गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। कहा- अखिलेश यादव को मैं उन्हें उसी रेट पर सामान दिलाऊंगा, जो कल मैंने बोला था। इसके लिए उन्हें गोरखपुर आना पड़ेगा। मैं उसी दुकान में ले चलूंगा। जहां 3000 का जैकेट 1600 रुपए में मिल रहा है। अखिलेश ने मेरी बात ध्यान से सुनी नहीं और ट्वीट कर दिया। दरअसल, रवि किशन ने 22 सितंबर को कहा था कि जीएसटी रिफॉर्म से लोगों को 50 फीसदी तक छूट मिल रही है। 100 रुपए का सामान 45 रुपए में मिलेगा। 5 हजार रुपए का सामान 2,600 और 3 हजार की जैकेट 1,600 रुपए में मिलेगी। साड़ी, लहंगा, चुनरी सब पर 50 फीसदी तक छूट मिलेगी। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया। अखिलेश ने लिखा- ये (सांसद) झूठे भले न हों, लेकिन अज्ञानी जरूर हैं। अब पढ़िए रवि किशन ने आज जो कुछ कहा अखिलेश सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए
रवि किशन ने कहा- मैं किसी के ट्वीट पर टिप्पणी नहीं करता। अक्सर किसी की बात का जवाब नहीं देता। लेकिन, इस बार जवाब दूंगा। गरीब को एक रुपए का फायदा हुआ, तो बहुत बड़ा फायदा होता है। अखिलेशजी, आप लोग सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। आप धूप, दर्द क्या देखे हो? आपने अखबार बांटे, पिता की टूटी साइकिल देखी, फटी धोती देखी, गांव-समाज का तिरस्कार देखा, नहीं देखा है न। तब आप नहीं समझेंगे। एक दुकान में 3000 की जैकेट 1600 की हो गई। हम गरीबी से आए हैं। हमारे लिए 10-20 रुपए की छूट भी बहुत बड़ी होती है। आप लोगों को दिक्कत है कि प्रधानमंत्री यह सब कहां से गरीबों के लिए लाते हैं। अखिलेश बड़े नेता, लेकिन सच हमारी पहचान है
रवि किशन ने कहा- जीएसटी में छूट के बाद जिस फायदे की बात की थी, मैं उस पर कायम हूं। अखिलेश हमको अज्ञानी कहें, तो कहते रहें। हम कहां कहते हैं कि हम ज्ञानी हैं, लेकिन सच्चे हैं। गरीबी से आए हैं। सच हमारी पहचान है। अखिलेश गोरखपुर आएं और यहां की भव्यता देखें। जहां लाशें बहती थीं, वहां क्रूज चल रहा। गरीबी देखकर कोई आता है, तो चायवाला प्रधानमंत्री बनता है। अखिलेश बहुत बड़े नेता हैं। मैं गरीब ब्राह्मण का लड़का हूं। मिट्टी के घर से अपनी शुरुआत की है। आजम खान को जमानत मिली है, वो रिहा नहीं हुए
आजम खान की रिहाई पर रवि किशन ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। आजम खान को जमानत मिली है, वह रिहा नहीं हुए। अखिलेश यादव के सरकार में आने पर आजम के मुकदमे खत्म करने की बात पर कहा- जब पुख्ता सबूत होता है, तब केस बनता है। तभी उस पर कोर्ट में निर्णय होता है। मुकदमे वापस लेकर ही अखिलेश यादव इतने सालों से सत्ता से बाहर हैं। अब उत्तर प्रदेश में वो जंगलराज नहीं है। गुंडाराज नहीं है। बंदूक लहराते अनगिनत हत्याओं का दौर नहीं है। अब बहन-बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ नहीं होता। इसीलिए भाजपा बार-बार सरकार बना रही है। 2027 में भी 300 से ज्यादा सीटें आएंगी। अब पढ़िए अखिलेश यादव ने क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने X हैंडल पर रवि किशन के जीएसटी को लेकर दिए बयान का वीडियो पोस्ट किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जीएसटी के नाम पर ‘उदाहरण के साथ’ सब चीजों का रेट 50% कम बताने वाले ऐसे लोग जिन्हें कुछ भी नहीं पता, वो ना ही बोलें तो भला है। ये झूठे भले न हों, लेकिन अज्ञानी जरूर हैं। अभी इनके पास दिल्ली या वित्त मंत्री की तरफ से ‘समझाइश के रूप में डपटाई’ का फोन आता होगा। ऐसा फोन लखनऊ से नहीं आएगा, क्योंकि उधर भी हाल ऐसा ही है। जनता ऐसे लोगों को साथ में बाजार लेकर जाए और इनके झूठ की पोल खोले। इससे इनकी अक्ल ठिकाने आएगी। भाजपाई मुंह पर झूठ बोलने का ब्रह्मांड रिकार्ड बना रहे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़िए- आजम खान के जेल से बाहर आने से किसे नुकसान?, भाजपा को डर या राजनीतिक कारणों से जेल में रखना चाहती है सरकार सपा के पूर्व मंत्री आजम खान को उनके आखिरी केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को जमानत दी। तब लगा कि अब आजम के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन तभी रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ते हुए उन्हें 20 सितंबर को तलब कर लिया है। क्या यह किसी रणनीति के तहत हुआ? या महज इत्तफाक था? क्या सरकार आजम खान की रिहाई में अड़चन डाल रही है? आजम खान से भाजपा क्या डर रही है? 2027 विधानसभा चुनावों पर इसका क्या असर पड़ेगा? दैनिक भास्कर की इस खबर में इन सभी सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे। पढ़िए पूरी खबर
रवि किशन ने कहा- मैं किसी के ट्वीट पर टिप्पणी नहीं करता। अक्सर किसी की बात का जवाब नहीं देता। लेकिन, इस बार जवाब दूंगा। गरीब को एक रुपए का फायदा हुआ, तो बहुत बड़ा फायदा होता है। अखिलेशजी, आप लोग सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। आप धूप, दर्द क्या देखे हो? आपने अखबार बांटे, पिता की टूटी साइकिल देखी, फटी धोती देखी, गांव-समाज का तिरस्कार देखा, नहीं देखा है न। तब आप नहीं समझेंगे। एक दुकान में 3000 की जैकेट 1600 की हो गई। हम गरीबी से आए हैं। हमारे लिए 10-20 रुपए की छूट भी बहुत बड़ी होती है। आप लोगों को दिक्कत है कि प्रधानमंत्री यह सब कहां से गरीबों के लिए लाते हैं। अखिलेश बड़े नेता, लेकिन सच हमारी पहचान है
रवि किशन ने कहा- जीएसटी में छूट के बाद जिस फायदे की बात की थी, मैं उस पर कायम हूं। अखिलेश हमको अज्ञानी कहें, तो कहते रहें। हम कहां कहते हैं कि हम ज्ञानी हैं, लेकिन सच्चे हैं। गरीबी से आए हैं। सच हमारी पहचान है। अखिलेश गोरखपुर आएं और यहां की भव्यता देखें। जहां लाशें बहती थीं, वहां क्रूज चल रहा। गरीबी देखकर कोई आता है, तो चायवाला प्रधानमंत्री बनता है। अखिलेश बहुत बड़े नेता हैं। मैं गरीब ब्राह्मण का लड़का हूं। मिट्टी के घर से अपनी शुरुआत की है। आजम खान को जमानत मिली है, वो रिहा नहीं हुए
आजम खान की रिहाई पर रवि किशन ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। आजम खान को जमानत मिली है, वह रिहा नहीं हुए। अखिलेश यादव के सरकार में आने पर आजम के मुकदमे खत्म करने की बात पर कहा- जब पुख्ता सबूत होता है, तब केस बनता है। तभी उस पर कोर्ट में निर्णय होता है। मुकदमे वापस लेकर ही अखिलेश यादव इतने सालों से सत्ता से बाहर हैं। अब उत्तर प्रदेश में वो जंगलराज नहीं है। गुंडाराज नहीं है। बंदूक लहराते अनगिनत हत्याओं का दौर नहीं है। अब बहन-बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ नहीं होता। इसीलिए भाजपा बार-बार सरकार बना रही है। 2027 में भी 300 से ज्यादा सीटें आएंगी। अब पढ़िए अखिलेश यादव ने क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने X हैंडल पर रवि किशन के जीएसटी को लेकर दिए बयान का वीडियो पोस्ट किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जीएसटी के नाम पर ‘उदाहरण के साथ’ सब चीजों का रेट 50% कम बताने वाले ऐसे लोग जिन्हें कुछ भी नहीं पता, वो ना ही बोलें तो भला है। ये झूठे भले न हों, लेकिन अज्ञानी जरूर हैं। अभी इनके पास दिल्ली या वित्त मंत्री की तरफ से ‘समझाइश के रूप में डपटाई’ का फोन आता होगा। ऐसा फोन लखनऊ से नहीं आएगा, क्योंकि उधर भी हाल ऐसा ही है। जनता ऐसे लोगों को साथ में बाजार लेकर जाए और इनके झूठ की पोल खोले। इससे इनकी अक्ल ठिकाने आएगी। भाजपाई मुंह पर झूठ बोलने का ब्रह्मांड रिकार्ड बना रहे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़िए- आजम खान के जेल से बाहर आने से किसे नुकसान?, भाजपा को डर या राजनीतिक कारणों से जेल में रखना चाहती है सरकार सपा के पूर्व मंत्री आजम खान को उनके आखिरी केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को जमानत दी। तब लगा कि अब आजम के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन तभी रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ते हुए उन्हें 20 सितंबर को तलब कर लिया है। क्या यह किसी रणनीति के तहत हुआ? या महज इत्तफाक था? क्या सरकार आजम खान की रिहाई में अड़चन डाल रही है? आजम खान से भाजपा क्या डर रही है? 2027 विधानसभा चुनावों पर इसका क्या असर पड़ेगा? दैनिक भास्कर की इस खबर में इन सभी सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे। पढ़िए पूरी खबर