हमें खुले में नहाना पड़ रहा, CCTV लगे हैं:गोरखपुर में महिला सिपाहियों का 6 घंटे हंगामा; प्रेग्नेंसी टेस्ट का आदेश देने वाले DIG हटे

‘हमें यहां खुले में नहाना पड़ रहा है। CCTV लगे हैं, आप समझिए…हमारे वीडियो बन गए। जब व्यवस्था नहीं थी, तो हमें बुलाना नहीं चाहिए था।’ गोरखपुर PAC ट्रेनिंग सेंटर के बाहर बुधवार सुबह 8 बजे यही बात चिल्लाते हुए एक ट्रेनी महिला सिपाही बेसुध हो गई। इसके बाद एक-एक कर 600 महिला सिपाही रोती-चीखती ट्रेनिंग सेंटर से बाहर आ गईं। एक महिला ट्रेनी सिपाही ने कहा- दो दिन से हमें पानी नहीं मिल रहा। मांगने पर प्रभारी कहते हैं कि मुंह में पाइप डाल देंगे। वहीं, रोते हुए दूसरी महिला सिपाही ने कहा- एक-एक कमरे में 30-30 रिक्रूटों को रखा गया है, लेकिन पंखा एक ही है। 14 सिपाहियों को तो टीन-शेड में रखा गया है। टॉयलेट में गंदगी ही गंदगी है। कहने पर आरटीसी प्रभारी हमसे ही साफ करने के लिए कहते हैं। जिस कमरे में हमें रखा गया है, उसमें आने-जाने के लिए एक ही दरवाजा है। वहां पर भी कूलर रख दिया गया है। इसका पानी फर्श पर गिरने से हम लोग आते-जाते फिसलकर गिर जाते हैं। कई घायल हो गई हैं। एक का दांत टूट गया है। महिला सिपाहियों ने यह भी कहा कि ट्रेनिंग सेंटर में 360 लड़कियों के रहने का इंतजाम है, लेकिन 600 रह रही हैं। अफसरों के हाथ-पांव फूले
दरअसल, गोरखपुर पीएसी में 600 महिला ट्रेनी सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है। हंगामे की सूचना मिलते ही अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। कारण यह कि जिस पीएसी टावर में ट्रेनिंग चल रही है, वहां सीएम योगी का आज कार्यक्रम होना है। इसके लिए कल ही योगी गोरखपुर पहुंच गए थे। इसीलिए एडीजी मुथा अशोक जैन और एसएसपी राजकरण सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उनके समझाने पर महिला सिपाही कैंपस के मैदान में बैठ गईं। 5 घंटे तक शिकवा-शिकायतों का दौर चला। महिला सिपाहियों ने कहा- हमसे 6000 रुपए जमा कराए गए हैं, लेकिन नाश्ता नहीं दिया जा रहा। सुबह 8 बजे भोजन मिलने के बाद सीधे रात में 8 बजे भोजन दिया जा रहा है। इसी बीच पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के ट्रेनर और ADG समेत पुलिस के सीनियर अफसर मौके पर जा पहुंचे। महिला सिपाहियों को समझाकर अंदर ले गए। अफसरों ने करीब 5-6 घंटे तक महिला सिपाहियों को समझाया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। महिलाओं ने बाथरूम की गैलरी में लगे कैमरे हटवाने का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हो पाया। दोपहर 3.30 बजे एसएसपी गोरखपुर पीएसी कैंपस से बाहर आए। PAC कमांडेंड आनंद कुमार ने मीडिया से कहा- सभी ट्रेनी महिला सिपाही अब ट्रेनिंग कर रही हैं। जो समस्याएं थीं, उन्हें ठीक कर दिया गया है। इस तरह 7 घंटे के हंगामे के बाद महिला ट्रेनी सिपाहियों की ट्रेनिंग दोबारा शुरू हो गई। मामला लखनऊ तक पहुंचा, तो शुरू हुई धड़ाधड़ कार्रवाई
जैसे ही लखनऊ तक यह मामला पहुंचा, तो अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में ट्रेनिंग सेंटर के फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (PTI) को सस्पेंड कर दिया गया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने शॉर्ट नोटिस पर अफसरों के साथ मीटिंग कर जमकर फटकार लगाई। इसमें सभी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, पीएसी, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और कॉलेज के प्रमुखों को शामिल रहे। इसके तुरंत बाद डीजीपी के निर्देश पर प्लाटून कमांडर एवं आरटीसी प्रभारी संजय राय को सस्पेंड कर दिया गया। उनके अलावा 26वीं बटालियन पीएसी के कमांडेंट आनंद कुमार को काम में लापरवाही करने के आरोप में सस्पेंड किया गया। प्रिंसिपल को हटाकर लखनऊ भेजा गया
पीएसी में महिला ट्रेनी आरक्षियों के बवाल के बाद बुधवार देर रात सरकार ने बड़ा एक्शन लिया। महिला ट्रेनी कॉन्स्टेबल का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने वाले डीआईजी और प्रधानाचार्य पुलिस ट्रेनिंग स्कूल गोरखपुर रोहन पी. कनय को हटा दिया गया है। उन्हें वेटिंग में रखते हुए डीजीपी ऑफिस भेजा गया है। पीटीएस गोरखपुर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार प्रथम को प्रभारी प्रधानाचार्य पीटीएस गोरखपुर बनाया गया है। एडिशनल एसपी केंद्रीय रिजर्व स्टोर कानपुर नगर निहारिका वर्मा को गोरखपुर में 26वीं पीएसी का कमांडेंट बनाया गया है। अब इस मामले की सियासत को समझिए योगी शहर में मौजूद, हंगामा होते ही लखनऊ तक गूंज
महिला ट्रेनी सिपाहियों का हंगामा यूपी की सियासत में भी तूल पकड़ गया। इसका दो बड़े कारण थे। पहला- जिस वक्त हंगामा चल रहा था। CM योगी आदित्यनाथ गोरखपुर नगर निगम में भाषण दे रहे थे। आज वह इसी पीएसी कैंपस में एक आयोजन करने जा रहे हैं। दूसरा- योगी सरकार की प्रायरिटी में महिला सुरक्षा है, वहीं पर PAC में महिला सिपाही खुद को असुरक्षित बता रही थीं। यही वजह है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आप सांसद और सपा सांसद चंद्रशेखर ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। अब जानिए कि मामले की शुरुआत कहां से हुई प्रेग्नेंसी जांच के आदेश पर भी भड़कीं महिला सिपाही
दरअसल, महिला सिपाहियों का ट्रेनिंग से पहले हेल्थ चेकअप होना था। इसी बीच, डीआईजी रोहन पी. ने हेल्थ चेकअप के दौरान प्रेग्नेंसी जांच कराने का भी निर्देश जारी कर दिया। इसके लिए CMO को पत्र लिखकर मेडिकल टीम बुलाई गई। सूत्रों ने बताया कि इस आदेश के बाद महिला सिपाही नाराज हो गईं। हालांकि, आईजी ट्रेनिंग चंद्र प्रकाश ने डीआईजी का आदेश निरस्त कर दिया। कहा- किसी अनमैरिड महिला सिपाही की प्रेग्नेंसी जांच नहीं कराई जाएगी। अगर कोई प्रेग्नेंट है तो वह खुद शपथपत्र देकर बाद के बैच में जा सकती है। दरअसल, पुलिस ट्रेनिंग के दौरान नियम है कि शादीशुदा महिला सिपाहियों की प्रेग्नेंसी जांच की जाती है। अनमैरिड लड़कियों को एक शपथपत्र देना होता है कि वे प्रेग्नेंट नहीं हैं। जो प्रेग्नेंट होती हैं, उन्हें ट्रेनिंग से अलग कर दिया जाता है। यानी, बाद के बैच में शिफ्ट कर दिया जाता है। ————————– ये खबर भी पढ़ें : गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाही रोते-चिल्लाते बाहर आईं, एक बोली- बाथरूम में कैमरे लगे, PTI सस्पेंड गोरखपुर में ट्रेनी महिला सिपाहियों ने बुधवार सुबह 8 बजे हंगामा कर दिया। 600 महिला सिपाही रोती-चिल्लाती ट्रेनिंग सेंटर से बाहर आ गईं। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। एक महिला सिपाही ने कहा- ट्रेनिंग सेंटर के बाथरूम में कैमरे लगे हैं। हमारे वीडियो बन गए हैं। क्या उनको वापस किया जाएगा? अब क्या होगा? कल कुछ अफसर आए थे, वो खरी-खोटी सुनाकर चले गए। पढ़िए पूरी खबर…