अयोध्या रामनवमी मेले के आखिरी दिनों में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए तीन दिन 4, 5 और 6 अप्रैल को रामलला के दर्शन अवधि में बदलाव किए जाने की तैयारी है। ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें। इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने आने वाले भक्तों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। वहीं बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के शिखर का कलश पूजन किया गया। श्रीराम नवमी मेले की तैयारियों और साज सज्जा के मध्य विधिवत अनुष्ठान भी पूरा किया गया। पूजन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र, व्यवस्था प्रभारी गोपालराव, प्रकल्प प्रमुख जगदीश शंकर आफले सहित एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी के वरिष्ठजन उपस्थित थे। रामनवमी मेला में 20 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद
अयोध्या रामनवमी मेले के आखिरी तीन दिन अनुमान है कि मुख्य पर्व रामजन्मोत्सव पर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए राममंदिर ट्रस्ट और प्रशासन सुविधाएं भी विकसित करने में जुटा है। रामजन्मभूमि पथ पर अस्थाई कैनोपी लगाई जा चुकी है और मुख्य पर्व तक पथ पर लाल कारपेट भी बिछा दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए 200 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने रामनवमी पर हो रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम के ललाट पर सूर्य अभिषेक की तैयारियां चल रही हैं और विशेषज्ञों की एक टीम इस काम में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सूर्य अभिषेक का प्रसारण पूरे विश्व में किया जाएगा। चंपत राय ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। मंदिर के शिखर का किया गया पूजन
राममंदिर के शिखर पर कलश की विधिपूर्वक पूजा की गई। राममंदिर के अलावा परिसर में स्थित सभी 16 मंदिरों के शिखरों पर कलश स्थापित किए जाएंगे। इन सभी कलशों का सामूहिक पूजन नवरात्र की पंचमी तिथि को वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में किया गया। इन मंदिरों के कलशों को स्वर्णमंडित करने की योजना भी बनाई गई है। कलश पूजन के मुख्य यजमान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास रहे। इस अवसर पर राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर के शिखर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, और केवल 10 प्रतिशत काम बाकी है। अप्रैल के अंत तक शिखर का काम पूर्ण हो जाएगा, 31 लेयरों में से केवल दो लेयर ही शेष हैं। परकोटे में बन रहे छह मंदिरों में लगेंगे शिखर इसके साथ ही राममंदिर के अलावा परकोटे में बन रहे छह मंदिरों (भगवान सूर्य, हनुमान, गणेश, माता जगदंबा, शंकर और माता अन्नपूर्णा) और सप्तमंडप के सात मंदिरों (महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, अहिल्या और शबरी) के साथ-साथ संत तुलसीदास और शेषावतार मंदिर के शिखर पर भी कलश स्थापित किए जाएंगे। इन सभी कलशों का सामूहिक पूजन संपन्न हो चुका है, और अब अलग-अलग तिथियों और मुहूर्तों में इन कलशों की स्थापना की जाएगी। चम्पत राय ने नवमी मेला में श्रद्धालुओं को जारी की एडवाइजरी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय ने नवमी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य रक्षा के कुछ उपायों के साथ अयोध्या आने का निवेदन किया है। ट्रस्ट के महामंत्री ने एक विनम्र निवेदन में कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे सिर को धूप से बचाने का उपाय (टोपी, पगड़ी, गमछा आदि)करके बाहर निकलें। नींबू, चीनी, नमक अथवा ओआरएस घोल गिलास के साथ रख सकें तो अति उत्तम। जौ के सत्तू की व्यवस्था हो सके तो लू से तो बचाव होगा ही पेट पर भी संकट नहीं आएगा। उल्लेखनीय है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और प्रशासन की ओर से पेयजल समेत सभी नागरिक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है किन्तु अयोध्या धाम तक पहुंचने के रास्ते में भी कोई असुविधा न हो और अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आ जाने पर भी सब ठीक रहें, इस निमित्त ट्रस्ट महामंत्री का निवेदन निश्चित ही महत्वपूर्ण है। गर्मी से बचने को भक्तिपथ पर लगाया गया शेड
भक्तिपथ पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 600 मीटर लंबे भक्तिपथ पर अस्थाई रूप से शेड लगाया गया है। श्रद्धालु इस मार्ग से होकर सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनक भवन दर्शन के लिए जाते हैं, जहां लंबी कतारें लगती हैं।
रोजाना 70 हजार से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं और मुख्य पर्व पर यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। शेड लगाने से श्रद्धालुओं को तेज धूप से राहत मिलेगी। भक्तिपथ पर पेयजल की व्यवस्थाएं भी बढ़ाई जा रही हैं, और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। ———– यह जरूरी खबर भी पढ़िए अयोध्या में 3 गाड़ियों की भिड़ंत, 2 जिंदा जले..VIDEO:हाईवे पर डंपर ने अचानक ब्रेक मारी, 2 और टकराए, निकलने का मौका तक नहीं मिला अयोध्या में 3 डंपरों की आपस में भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दो डंपरों में भीषण आग लग गई। हादसे में 2 लोग जलकर मर गए। उन्हें डंपर से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन तब तक डंपर पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस को एक डंपर से 2 शव मिले। पूरी खबर पढ़िए
अयोध्या रामनवमी मेले के आखिरी तीन दिन अनुमान है कि मुख्य पर्व रामजन्मोत्सव पर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए राममंदिर ट्रस्ट और प्रशासन सुविधाएं भी विकसित करने में जुटा है। रामजन्मभूमि पथ पर अस्थाई कैनोपी लगाई जा चुकी है और मुख्य पर्व तक पथ पर लाल कारपेट भी बिछा दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए 200 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने रामनवमी पर हो रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम के ललाट पर सूर्य अभिषेक की तैयारियां चल रही हैं और विशेषज्ञों की एक टीम इस काम में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सूर्य अभिषेक का प्रसारण पूरे विश्व में किया जाएगा। चंपत राय ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। मंदिर के शिखर का किया गया पूजन
राममंदिर के शिखर पर कलश की विधिपूर्वक पूजा की गई। राममंदिर के अलावा परिसर में स्थित सभी 16 मंदिरों के शिखरों पर कलश स्थापित किए जाएंगे। इन सभी कलशों का सामूहिक पूजन नवरात्र की पंचमी तिथि को वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में किया गया। इन मंदिरों के कलशों को स्वर्णमंडित करने की योजना भी बनाई गई है। कलश पूजन के मुख्य यजमान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास रहे। इस अवसर पर राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर के शिखर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, और केवल 10 प्रतिशत काम बाकी है। अप्रैल के अंत तक शिखर का काम पूर्ण हो जाएगा, 31 लेयरों में से केवल दो लेयर ही शेष हैं। परकोटे में बन रहे छह मंदिरों में लगेंगे शिखर इसके साथ ही राममंदिर के अलावा परकोटे में बन रहे छह मंदिरों (भगवान सूर्य, हनुमान, गणेश, माता जगदंबा, शंकर और माता अन्नपूर्णा) और सप्तमंडप के सात मंदिरों (महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, अहिल्या और शबरी) के साथ-साथ संत तुलसीदास और शेषावतार मंदिर के शिखर पर भी कलश स्थापित किए जाएंगे। इन सभी कलशों का सामूहिक पूजन संपन्न हो चुका है, और अब अलग-अलग तिथियों और मुहूर्तों में इन कलशों की स्थापना की जाएगी। चम्पत राय ने नवमी मेला में श्रद्धालुओं को जारी की एडवाइजरी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय ने नवमी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य रक्षा के कुछ उपायों के साथ अयोध्या आने का निवेदन किया है। ट्रस्ट के महामंत्री ने एक विनम्र निवेदन में कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे सिर को धूप से बचाने का उपाय (टोपी, पगड़ी, गमछा आदि)करके बाहर निकलें। नींबू, चीनी, नमक अथवा ओआरएस घोल गिलास के साथ रख सकें तो अति उत्तम। जौ के सत्तू की व्यवस्था हो सके तो लू से तो बचाव होगा ही पेट पर भी संकट नहीं आएगा। उल्लेखनीय है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और प्रशासन की ओर से पेयजल समेत सभी नागरिक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है किन्तु अयोध्या धाम तक पहुंचने के रास्ते में भी कोई असुविधा न हो और अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आ जाने पर भी सब ठीक रहें, इस निमित्त ट्रस्ट महामंत्री का निवेदन निश्चित ही महत्वपूर्ण है। गर्मी से बचने को भक्तिपथ पर लगाया गया शेड
भक्तिपथ पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 600 मीटर लंबे भक्तिपथ पर अस्थाई रूप से शेड लगाया गया है। श्रद्धालु इस मार्ग से होकर सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनक भवन दर्शन के लिए जाते हैं, जहां लंबी कतारें लगती हैं।
रोजाना 70 हजार से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं और मुख्य पर्व पर यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। शेड लगाने से श्रद्धालुओं को तेज धूप से राहत मिलेगी। भक्तिपथ पर पेयजल की व्यवस्थाएं भी बढ़ाई जा रही हैं, और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। ———– यह जरूरी खबर भी पढ़िए अयोध्या में 3 गाड़ियों की भिड़ंत, 2 जिंदा जले..VIDEO:हाईवे पर डंपर ने अचानक ब्रेक मारी, 2 और टकराए, निकलने का मौका तक नहीं मिला अयोध्या में 3 डंपरों की आपस में भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दो डंपरों में भीषण आग लग गई। हादसे में 2 लोग जलकर मर गए। उन्हें डंपर से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन तब तक डंपर पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस को एक डंपर से 2 शव मिले। पूरी खबर पढ़िए