मेरठ में लिफ्ट में फंसकर 63 साल के स्पोर्ट्स कारोबारी की मौत हो गई। लिफ्ट में गर्दन फंस गई। सिर आधे से ज्यादा कटकर लटक गया। कारोबारी घिसटते हुए दूसरी मंजिल पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में एक कर्मचारी मालिक को लिफ्ट में फंसा देखकर चीख पड़ा। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट से उन्हें निकाला गया। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना शाम करीब 5.30 बजे की सूरजकुंड क्षेत्र के देवीनगर की है। कारोबारी परविंदर सिंह इंडियन स्पोर्ट्स कंपनी के मालिक थे। यहां जिम और स्पोर्ट्स उपकरण बनते हैं। अब पढ़िए पूरा मामला… मेरठ के सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट में इंडियन स्पोर्ट्स हाउस के नाम से स्पोर्ट्स इक्विपमेंट का 2 मंजिला शोरूम है। शोरूम के ऑनर हरविंदर सिंह ने माल ढुलाई के लिए एक ओपन लिफ्ट लगवाई है। इससे स्पोर्ट और जिम इक्विपमेंट को ग्राउंड फ्लोर से पहली और दूसरी मंजिल पर ले जाया जाता है। शनिवार शाम हरविंदर सिंह इसी लिफ्ट में ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल पर जा रहे थे। अचानक लाइट चली गई। लाइट जाने पर हरविंदर ने गर्दन बाहर निकालकर देखा कि अचानक लिफ्ट बंद क्यों हुई। गर्दन बाहर निकालते ही अचानक लाइट आ गई और हरविंदर सिंह को सिर हटाने का मौका तक नहीं मिला। उनकी गर्दन लिफ्ट में फंस गई और ऐसे ही घिसटते हुए दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। इस घटना में हरविंदर सिंह की आधी से ज्यादा गर्दन कट गई। जब लिफ्ट ऊपर जाकर रुकी, तब तक कारोबारी की मौत हो चुकी थी। उस समय ऊपर का फ्लोर खाली था, इसलिए कोई उनको देख ही नहीं पाया। आधे घंटे बाद CCTV देखने पर घटना का पता चला
ऊपर का फ्लोर खाली था, इसलिए कोई समझ नहीं पाया कि क्या हुआ। करीब आधे घंटे बाद शोरूम के ग्राउंड फ्लोर में बैठे स्टाफ की नजर सीसीटीवी कैमरों के लिए लगे कंप्यूटर स्क्रीन पर गई। जब स्टाफ को सीसीटीवी में हरविंदर लिफ्ट में फंसे दिखे। तो उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। पड़ोसी कारोबारी तुरंत मौके पर पहुंचे
स्टाफ की आवाज सुनकर आस पड़ोस के शोरूम के लोग भी दौड़ पड़े। जब लोग वहां पहुंचे तो कर्मचारी ने बताया कि अंकल जी लिफ्ट में फंसे हैं। इसके बाद लोग दूसरी मंजिल पर पहुंचे। देखा तो चैनल वाली लिफ्ट के दरवाजे में हरविंदर सिंह की गर्दन फंसी थी। इसके बाद तुरंत हरविंदर के बेटों को पड़ोसी कारोबारियों और स्टाफ ने कॉल कर हादसे की जानकारी दी। उनके बेटे शोरूम की दूसरी मंजिल पर पहुंचे। देखा पिता का शव लिफ्ट में फंसा था। गर्दन का ज्यादा हिस्सा कट चुका था। लोगों ने लिफ्ट को धक्का देकर हरविंदर की बॉडी को बाहर निकाला। रॉड से लिफ्ट को धकेलकर हरविंदर को निकाला
पड़ोसी स्पोर्ट्स कारोबारी अनुज ने बताया कि आधे घंटे में हम सब लोगों ने मिलकर लिफ्ट से उनको बाहर निकाला। उनको न्यूटिमा अस्पताल ले गए। लेकिन उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पोस्टमॉर्टम कराने को कहा, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। बाद में पुलिस के समझाने पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हरविंदर सिंह के दो बेटे अभित और मनप्रीत हैं। बड़े बेटे अभित की शादी हो चुकी है। जबकि छोटे बेटे मनप्रीत की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार जवाहर क्वार्टर थाना लालकुर्ती में रहता है। जबकि शोरूम और फैक्ट्री सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सूरजकुंड के देवीनगर में है। पड़ोसी कारोबारियों ने लोहे की रॉड से लिफ्ट को पीछे धकेला और हरविंदर को लिफ्ट से बाहर निकाला। सीओ सिविल लाइन अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि अपने ही शोरूम की लिफ्ट में फंसने से उसके मालिक परविंदर सिंह की मौत हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… मैनपुरी के मंदिर में छात्रा को गोली मारी: शादी से इनकार पर सिरफिरे प्रेमी ने की वारदात; पुलिस ने गोली मारकर पकड़ा मैनपुरी में शिव मंदिर में पूजा कर रही BSc की छात्रा को सिरफिरे ने गोली मार दी। आरोपी पहले से मंदिर के अंदर मौजूद था। छात्रा ने जैसे ही पूजा शुरू की, आरोपी ने मंदिर का गेट बंद कर दिया। इसके बाद छात्रा पर डंडे से हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर आरोपी युवक ने कमर में लगा हुआ तमंचा निकाला। उसने छात्रा को कई गोलियां मारीं। पढ़िए पूरी खबर
ऊपर का फ्लोर खाली था, इसलिए कोई समझ नहीं पाया कि क्या हुआ। करीब आधे घंटे बाद शोरूम के ग्राउंड फ्लोर में बैठे स्टाफ की नजर सीसीटीवी कैमरों के लिए लगे कंप्यूटर स्क्रीन पर गई। जब स्टाफ को सीसीटीवी में हरविंदर लिफ्ट में फंसे दिखे। तो उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। पड़ोसी कारोबारी तुरंत मौके पर पहुंचे
स्टाफ की आवाज सुनकर आस पड़ोस के शोरूम के लोग भी दौड़ पड़े। जब लोग वहां पहुंचे तो कर्मचारी ने बताया कि अंकल जी लिफ्ट में फंसे हैं। इसके बाद लोग दूसरी मंजिल पर पहुंचे। देखा तो चैनल वाली लिफ्ट के दरवाजे में हरविंदर सिंह की गर्दन फंसी थी। इसके बाद तुरंत हरविंदर के बेटों को पड़ोसी कारोबारियों और स्टाफ ने कॉल कर हादसे की जानकारी दी। उनके बेटे शोरूम की दूसरी मंजिल पर पहुंचे। देखा पिता का शव लिफ्ट में फंसा था। गर्दन का ज्यादा हिस्सा कट चुका था। लोगों ने लिफ्ट को धक्का देकर हरविंदर की बॉडी को बाहर निकाला। रॉड से लिफ्ट को धकेलकर हरविंदर को निकाला
पड़ोसी स्पोर्ट्स कारोबारी अनुज ने बताया कि आधे घंटे में हम सब लोगों ने मिलकर लिफ्ट से उनको बाहर निकाला। उनको न्यूटिमा अस्पताल ले गए। लेकिन उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पोस्टमॉर्टम कराने को कहा, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। बाद में पुलिस के समझाने पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हरविंदर सिंह के दो बेटे अभित और मनप्रीत हैं। बड़े बेटे अभित की शादी हो चुकी है। जबकि छोटे बेटे मनप्रीत की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार जवाहर क्वार्टर थाना लालकुर्ती में रहता है। जबकि शोरूम और फैक्ट्री सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सूरजकुंड के देवीनगर में है। पड़ोसी कारोबारियों ने लोहे की रॉड से लिफ्ट को पीछे धकेला और हरविंदर को लिफ्ट से बाहर निकाला। सीओ सिविल लाइन अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि अपने ही शोरूम की लिफ्ट में फंसने से उसके मालिक परविंदर सिंह की मौत हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… मैनपुरी के मंदिर में छात्रा को गोली मारी: शादी से इनकार पर सिरफिरे प्रेमी ने की वारदात; पुलिस ने गोली मारकर पकड़ा मैनपुरी में शिव मंदिर में पूजा कर रही BSc की छात्रा को सिरफिरे ने गोली मार दी। आरोपी पहले से मंदिर के अंदर मौजूद था। छात्रा ने जैसे ही पूजा शुरू की, आरोपी ने मंदिर का गेट बंद कर दिया। इसके बाद छात्रा पर डंडे से हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर आरोपी युवक ने कमर में लगा हुआ तमंचा निकाला। उसने छात्रा को कई गोलियां मारीं। पढ़िए पूरी खबर