यूपी में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को 17 जिलों में भारी बारिश और 26 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है। कुल मिलाकर 43 जिलों में बारिश का अलर्ट है। यूपी में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। प्रयागराज, वाराणसी समेत 24 जिलों के 1,245 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बारिश के चलते अब तक 360 मकान ढह चुके हैं। बलिया में एक दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने बिहार से नाव पर आया। शादी की तारीख पहले से तय थी। बाढ़ आने के बाद शादी टालना मुश्किल था। दूल्हा बिना बैंड-बाजे के था। फर्रुखाबाद के पंखियन गांव में गंगा नदी में एक मकान 10 सेकेंड में समा गया। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी उफान पर है। करसौर गांव में कटान शुरू हो गया है। नदी में घर बह न जाएं, इसलिए लोग खुद ही उन्हें तोड़ रहे हैं। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंच गया है। चंदौली में गंगा नदी उफान पर है। दिया गांव बाढ़ की चपेट में है। यहां की सड़क पर पानी बह रहा है। मंगलवार को सड़क पार करते वक्त एक व्यक्ति फंस गया। उसके मुताबिक, अचानक गंगा की लहरें आ गईं। वह बचने के लिए बिजली के पोल पर चढ़ गया। करीब आधे घंटे तक लटका रहा। PAC के जवानों ने मोटरबोट से उसका रेस्क्यू किया। वाराणसी में गंगा का जलस्तर 2 सेमी हर घंटे अब घटने लगा है। बुधवार रात 8 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा डेंजर लेवल से 72 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर 71.98 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां डेंजर लेवल का मानक 71.26 मीटर है। प्रयागराज में गंगा और यमुना खतरे के निशान से करीब 1 मीटर ऊपर बह रही हैं। यहां कई इलाकों में 3 फीट तक पानी भर गया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने कहा- पश्चिमी विक्षोभ की पछुआ हवा से हो रही प्रतिक्रिया के बाद बनी परिस्थितियों के प्रभाव से प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश जारी है। आगामी 24 घंटे तक बिना किसी विशेष परिवर्तन के ऐसा ही मौसम बना रहेगा। UP में अब तक 9% ज्यादा बारिश हुई
बुधवार शाम तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में 60 जिलों में औसतन 13.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह 7.8 मिमी सामान्य बारिश से 71% अधिक है। वहीं, 1 जून से 6 अगस्त तक की बात करें तो यूपी में 437.5 मिमी बारिश हुई। ये मौसम विभाग के अनुमान 401.9 मिमी से 9% अधिक है।
11 मंत्रियों की टीम कर रही है निगरानी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में कई गावों में पानी भरा है। यदि कहा जाए कि बाढ़ से तबाही मची है तो गलत नहीं होगा। लगभग सूखा रहने वाले बुंदेलखंड के जिलों में भी इस बार बाढ़ है। सीएम योगी ने अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत बचाव के लिए निर्देशित किया है। साथ ही 11 मंत्रियों की टीम भी बाढ़ निगरानी के लिए डटी हुई है।
बुधवार शाम तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में 60 जिलों में औसतन 13.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह 7.8 मिमी सामान्य बारिश से 71% अधिक है। वहीं, 1 जून से 6 अगस्त तक की बात करें तो यूपी में 437.5 मिमी बारिश हुई। ये मौसम विभाग के अनुमान 401.9 मिमी से 9% अधिक है।
11 मंत्रियों की टीम कर रही है निगरानी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में कई गावों में पानी भरा है। यदि कहा जाए कि बाढ़ से तबाही मची है तो गलत नहीं होगा। लगभग सूखा रहने वाले बुंदेलखंड के जिलों में भी इस बार बाढ़ है। सीएम योगी ने अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत बचाव के लिए निर्देशित किया है। साथ ही 11 मंत्रियों की टीम भी बाढ़ निगरानी के लिए डटी हुई है।