‘अखिलेश का ल्यारी राज चाहिए या धुरंधर सीएम?’:लखनऊ में लगे पोस्टर पर लिखा; मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली के दंगे गिनाए

लखनऊ में आज रात में सड़क किनारे होर्डिंग लगा दिए गए। इन पर पूछा गया है आपको क्या चाहिए… अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम। इसमें एक तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर काला चश्मा लगाए हुए लगाई गई है। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कन्या पूजन करते हुए है। दोनों तस्वीरों के नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं और एक्शन की खबर कटिंग लगाई है। इन कटिंग्स के जरिये बताया गया है कि अखिलेश के सीएम रहते मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली आदि में दंगे हुए। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक, मुख्तार पर एक्शन की कटिंग लगी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे होर्डिंग ये होर्डिंग लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों के साथ मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी लगाए गए हैं। ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के नाम से लगाए गए इन होर्डिंग्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
होर्डिंगों के सामने आते ही राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। होर्डिंग पर संगठन ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पदाधिकारियों के नाम हैं। इनमें संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, महामंत्री अभिनव तिवारी के नाम फोटो सहित लगे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हुए दंगों को ल्यारी राज बताया गया है। समाजवादी पार्टी की सरकार को बताया ल्यारी राज होर्डिंगों में समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली दंगों का उल्लेख करते हुए सपा पर सीधा हमला किया गया है। इन घटनाओं को ‘ल्यारी राज’ की संज्ञा देते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि उस दौर में कानून-व्यवस्था कमजोर रही। सीएम योगी को ‘धुरंधर’ बताया होर्डिंगों में वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को को ‘धुरंधर’ बताते हुए माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। इनमें अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला से जुड़े मामलों की अखबारों की कटिंग्स भी लगाई गई हैं, जिनके जरिये सख्त कानून-व्यवस्था का संदेश देने की कोशिश की गई है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग : 2012-2017 की खबरों की कटिंग लगाई, लिखा- ल्यारी राज नहीं भूलेंगे लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग लगाया गया है। इसके जरिये उनके 2012 से 2017 तक के शासनकाल पर सवाल खड़े किए गए हैं। इस होर्डिंग पर लिखा है- सपा का ल्यारी राज न भूले हैं, न भूलेंगे। उस दौरान 5 साल में हुई घटनाओं की खबरों की कटिंग लगाई गई है। इस पर नीचे समाजसेवी देवेंद्र तिवारी लिखा गया है। (पूरी खबर पढ़िए)