आजम खान 23 महीने बाद मंगलवार को सीतापुर जेल से बाहर आ गए। सपा की सांसद रुचि वीरा आजम को रिसीव करने पहुंची थीं, लेकिन यादव परिवार का कोई भी व्यक्ति सीतापुर नहीं पहुंचा। आजम खान से पत्रकारों ने सवाल पूछा- आप सपा और मुस्लिमों के बड़े नेता हैं, बसपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं? जवाब में आजम खान पहले चुप हो गए। फिर मुस्कुरा दिए। उन्होंने कहा, हम कोई बड़े नेता नहीं हैं। अगर बड़े नेता होते तो बड़ा नेता लेने आता। बड़े को बड़ा लेने आता है। छोटे को कौन लेने आता है? मैं देश का इकलौता नेता हूं, जिसने एक विधानसभा से 12 बार चुनाव जीता है। आजम ने इशारों में अखिलेश यादव पर निशाना साधा। हालांकि, वे यह भी दावा करते रहे कि उनकी अखिलेश से कोई नाराजगी नहीं है। बसपा में शामिल होने की अटकलों पर आजम खान ने कहा- यह केवल वही लोग बता सकते हैं, जो अटकलें लगा रहे हैं। मैं जेल में किसी से नहीं मिला। मुझे फोन करने की इजाजत नहीं थी। इसलिए, मैं 5 साल तक पूरी तरह से बाहर के संपर्क में नहीं रहा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब अखिलेश की बात… सपा सरकार बनने पर सभी केस वापस होंगे
अखिलेश यादव लखनऊ में हैं। यहां से सीतापुर की दूरी महज 88 किमी है। सीतापुर जेल में आजम खान अभी तक बंद थे। पत्रकारों ने आजम की रिहाई से जुड़ा सवाल पूछा। सपा मुखिया ने कहा, आजम खान जेल से रिहा हो गए हैं। मैं इसके लिए न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं। हम समाजवादियों को विश्वास था कि न्यायालय न्याय करेगा। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई भी झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और कोई अन्याय नहीं होगा। एक अधिकारी को बार-बार सेवा विस्तार दिया जा रहा था। यह समाजवादियों के लिए खुशी की बात है कि वह रिहा हो गए हैं। अखिलेश ने कहा, हमें उम्मीद है आने वाले समय में आजम साहब के सभी मुकदमे खत्म होंगे। जितने भी झूठे मुकदमे लगे हैं आजम साहब पर, समाजवादी सरकार में सब वापस लेने का काम होगा। अब रिहाई पर नेताओं के रिएक्शन पढ़िए शिवपाल बोले- सपा आजम के साथ खड़ी थी और है केशव ने कहा- आजम खान चाहे सपा में रहें या बसपा में जाएं… सरकार और आजम के बीच कोई तो खिचड़ी पकी है
बसपा के पूर्व मंडल कोआर्डिनेटर सुनील कुमार आजाद ने बताया- भाजपा ऐसे ही तो आजम खां को रिहा नहीं करेगी। सरकार और आजम खान के बीच कोई तो खिचड़ी पकी है। सरकार चुनाव के टाइम पर आजम को जेल से बाहर लाई है, तो किसी मकसद से लाई होगी। कोई हिडन पैक्ट तो हुआ है। जहां तक बसपा में आजम के आने का सवाल है, तो बहनजी ही इस बारे में कुछ बता सकती हैं। आजम बसपा में आते हैं तो उनका स्वागत है। आजम के पास कांग्रेस में जाने का रास्ता भी है। हो सकता है वो कांग्रेस का रुख करें। अभी कुछ कह नहीं सकते। आजम को बेल मिली है, बरी नहीं हुए- भाजपा विधायक रामपुर शहर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने ही आजम खान पर केस दर्ज कराया था। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी और बाद में सजा हुई थी। अब आजम की रिहाई पर आकाश ने कहा- न्यायपालिका का जो भी फैसला रहा हो, उसका हमने हमेशा सम्मान किया है। आजम को बेल मिली है, बरी नहीं हुए हैं। मुकदमों की पैरवी मजबूती से चल ही रही है। रामपुर की जनता ने 2012 से लेकर 2017 तक जो समय काटा है, वह वही बता सकती है। जो होता है, अच्छे के लिए होता है। आगे भी अच्छा ही होगा। 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने आजम खान को दी थी जमानत 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने आजम को बीयर बार पर कब्जे से जुड़े केस में जमानत दी थी। यह आखिरी मामला था, जिसमें उन्हें जमानत मिली। हालांकि, जमानत मिलते ही पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दीं। 20 सितंबर को रामपुर कोर्ट ने ये धाराएं खारिज कर दीं, जिससे रिहाई का रास्ता साफ हो गया। आजम के खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें अकेले रामपुर में 93 मामले दर्ज हैं। 12 मुकदमों में फैसला आ चुका है। कुछ में सजा हुई है और कुछ में वे बरी हो गए हैं। सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है। 2022 में भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आजम की विधायकी चली गई थी। आजम फरवरी, 2020 में गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले रामपुर जेल भेजे गए थे। वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। मई, 2022 में आजम खान जेल से जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद एक मामले में सजा होने के बाद 18 अक्टूबर, 2023 को आजम खान ने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें पहले रामपुर जेल भेजा गया, फिर सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। ———– यह खबर भी पढ़िए:- आजम जेल से छूटे, 100 गाड़ियों के साथ रामपुर रवाना:शाहजहांपुर और बरेली में सपाइयों ने किया स्वागत, घर को झालरों से सजाया सपा नेता आजम खान 23 महीने बाद मंगलवार दोपहर सीतापुर जेल से रिहा हो गए। वे 100 गाड़ियों के काफिले के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में जगह-जगह कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे हैं। रामपुर में आजम के घर को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। घर के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता उनका इंतजार कर रहे हैं। जेल से निकलते वक्त आजम पुराने अंदाज में नजर आए। उन्होंने काला चश्मा, काली सदरी और सफेद कुर्ता पहन रखा था। पढ़ें पूरी खबर…
अखिलेश यादव लखनऊ में हैं। यहां से सीतापुर की दूरी महज 88 किमी है। सीतापुर जेल में आजम खान अभी तक बंद थे। पत्रकारों ने आजम की रिहाई से जुड़ा सवाल पूछा। सपा मुखिया ने कहा, आजम खान जेल से रिहा हो गए हैं। मैं इसके लिए न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं। हम समाजवादियों को विश्वास था कि न्यायालय न्याय करेगा। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई भी झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और कोई अन्याय नहीं होगा। एक अधिकारी को बार-बार सेवा विस्तार दिया जा रहा था। यह समाजवादियों के लिए खुशी की बात है कि वह रिहा हो गए हैं। अखिलेश ने कहा, हमें उम्मीद है आने वाले समय में आजम साहब के सभी मुकदमे खत्म होंगे। जितने भी झूठे मुकदमे लगे हैं आजम साहब पर, समाजवादी सरकार में सब वापस लेने का काम होगा। अब रिहाई पर नेताओं के रिएक्शन पढ़िए शिवपाल बोले- सपा आजम के साथ खड़ी थी और है केशव ने कहा- आजम खान चाहे सपा में रहें या बसपा में जाएं… सरकार और आजम के बीच कोई तो खिचड़ी पकी है
बसपा के पूर्व मंडल कोआर्डिनेटर सुनील कुमार आजाद ने बताया- भाजपा ऐसे ही तो आजम खां को रिहा नहीं करेगी। सरकार और आजम खान के बीच कोई तो खिचड़ी पकी है। सरकार चुनाव के टाइम पर आजम को जेल से बाहर लाई है, तो किसी मकसद से लाई होगी। कोई हिडन पैक्ट तो हुआ है। जहां तक बसपा में आजम के आने का सवाल है, तो बहनजी ही इस बारे में कुछ बता सकती हैं। आजम बसपा में आते हैं तो उनका स्वागत है। आजम के पास कांग्रेस में जाने का रास्ता भी है। हो सकता है वो कांग्रेस का रुख करें। अभी कुछ कह नहीं सकते। आजम को बेल मिली है, बरी नहीं हुए- भाजपा विधायक रामपुर शहर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने ही आजम खान पर केस दर्ज कराया था। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी और बाद में सजा हुई थी। अब आजम की रिहाई पर आकाश ने कहा- न्यायपालिका का जो भी फैसला रहा हो, उसका हमने हमेशा सम्मान किया है। आजम को बेल मिली है, बरी नहीं हुए हैं। मुकदमों की पैरवी मजबूती से चल ही रही है। रामपुर की जनता ने 2012 से लेकर 2017 तक जो समय काटा है, वह वही बता सकती है। जो होता है, अच्छे के लिए होता है। आगे भी अच्छा ही होगा। 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने आजम खान को दी थी जमानत 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने आजम को बीयर बार पर कब्जे से जुड़े केस में जमानत दी थी। यह आखिरी मामला था, जिसमें उन्हें जमानत मिली। हालांकि, जमानत मिलते ही पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दीं। 20 सितंबर को रामपुर कोर्ट ने ये धाराएं खारिज कर दीं, जिससे रिहाई का रास्ता साफ हो गया। आजम के खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें अकेले रामपुर में 93 मामले दर्ज हैं। 12 मुकदमों में फैसला आ चुका है। कुछ में सजा हुई है और कुछ में वे बरी हो गए हैं। सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है। 2022 में भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आजम की विधायकी चली गई थी। आजम फरवरी, 2020 में गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले रामपुर जेल भेजे गए थे। वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। मई, 2022 में आजम खान जेल से जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद एक मामले में सजा होने के बाद 18 अक्टूबर, 2023 को आजम खान ने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें पहले रामपुर जेल भेजा गया, फिर सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। ———– यह खबर भी पढ़िए:- आजम जेल से छूटे, 100 गाड़ियों के साथ रामपुर रवाना:शाहजहांपुर और बरेली में सपाइयों ने किया स्वागत, घर को झालरों से सजाया सपा नेता आजम खान 23 महीने बाद मंगलवार दोपहर सीतापुर जेल से रिहा हो गए। वे 100 गाड़ियों के काफिले के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में जगह-जगह कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे हैं। रामपुर में आजम के घर को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। घर के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता उनका इंतजार कर रहे हैं। जेल से निकलते वक्त आजम पुराने अंदाज में नजर आए। उन्होंने काला चश्मा, काली सदरी और सफेद कुर्ता पहन रखा था। पढ़ें पूरी खबर…