण ने कहा- मेरा और सीएम योगी आदित्यनाथ का 56 साल का संबंध है। कल की मुलाकात में उनसे मेरा कोई पॉलिटिकल सवाल नहीं हुआ। न ही राजनीति को लेकर कोई चर्चा हुई। एक तरीके से पारिवारिक शिष्टाचार मुलाकात हुई। जो उनके गिले-शिकवे थे, जो हमारे गिले-शिकवे थे, उसी को लेकर हम दोनों ने चर्चा की। हालांकि सीएम योगी की उम्र सिर्फ 53 साल है। ऐसे में बृजभूषण का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं 2- मेरे जीवन में 2023 में उतार आया था
बृजभूषण ने कहा- सोमवार को मैंने 31 महीने बाद सीएम योगी से मुलाकात की। आप सब लोग जानते हैं, जीवन में उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसा ही एक उतार जनवरी, 2023 में मेरे ऊपर आया था। उस समय से मुख्यमंत्री योगी से हमारी बातचीत और मुलाकात बंद हो गई थी। 31 महीने तक न मैं मिला, न ही सीएम योगी ने कभी मिलने का प्रयास किया। 3- मैंने दिनकर की कविता पढ़ी, फिर प्रतिज्ञा की
मेरे ऊपर एक बहुत बड़ा आरोप लगा था और मुझे उसका सामना करना था। मैंने दिनकर जी की एक कविता भी पढ़ी थी- “विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है। सूरमा नहीं विचलित होते, पल एक नहीं धीरज खोते। संकट का चरण कहते हैं, जो आ पड़ता है सब सहते हैं।” उसी दिन मैंने निश्चित कर लिया था कि यह लड़ाई मेरी है, मुझे ही लड़नी है। 4- योगी मेरे बच्चों से मेरा हाल-चाल पूछते थे
उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री का एक कार्यक्रम मेरे यहां लगा था। किसी कारण से उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। उस समय मेरी एक अधिकारी से बात हुई थी। तब मैंने कहा था कि जब तक सीएम योगी मुझे स्वयं नहीं बुलाएंगे, तब तक मैं नहीं जाऊंगा। लेकिन, जब मेरे बच्चे उनके पास जाते थे, वो मेरा हाल-चाल पूछते थे। लेकिन मैं उनसे मिलने नहीं जाता था। उनका संदेश मुझे मेरे बच्चों और अधिकारियों से मिला। कल मैं 31 महीने बाद मुलाकात करने गया था, तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। 5- राहुल गांधी को सनातन से इतनी नफरत क्यों
बृजभूषण ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। कहा- मैं वामपंथियों को खुला चैलेंज देता हूं, हमारे नंदिनी नगर में हो रही कथा में आएं, सनातन पर बहस कर लें। मैं तो राहुल गांधी से कहता हूं कि सनातन से इतनी नफरत क्यों है? मनुस्मृति से नफरत क्यों है? हमारे नंदिनी नगर (अयोध्या) में आइए, एक हफ्ते रहिए। मेरा दावा है कि यहां से हम उनको सनातनी बनाकर ही भेजेंगे। पूर्व सांसद बृजभूषण ने कहा- 2 से 7 जनवरी तक सद्गुरु रितेश्वर महाराज की कथा हो रही है। कथा में वही आएंगे, जिनको सुनना है। सनातन और ज्ञान की धारा बहेगी। यहां से प्रतिदिन 1 लाख लोग नंदिनी नगर की धरती पर आएंगे। सोमवार दोपहर को हुई थी मुलाकात कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की थी। बृजभूषण दोपहर में सीएम आवास पहुंचे थे। दोनों के बीच करीब 1 घंटे तक बातचीत चली थी। मुलाकात के बाद बृजभूषण मुस्कुराते हुए बाहर आए। कहा कि प्रदेश के CM हैं, मुलाकात तो होनी ही चाहिए। 31 महीने बाद हुई योगी और बृजभूषण की मुलाकात ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी। बता दें, बृजभूषण कई बार अपने बयानों से यूपी सरकार और सीएम योगी को दुविधा में डालते रहे हैं। इससे पहले अपने कई बयानों में बृजभूषण ने कहा था कि जब चाहेंगे, तब योगी से मुलाकात कर लेंगे, कोई दिक्कत नहीं है। योगी के विरोधी माने जाते रहे हैं बृजभूषण
बृजभूषण पूर्वांचल में योगी के ‘विरोधी’ के तौर पर देखे जाते रहे हैं। इस बात को बृजभूषण ने भी कभी नहीं छिपाया। हाल ही में उन्होंने कहा था कि मैं उनके यहां नहीं जाता, लेकिन मेरे परिवार के लोग योगी से मिलते रहते हैं। पिछले कुछ समय से बृजभूषण शरण सिंह अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में थे। वह लगातार सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे थे। साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को छोटा भाई भी बताया था। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच कई सालों से बंद संवाद के दरवाजे खुल सकते हैं। पूर्वांचल की राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। 2019 में आखिरी बार एक मंच पर दिखे थे योगी-बृजभूषण 2019 लोकसभा चुनाव में गोंडा में चुनावी जनसभा के दौरान सीएम योगी और बृजभूषण सिंह आखिरी बार एक मंच पर नजर आए थे। इसके बाद दोनों नेताओं को न तो किसी सार्वजनिक मंच पर साथ देखा गया, न ही किसी राजनीतिक कार्यक्रम में एक साथ देखा गया। जनवरी 2022 में बृजभूषण ने अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने के लिए सीएम आवास पर भेंट की थी, लेकिन सीएम योगी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद दोनों के संबंधों में ठंडापन साफ नजर आने लगा। 14 अक्टूबर 2022 को पहली बार बृजभूषण सिंह ने सरकार की खुलकर आलोचना की, जब उनके घर में बाढ़ का पानी घुस गया था और वे ट्रैक्टर से आने-जाने को मजबूर थे। बृजभूषण ने कब-कब योगी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, जानिए —————————— ये खबर भी पढ़ें गठबंधन की मजबूरी या संगठन की रणनीति:’लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ कहने वाली प्रियंका की यूपी से दूरी के मायने 2017 से लेकर 2022 तक यूपी की हर सियासी हलचल में प्रियंका गांधी का चेहरा कांग्रेस की पहचान बन गया था। ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के नारे से उन्होंने प्रदेश की महिलाओं को खास संदेश दिया। लेकिन आज वही प्रियंका यूपी की सियासत से लगभग गायब हैं। आखिरी बार 2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी-रायबरेली में पार्टी की जीत के बाद धन्यवाद सभा में दिखी थीं। उसके बाद प्रयागराज महाकुंभ तक में नहीं आईं। कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक हैरान हैं। आखिर प्रियंका ने यूपी से किनारा क्यों किया? प्रियंका के यूपी में आने से क्या सपा के साथ कांग्रेस के संभावित गठजोड़ पर कोई असर पड़ने का खतरा था? पढ़िए ये रिपोर्ट…