अतीक का शूटर अरमान चेहरा ढंककर कोर्ट पहुंचा:उमेश पाल की हत्या में गिरफ्तारी हुई; बिहार पुलिस वापस ले गई

माफिया अतीक अहमद के शूटर अरमान को पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:15 बजे प्रयागराज कोर्ट में पेश किया। स्पेशल जज एससी-एसटी मयंक कुमार की कोर्ट ने अरमान को 14 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। अब प्रयागराज पुलिस कोर्ट में अरमान को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दाखिल करेगी। दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में अरमान को प्रयागराज पुलिस ने सोमवार को ऑफिशियली गिरफ्तार किया है। वहीं, कोर्ट के इस आदेश के बाद बिहार पुलिस अरमान को अपने साथ ले गई। अरमान को गयाजी जेल में दाखिल करेगी। कोर्ट से अरमान की रिमांड मिलने पर उसे प्रयागराज पुलिस के हवाले कर देगी। इससे पहले कोर्ट में पेश करने के दौरान अरमान की सुरक्षा में 40 पुलिसकर्मी साथ रहे। अरमान का चेहरा सफेद गमछे से ढंका गया था। मीडिया ने अरमान से पूछा- शाइस्ता परवीन और गुड्डू मुस्लिम कहां हैं? लेकिन, अरमान ने इन सवालों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया। अरमान की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में भी 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। इनमें महिला पुलिस, PAC, 3 ACP समेत बिहार पुलिस के कमांडों भी शामिल रहे। अरमान 5 लाख का इनामी है। वह पिछले 3 साल से बिहार की गयाजी जेल में बंद था। वहां से अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाया गया था। प्रयागराज पुलिस को अरमान से उमेश पाल हत्याकांड के बारे में पूछताछ करनी है। साथ ही यह भी जानना है कि माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा कहां हैं? शूटर अरमान की तस्वीरें… सरकारी वकील बोले- 14 दिन बाद की तारीख लगी है सरकारी वकील मनोज पांडेय ने बताया- अतीक अहमद का शूटर अरमान था। सूचना मिलने के बाद बिहार पुलिस के साथ अरमान को एससी/एसटी कोर्ट में लाया गया। आरोपों से संबंधित सभी पेपर अरमान को उपलब्ध कराए गए। जब उससे कोर्ट ने पूछा कि आपको वकील चाहिए, तो उसने हां कहा। इस पर कोर्ट ने निशुल्क अधिवक्ता देने के लिए उससे एप्लिकेशन लिया है। अब अगली तारीख 14 दिन बाद लगी है। उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की अब आधिकारिक गिरफ्तारी कोर्ट में प्रयागराज पुलिस ने बताया कि अरमान जमानत तुड़वाकर बिहार की जेल चला गया था। अब तक इस मामले में उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई थी। जेल में होने की जानकारी मिलने के बाद यूपी पुलिस ने इस केस में उसकी गिरफ्तारी दर्ज की और कोर्ट में पेश किया। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब यूपी पुलिस उसके रिमांड की मांग कर सकती है। रिमांड मिलने पर पुलिस हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य जुटाने और उससे पूछताछ करने की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी। परिवार को एनकाउंटर का डर सता रहा अरमान को यूपी लाए जाने की सूचना के बाद उसके पिता शमीम और मां असगरी खातून को एनकाउंटर का डर सता रहा है। अरमान के पिता ने गयाजी कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने अरमान को यूपी पुलिस के हवाले न करने की मांग की थी। उनका कहना था कि अगर पुलिस को पूछताछ करनी है, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाए। उमेश पाल हत्याकांड के ज्यादातर आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अरमान का भी हथियार बरामदगी के नाम पर एनकाउंटर किया जा सकता है। मां ने कहा था- उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा अरमान की मां असगरी खातून ने कहा था कि मेरे बेटे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हमारा परिवार बहुत गरीब है। हमारे पास रहने के लिए अपना पक्का मकान तक नहीं है। अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। वह कोई पेशेवर अपराधी या बड़ा शूटर नहीं है। वह पिछले 3 साल से जेल में बंद है। अरमान के छोटे भाई इमरान ने कहा था कि पहले भी हम आशंका जता चुके हैं कि भाई की जान को खतरा है। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज ले गई । डर है कि अरमान के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। अदालत का जो भी फैसला होगा, परिवार उसे स्वीकार करेगा। लेकिन, अरमान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अरमान के वकील बोले- जेल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत गयाजी के मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की कोर्ट में अरमान के माता-पिता की अर्जी पर 1 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने अरमान के घरवालों और वकील की अर्जी को खारिज कर दिया था। अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की थी। वकील ने पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा था- अरमान की जान को खतरा है। यूपी में अरमान की हत्या हो सकती है। यूपी पुलिस और गयाजी सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहम्मद अरमान की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। हमने कोर्ट में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अरमान 27 फरवरी, 2023 से गया जेल में बंद है। उसे यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। अरमान ने कोर्ट में किया था सरेंडर अरमान मूल रूप से गयाजी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस से बचने के लिए वह गयाजी आ गया था। अरमान ने कटारी तालाब के पास ‘भोलू अंडा वाले’ पर फायरिंग की थी। इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज था। इसी मामले में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद अरमान को गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। अब जानिए कैसे गयाजी जेल तक पहुंची यूपी पुलिस यूपी पुलिस पिछले 3 साल से अरमान की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गयाजी जेल पहुंची। वहां पुलिस ने अरमान की ताजा तस्वीर ली और सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस प्रयागराज लौट आई। इसके बाद 1 अक्टूबर को गया कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की। गुड्डू मुस्लिम के साथ गोलीबारी करते दिखा था अरमान ……………………. ये खबर भी पढ़िए… अखिलेश सपा सांसदों के साथ चुनाव आयोग को घेरेंगे:6 अक्टूबर को दिल्ली मार्च में शामिल होंगे, INDIA गठबंधन की बैठक में नहीं जाने से उठे थे सवाल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, डिंपल यादव समेत पार्टी के सभी 37 सांसद 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग का घेराव करेंगे। अखिलेश ने अपने सभी सांसदों को इंडिया गठबंधन के मार्च में शामिल होने के लिए कहा है। पढ़ें पूरी खबर….