यूपी सरकार ने मुख्य सचिव मनोज सिंह को 6 महीने का सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। प्रशासनिक गलियारे में चर्चा है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के पत्र पर वहां के मुख्य सचिव मनोज पंत को एक्सटेंशन मिल गया था। ऐसे में सीएम योगी के पत्र पर मनोज सिंह को भी एक्सटेंशन मिल सकता है। मुख्य सचिव (CS) मनोज कुमार सिंह 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं। सरकार ने उनका कामकाज अच्छा बताते हुए उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन देने के लिए केंद्र को लेटर लिखा है। प्रदेश सरकार के लेटर से शासन और सत्ता के गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। मनोज सिंह के समर्थक अफसर और नेता उन्हें एक्सटेंशन दिलाने की पैरवी में जुट गए हैं। 7 साल में पहली बार योगी के सबसे करीबी अधिकारी बने CS
2017 में योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली थी। उस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की पसंद से राजीव कुमार को CS नियुक्त किया गया। राजीव कुमार के बाद अनूप चंद्र पांडेय भी केंद्र की सहमति से ही CS बने थे। पांडेय के बाद केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से ही आरके तिवारी को CS की कुर्सी सौंपी गई। विधानसभा चुनाव- 2022 से पहले केंद्र सरकार ने आईएएस दुर्गाशंकर मिश्रा को सेवानिवृत्ति के दिन ही एक्सटेंशन दिया। केंद्र की सहमति से ही मिश्रा को यूपी का CS नियुक्त किया गया। मिश्रा को एक-एक साल का 2 बार और 1 बार 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया। शासन और सत्ता के गलियारों में ऐसा कहा जाता है कि 7 साल में सीएम योगी ने खुद अपनी पसंद से मनोज सिंह को CS नियुक्त किया था। एक्सटेंशन की उम्मीद इसलिए बढ़ी
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को 6 महीने का एक्सटेंशन दिया है। पंत 30 जून को रिटायर हो रहे थे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को भी एक्सटेंशन दिया गया था। जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में एक्सटेंशन दे दिया है। ऐसे में योगी सरकार के CS को एक्सटेंशन मिल सकता है। आंजनेय कुमार और अमित सिंह को भी मिलता रहा एक्सटेंशन
सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी और मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार को 2016 में 5 साल की प्रतिनियुक्ति पर यूपी भेजा गया था। आंजनेय कुमार ने रामपुर डीएम रहते हुए सपा नेता आजम खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सीएम योगी की सिफारिश पर आंजनेय कुमार को लगातार 4 साल से प्रतिनियुक्ति अवधि में एक-एक साल का विस्तार मिल रहा है। भारतीय रेल सेवा के अधिकारी अमित सिंह मुख्यमंत्री योगी के प्रमुख सचिव हैं। अमित सिंह 2017 से रेलवे से यूपी सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। सीएम योगी की सिफारिश पर ही अमित सिंह को भी लगातार प्रतिनियुक्ति अवधि में विस्तार मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देंगे मंजूरी
प्रदेश सरकार की ओर से भारत सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेजा जाता है। विभाग के सचिव प्रस्ताव को नियुक्ति एवं सेवा विस्तार समिति के सामने रखते हैं। विभागीय मंत्री होने के नाते प्रधानमंत्री उस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति के अध्यक्ष के बतौर पीएम की मंजूरी के बाद ही एक्सटेंशन मिलता है। निवेशकों को मिली सब्सिडी सरकार के कुछ मंत्री नाराज हैं
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता समेत कुछ मंत्री भी नाराज हैं। नंदी की ओर से मनोज सिंह के खिलाफ लिखा गया पत्र तो बीते दिनों वायरल भी हुआ था। …तो पीछे रह जाएंगे गोयल और दीपक कुमार
मुख्य सचिव की रेस में सबसे बड़ा नाम सीएम योगी के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार का है। गोयल जनवरी, 2027 में रिटायर होंगे, जबकि दीपक कुमार अक्टूबर, 2026 में रिटायर होंगे। अगर मनोज सिंह को एक्सटेंशन मिला, तो गोयल और दीपक कुमार रेस में पीछे रह जाएंगे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में कुछ साल और नहीं होगी टीचर की भर्ती, 6 साल से वैकेंसी नहीं; हर साल 4.5 लाख बीएड-डीएलएड अभ्यर्थी पास यूपी में कक्षा- 8 तक के सरकारी स्कूलों के लिए 6 साल से सहायक अध्यापक की भर्ती नहीं निकली है। दूसरी ओर, सरकार 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज कर रही है। सरकार का यह कदम शिक्षा के सुधार के लिए भले हो, लेकिन टीचर की नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए सपना टूटने जैसा है। पढ़िए पूरी खबर…
2017 में योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली थी। उस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की पसंद से राजीव कुमार को CS नियुक्त किया गया। राजीव कुमार के बाद अनूप चंद्र पांडेय भी केंद्र की सहमति से ही CS बने थे। पांडेय के बाद केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से ही आरके तिवारी को CS की कुर्सी सौंपी गई। विधानसभा चुनाव- 2022 से पहले केंद्र सरकार ने आईएएस दुर्गाशंकर मिश्रा को सेवानिवृत्ति के दिन ही एक्सटेंशन दिया। केंद्र की सहमति से ही मिश्रा को यूपी का CS नियुक्त किया गया। मिश्रा को एक-एक साल का 2 बार और 1 बार 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया। शासन और सत्ता के गलियारों में ऐसा कहा जाता है कि 7 साल में सीएम योगी ने खुद अपनी पसंद से मनोज सिंह को CS नियुक्त किया था। एक्सटेंशन की उम्मीद इसलिए बढ़ी
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को 6 महीने का एक्सटेंशन दिया है। पंत 30 जून को रिटायर हो रहे थे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को भी एक्सटेंशन दिया गया था। जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में एक्सटेंशन दे दिया है। ऐसे में योगी सरकार के CS को एक्सटेंशन मिल सकता है। आंजनेय कुमार और अमित सिंह को भी मिलता रहा एक्सटेंशन
सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी और मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार को 2016 में 5 साल की प्रतिनियुक्ति पर यूपी भेजा गया था। आंजनेय कुमार ने रामपुर डीएम रहते हुए सपा नेता आजम खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सीएम योगी की सिफारिश पर आंजनेय कुमार को लगातार 4 साल से प्रतिनियुक्ति अवधि में एक-एक साल का विस्तार मिल रहा है। भारतीय रेल सेवा के अधिकारी अमित सिंह मुख्यमंत्री योगी के प्रमुख सचिव हैं। अमित सिंह 2017 से रेलवे से यूपी सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। सीएम योगी की सिफारिश पर ही अमित सिंह को भी लगातार प्रतिनियुक्ति अवधि में विस्तार मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देंगे मंजूरी
प्रदेश सरकार की ओर से भारत सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेजा जाता है। विभाग के सचिव प्रस्ताव को नियुक्ति एवं सेवा विस्तार समिति के सामने रखते हैं। विभागीय मंत्री होने के नाते प्रधानमंत्री उस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति के अध्यक्ष के बतौर पीएम की मंजूरी के बाद ही एक्सटेंशन मिलता है। निवेशकों को मिली सब्सिडी सरकार के कुछ मंत्री नाराज हैं
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता समेत कुछ मंत्री भी नाराज हैं। नंदी की ओर से मनोज सिंह के खिलाफ लिखा गया पत्र तो बीते दिनों वायरल भी हुआ था। …तो पीछे रह जाएंगे गोयल और दीपक कुमार
मुख्य सचिव की रेस में सबसे बड़ा नाम सीएम योगी के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार का है। गोयल जनवरी, 2027 में रिटायर होंगे, जबकि दीपक कुमार अक्टूबर, 2026 में रिटायर होंगे। अगर मनोज सिंह को एक्सटेंशन मिला, तो गोयल और दीपक कुमार रेस में पीछे रह जाएंगे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में कुछ साल और नहीं होगी टीचर की भर्ती, 6 साल से वैकेंसी नहीं; हर साल 4.5 लाख बीएड-डीएलएड अभ्यर्थी पास यूपी में कक्षा- 8 तक के सरकारी स्कूलों के लिए 6 साल से सहायक अध्यापक की भर्ती नहीं निकली है। दूसरी ओर, सरकार 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज कर रही है। सरकार का यह कदम शिक्षा के सुधार के लिए भले हो, लेकिन टीचर की नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए सपना टूटने जैसा है। पढ़िए पूरी खबर…