मोटापे की सर्जरी से जान को कितना खतरा?:यूपी में रजनी की मौत के बाद उठ रहे सवाल, जानिए एक्सपर्ट क्या कहते हैं

ओबेसिटी यानी मोटापा लोगों की पर्सनैलिटी ही नहीं, सेहत पर भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। लोग वजन घटाने के लिए दवाओं से लेकर प्रोडक्ट और इलाज तक सब कुछ आजमाते हैं। जब वजन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो बेरियाट्रिक सर्जरी का सहारा लिया जाता है। लेकिन, कई बार यही सर्जरी जानलेवा साबित हो जाती है। मेरठ में 56 साल की रजनी गुप्ता का वजन 136 किलो तक पहुंच गया था। चलना-फिरना मुश्किल था। उन्होंने वजन घटाने के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी कराने की प्लानिंग की। 11 जुलाई को रजनी को मेरठ के न्यूटिमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉ. ऋषि सिंघल ने ऑपरेशन किया। सर्जरी के 3 दिन बाद हालत बिगड़ गई और 15 जुलाई को रजनी की मौत हो गई। भास्कर एक्सप्लेनर में जानेंगे, क्या सर्जरी से मोटापा कम करना सही है? मोटापा कितनी तरह का होता है? ये सर्जरी कितने प्रकार की होती है? यूपी में कहां-कहां सर्जरी होती है? यूपी में मोटापा कितना बड़ा खतरा है? सवाल-1: मेरठ में सर्जरी के बाद महिला की मौत का पूरा मामला क्या है? जवाब: रजनी की उम्र 56 साल थी, लेकिन वजन 136 किलो था। मोटापे से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने सर्जरी कराने के बारे में सोचा। रजनी गुप्ता 11 जुलाई को न्यूटिमा हॉस्पिटल में एडमिट हुईं। डॉ. ऋषि सिंघल से बेरियाट्रिक सर्जरी कराई। 3 दिन में उनकी हालत बिगड़ती चली गई। 15 जुलाई को उनकी मौत हो गई। रजनी की मौत के बाद हॉस्पिटल में हंगामा हुआ। रजनी की बेटी शिवानी ने आरोप लगाया कि मां हेल्दी थीं। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से इन्फेक्शन फैला और मौत हो गई। परिवारवालों का कहना है कि सर्जरी ठीक से नहीं हुई। टांके ढीले छोड़े गए। पेट में इन्फेक्शन होने से बॉडी में फ्लूड फैल गया। परिवार ने डॉ. ऋषि सिंघल पर रजनी की हत्या का आरोप लगाया। आरोपों पर डॉक्टर ऋषि सिंघल का कहना है कि मैंने अब तक 200 से ज्यादा ऑपरेशन किए हैं। उनकी बेटी शिवानी की भी बेरियाट्रिक सर्जरी की। वो ठीक है। मुझ पर लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप गलत हैं। जांच चल रही है, बहुत जल्द सच सबके सामने आ जाएगा। सवाल-2: क्या सर्जरी से मोटापा कम किया जा सकता है? जवाब: हां, सर्जरी से मोटापा कम किया जा सकता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एंड हेड डॉ. अंशुमान पांडेय बताते हैं- मोटापा कम करने के लिए जो सर्जरी होती है, उसे बेरियाट्रिक सर्जरी कहा जाता है। यह उन लोगों के लिए होती है, जिनका वजन बहुत ज्यादा है। यह डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं से कंट्रोल नहीं हो पा रहा। इस सर्जरी में पेट और पाचन तंत्र में बदलाव किया जाता है। जैसे पेट को छोटा कर देना या आंतों का रास्ता बदलना। इससे भूख कम लगती है, शरीर में कम कैलोरी जाती है। वजन धीरे-धीरे तेजी से घटने लगता है। सवाल-3: कितनी तरह का मोटापा होता है? जवाब: डॉ. अंशुमान पांडेय बताते हैं कि आमतौर पर मोटापे को 3 अलग-अलग स्तरों में बांटा जाता है। इसे मेडिकल भाषा में ओबेसिटी क्लासिफिकेशन (Obesity Classification) कहते हैं। डॉक्टर मोटापे को BMI (बॉडी मास इंडेक्स) के आधार पर बांटते हैं। क्योंकि BMI बढ़ने पर डायबिटीज, हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए इलाज भी BMI के हिसाब से तय होता है। BMI एक आसान तरीका है ,ये जानने का कि आपका वजन लंबाई के हिसाब से सही है या नहीं। डॉक्टर के अनुसार, अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 से ज्यादा है तो आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। इस कंडीशन में आपका मोटापा बढ़ रहा है। वहीं, अगर आपका BMI 40 के ऊपर है, तब आपको डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकता है। BMI चेक करने के लिए आपको अपना वजन किलोग्राम में और ऊंचाई मीटर में मापनी होगी। फिर वजन को ऊंचाई के वर्ग से भाग कर दें। उदाहरण के लिए अगर आपका वजन 70 किलोग्राम है और ऊंचाई 1.75 मीटर है, तो आपका BMI 70/(1.75×1.75) = 22.86 होगा। सवाल-4: मोटापे की सर्जरी कितने प्रकार की होती है? जवाब: डॉक्टरों की मानें, तो बेरियाट्रिक सर्जरी 3 प्रकार की होती है। इसमें सबसे ज्यादा फेमस और किफायती स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी मानी जाती है। सवाल-5: सर्जरी में कितना पैसा और समय लगता है? जवाब: भारत में बेरियाट्रिक सर्जरी का खर्च औसतन 2 लाख से 6 लाख रुपए के बीच आता है। हालांकि, सरकारी में प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले बहुत कम पैसे लगते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि खर्च अस्पताल, डॉक्टर की फीस, हॉस्पिटल में रहने के दिन और बाद की फॉलो-अप काउंसलिंग पर निर्भर करता है। डॉक्टरों के मुताबिक, जिन लोगों का BMI 35 से ज्यादा है या मोटापे से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं, उन्हीं को सर्जरी की सलाह दी जाती है। सर्जरी के बाद वजन तेजी से कम होता है। डायबिटीज, हाई BP जैसी बीमारियां काबू में आ सकती हैं। इस सर्जरी में औसतन 2 से 4 घंटे लगते हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज को 3 से 5 दिन तक हॉस्पिटल में रखना पड़ता है। घर लौटने के बाद पूरी रिकवरी में करीब 4 से 6 वीक लग सकते हैं। सर्जरी के बाद मरीज को डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी होता है। सवाल-6: बेरियाट्रिक सर्जरी से जान का खतरा तो नहीं? जवाब: एक्सपर्ट के मुताबिक, कोई भी ऑपरेशन एकदम सुरक्षित नहीं होता। इसमें भी एक रिस्क होता है। बेरियाट्रिक सर्जरी में भी 2-5% जान जाने का खतरा होता है। हालांकि, सावधानी बरत कर इस खतरे को कम किया जा सकता है। यह लैप्रोस्कोपिक तरीके से (बिना बड़ा चीरा लगाए) की जाती है, जिससे दर्द कम होता है। इस प्रक्रिया में पेट और पाचनतंत्र में बदलाव कर भूख कम की जाती है, जिससे वजन धीरे-धीरे घटने लगता है। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक, इस सर्जरी के कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। जैसे संक्रमण, डायरिया, पोषण की कमी, पथरी, हर्निया, महिलाओं में गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं और समय से पहले डिलीवरी का खतरा। कुछ मामलों में ये दिक्कतें गंभीर भी हो सकती हैं। सर्जरी के बाद का जीवन आसान नहीं होता। कई मरीजों को खानपान में सख्त परहेज रखना पड़ता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ऑपरेशन के बाद तला-भुना या शराब लेने से वजन फिर से बढ़ सकता है। इसलिए सर्जरी के बाद लाइफस्टाइल बदलना, हेल्दी डाइट लेना और नियमित एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी माना जाता है। सवाल-7: यूपी में मोटापा दूर करने वाली सर्जरी कहां-कहां होती है? जवाब: यूपी के बड़े शहरों में कई मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और गैस्ट्रो सेंटर्स में यह सुविधा मिलती है। नोट- इसके अलावा और भी कई प्राइवेट संस्थान हैं, जिनमें सर्जरी की सुविधा है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खर्च कम होता है, लेकिन वेटिंग ज्यादा हो सकती है। प्राइवेट हॉस्पिटल में खर्च थोड़ा ज्यादा होता है, पर प्रोसेस जल्दी होता है। सवाल-8: यूपी में मोटापे का क्या स्तर है? जवाब: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) 2024 के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 15-49 आयु वर्ग के 5 में से एक व्यक्ति या तो अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त है। महिलाएं पुरुषों की तुलना में थोड़ा ज्यादा प्रभावित हैं। एनएफएचएस-5 के आंकड़े बताते हैं कि कि इस आयु वर्ग में 21.3% महिलाएं और 18.5% पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में आते हैं। पेट के मोटापे की बात करें तो भारत में 12% पुरुष और 40% महिलाएं पेट के मोटापे से परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा सिर्फ शरीर का वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़ भी बनता जा रहा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… सांप ने 3 दिन में परिवार के 3 को काटा, मथुरा में अफवाह उड़ गई सांप बदला ले रहा है, कहां से शुरू हुई यह कहानी यूपी के मथुरा में सांप ने 3 दिन में एक परिवार के 3 लोगों को काट लिया। इसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि 2 लोग हॉस्पिटल में एडमिट हैं। 10 दिन से पूरा परिवार दहशत में है। पूरी रात बैठे-बैठे गुजर रही है। लोग दिन में घर से निकलते हैं। अंधेरा होने से पहले वापस आ जाते हैं। गांव के लोग भी इस अंधविश्वास में आ गए और सांप से बचने के लिए पूजा-पाठ कराने लगे। सांप बदला लेता है, ये बात लंबे समय से लोग कहते आए हैं। ऐसी कई खबरें आ चुकी हैं, जिनमें ये कहा गया है कि एक ही सांप ने 5 या 7 बार डसा है। क्या सांप सच में इंसानों की तरह बदला ले सकते हैं? सांप के बदले की कहानियां कहां से शुरू हुईं? कौन से ग्रंथ सांप या नागों के बदले का प्रमाण देते हैं? यूपी में कितने प्रकार के जहरीले सांप पाए जाते हैं? पढ़िए पूरी खबर…