स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को कानपुर में अपने घर पहुंचे। केशव नगर स्थित आवास पहुंचते ही घर की महिलाओं ने शंखनाद से उनका स्वागत किया। मां गीता अग्निहोत्री ने माला पहनाकर गले से लगाया। समर्थकों ने भी अलंकार अग्निहोत्री को फूल-माला से लाद दिया। लोगों ने नारेबाजी की- देखो-देखो शेर आया…। जमकर डांस किया। अलंकार ने सभी का अभिनंदन स्वीकार किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में अलंकार ने कहा- वह दो से तीन दिन में प्लान बनाकर शंकराचार्य से मिलने जाएंगे। फिलहाल शंकराचार्य की तरफ से दिए जाने वाले किसी पद को लेने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा- हमारा अगला कदम देश का एक और काला कानून SC-ST एक्ट की वापसी है। 95% फर्जी शिकायतें दर्ज होती हैं। सामान्य वर्ग के ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ, वैश्य, भूमिहार और OBC वर्ग के लोग प्रताड़ित होते हैं। पैसों की वसूली की जाती है। 7 दिन में स्पेशल पार्लियामेंट्री सेशन बुलाकर सरकार इस पर फैसला नहीं लेती तो हम आंदोलन के साथ दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। हम आप दोनों (पीएम मोदी और अमित शाह) को चार्टेड प्लान से गुजरात छोड़कर आएंगे। देश में आप अल्मत में हैं। आपने देश की आत्मा पर हमला किया है। मैं कानपुर से हूं, यहां दांडी मार्च करूंगा। तात्या टोपे की क्रांति करूंगा। कानपुर क्रांतिकारियों का शहर है। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- सोची-समझी साजिश के तहत यूजीसी एक्ट लाया गया था। 2027 के चुनाव को देखते हुए यह एक्ट लाया गया था। क्योंकि केंद्र सरकार की लड़ाई राज्य सरकार से है। एक व्यक्तिगत लड़ाई मुख्यमंत्री से चल रही। योगीजी हमारे राज्य के सीएम हैं। हमारे अपने हैं। जो माननीय भाजपा का विरोध करते हैं तो तीन एजेंसियों (ईडी, CBI और इनकम टैक्स ) के जरिए प्रताड़ित किया जाता है। जब वो लोग इनको समर्थन देते हैं, तो सब ठीक हो जाता है। मैंने कहा था कि UGC एक्ट वापस हो जाए, लेकिन जब 26 जनवरी तक कोई एक्शन नहीं लिया तो मैंने रिजाइन दे दिया। मैंने सोचा कि इससे एक मैसेज जाएगा। इस मैसेज को लोगों ने पिक किया। लोग साथ आए। हमारे पक्ष में 1400 संगठन थे। अलंकार बोले- मोदी-शाह की सोची-समझी साजिश अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 को भारत सरकार के गजट में जारी किया गया। मैं अब साफ तौर पर नाम लेना चाहूंगा, ये मोदी और शाह की सुनियोजित, सोची-समझी साजिश है। उन्होंने एक ऐसा गजट तैयार कराया, जिससे जनरल और OBC को आपस में लड़वा सकें। साजिश रची गई कि 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया जाए। बजरंगबली का आशीर्वाद था कि हम लोगों का विवेक समय पर जाग उठा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस पर रोक लग सकी। सभी पार्टियां हमारे संपर्क में हैं
राजनीतिक दलों के संपर्क में रहने के सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- हमारे संपर्क में सभी पॉलिटिकल पार्टी, ब्राह्मण संगठन, किसान संगठन और सवर्ण समाज, OBC संगठन हैं। SC-ST के संगठन भी हमारे संपर्क में हैं। वेस्ट इंडिया कंपनी के दो लोग लूट रहे हैं अलंकार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- जैसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी लूटने आई थी। वैसे ही अब वेस्ट इंडिया कंपनी के दो लोग लूट रहे हैं। इस वेस्ट इंडिया कंपनी के CEO और MD को चार्टेड प्लेन में बैठाकर गुजरात भेजा जाएगा। कानपुर तात्याटोपे और नाना साहेब पेशवा का शहर है। यहां दांडी मार्च भी करते हैं और दंड भी देते हैं। जब यह सरकार केंद्र में आई, तबसे इनके दिमाग में यही है कि प्रदेश सरकार 1% कमीशन दे दे, हम मौज करें। ED, सीबीआई और इनकम टैक्स के चाटुकार अधिकारियों के माध्यम से सांसद और विधायकों पर दबाव बनाया जाता है। वेस्ट इंडिया कंपनी के CEO और MD अपने तरीकों से सरकार से रंगदारी मांगते हैं।
26 जनवरी को इस्तीफा दिया, बोले- शंकराचार्य के अपमान से आहत हूं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसकी वजह UGC के नए कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई थी। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ। शासन ने उन्हें सस्पेंड कर जांच बैठा दी है। 26 जनवरी की शाम करीब साढ़े 7 बजे सिटी मजिस्ट्रेट डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। बाहर आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा- मुझे डीएम आवास में 45 मिनट बंधक बनाकर रखा गया। लखनऊ से डीएम के पास फोन आया। गाली देते हुए कहा गया पंडित पागल हो गया है। इसको रातभर बंधक बनाकर रखो। मीडिया को मैंने पहले ही बता दिया था। SSP के कहने पर मुझे छोड़ा गया। मैं अपनी जान बचाकर भागा हूं। सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। उन्होंने जाते-जाते कहा था- वे आज बरेली में ही अपने परिचितों के यहां रुके हैं। उनके साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। 5 पेज का लेटर लिखकर दिया था इस्तीफा अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे में 5 पेज का एक लेटर भी लिखा। जिसमें उन्होंने कहा- ‘प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों की चोटी पकड़ी गई।’ उन्होंने लिखा- ऐसी घटना किसी भी साधारण ब्राह्मण को अंदर से हिला देती है। ऐसा लगता है कि प्रशासन और मौजूदा सरकार ब्राह्मणों और साधु-संतों के खिलाफ काम कर रही है। उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ब्राह्मणों की बात करने वाला कोई नहीं है। अलंकार अग्निहोत्री ने सवाल पूछा- क्या ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी है। सिटी मजिस्ट्रेट को मनाने के लिए ADM के साथ तीन अन्य अफसर पहुंचे थे। चारों अफसर करीब एक घंटे सिटी मजिस्ट्रेट के आवास में रहे। फिर लौट गए। सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कई ब्राह्मण संगठनों के नेता अलंकार अग्निहोत्री से मिलने पहुंचे। आवास के बाहर ब्राह्मण नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। ब्राह्मण वर्ग से आने वाले अलंकार अग्निहोत्री 2019 में PCS अफसर बने थे। उनकी 15वीं रैंक आई थी। अलंकार अपने ऑफिस में भगवान बजरंगबली की तस्वीर लगाकर चर्चा में आए थे। उस समय भीम आर्मी ने कलेक्ट्रेट में हंगामा भी किया था। इस दौरान अफसर से नोकझोंक भी हुई थी। ———————- ये खबर भी पढ़िए- ‘ब्राह्मण सांसदों ने क्या घुंघरू पहन रखा है’: बरेली सिटी मजिस्ट्रेट बोले- हालात सिविल वॉर जैसे, नहीं जागे तो पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी ‘क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। ब्राह्मण सांसद-विधायकों से पूछना चाहता हूं- क्या बहन-बेटियों का सड़कों पर रेप होगा, तब भी चुप रहोगे। क्या घुंघरू पहन रखा है, कब बोलेंगे? प्रयागराज डीएम किसके लिए रोटी सेंक रहा था? क्या वह शंकराचार्य है?’ यह बातें बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कही। पढ़ें पूरी खबर…
राजनीतिक दलों के संपर्क में रहने के सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- हमारे संपर्क में सभी पॉलिटिकल पार्टी, ब्राह्मण संगठन, किसान संगठन और सवर्ण समाज, OBC संगठन हैं। SC-ST के संगठन भी हमारे संपर्क में हैं। वेस्ट इंडिया कंपनी के दो लोग लूट रहे हैं अलंकार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- जैसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी लूटने आई थी। वैसे ही अब वेस्ट इंडिया कंपनी के दो लोग लूट रहे हैं। इस वेस्ट इंडिया कंपनी के CEO और MD को चार्टेड प्लेन में बैठाकर गुजरात भेजा जाएगा। कानपुर तात्याटोपे और नाना साहेब पेशवा का शहर है। यहां दांडी मार्च भी करते हैं और दंड भी देते हैं। जब यह सरकार केंद्र में आई, तबसे इनके दिमाग में यही है कि प्रदेश सरकार 1% कमीशन दे दे, हम मौज करें। ED, सीबीआई और इनकम टैक्स के चाटुकार अधिकारियों के माध्यम से सांसद और विधायकों पर दबाव बनाया जाता है। वेस्ट इंडिया कंपनी के CEO और MD अपने तरीकों से सरकार से रंगदारी मांगते हैं।
26 जनवरी को इस्तीफा दिया, बोले- शंकराचार्य के अपमान से आहत हूं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसकी वजह UGC के नए कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई थी। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ। शासन ने उन्हें सस्पेंड कर जांच बैठा दी है। 26 जनवरी की शाम करीब साढ़े 7 बजे सिटी मजिस्ट्रेट डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। बाहर आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा- मुझे डीएम आवास में 45 मिनट बंधक बनाकर रखा गया। लखनऊ से डीएम के पास फोन आया। गाली देते हुए कहा गया पंडित पागल हो गया है। इसको रातभर बंधक बनाकर रखो। मीडिया को मैंने पहले ही बता दिया था। SSP के कहने पर मुझे छोड़ा गया। मैं अपनी जान बचाकर भागा हूं। सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। उन्होंने जाते-जाते कहा था- वे आज बरेली में ही अपने परिचितों के यहां रुके हैं। उनके साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। 5 पेज का लेटर लिखकर दिया था इस्तीफा अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे में 5 पेज का एक लेटर भी लिखा। जिसमें उन्होंने कहा- ‘प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों की चोटी पकड़ी गई।’ उन्होंने लिखा- ऐसी घटना किसी भी साधारण ब्राह्मण को अंदर से हिला देती है। ऐसा लगता है कि प्रशासन और मौजूदा सरकार ब्राह्मणों और साधु-संतों के खिलाफ काम कर रही है। उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ब्राह्मणों की बात करने वाला कोई नहीं है। अलंकार अग्निहोत्री ने सवाल पूछा- क्या ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी है। सिटी मजिस्ट्रेट को मनाने के लिए ADM के साथ तीन अन्य अफसर पहुंचे थे। चारों अफसर करीब एक घंटे सिटी मजिस्ट्रेट के आवास में रहे। फिर लौट गए। सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कई ब्राह्मण संगठनों के नेता अलंकार अग्निहोत्री से मिलने पहुंचे। आवास के बाहर ब्राह्मण नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। ब्राह्मण वर्ग से आने वाले अलंकार अग्निहोत्री 2019 में PCS अफसर बने थे। उनकी 15वीं रैंक आई थी। अलंकार अपने ऑफिस में भगवान बजरंगबली की तस्वीर लगाकर चर्चा में आए थे। उस समय भीम आर्मी ने कलेक्ट्रेट में हंगामा भी किया था। इस दौरान अफसर से नोकझोंक भी हुई थी। ———————- ये खबर भी पढ़िए- ‘ब्राह्मण सांसदों ने क्या घुंघरू पहन रखा है’: बरेली सिटी मजिस्ट्रेट बोले- हालात सिविल वॉर जैसे, नहीं जागे तो पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी ‘क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। ब्राह्मण सांसद-विधायकों से पूछना चाहता हूं- क्या बहन-बेटियों का सड़कों पर रेप होगा, तब भी चुप रहोगे। क्या घुंघरू पहन रखा है, कब बोलेंगे? प्रयागराज डीएम किसके लिए रोटी सेंक रहा था? क्या वह शंकराचार्य है?’ यह बातें बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कही। पढ़ें पूरी खबर…