अमरोहा में एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की इमारत और टीनशेड पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए। हादसे में 5 महिलाओं की मौत हो गई है। 12 से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। पटाखा फैक्ट्री अतरासी गांव से 2 किमी दूर जंगल में स्थित है। फैक्ट्री में सुबह करीब 25 महिला और पुरुष मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी मजदूर के बच्चे ने पटाखा जला दिया। इसके बाद पास में रखे पटाखे और पटाखा बनाने के लिए रखे बारूद में आग लग गई। लगातार करीब 15 मिनट तक ब्लास्ट होता रहा। धमाके के बाद फैक्ट्री का मलबा 300 मीटर दूर तक फैल गया। मजदूर कई मजदूर मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। डीएम- निधि गुप्ता और एसपी अमित कुमार आनंद मौके पर मौजूद हैं। फायर ब्रिगेड की टीम राहत और बचाव कार्य जुटी है। 3 तस्वीरें देखिए…. बिना अनुमति चल रही थी फैक्ट्री प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि यह पटाखा फैक्ट्री बिना लाइसेंस और सुरक्षा इंतजाम के चलाई जा रही थी। अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और फैक्ट्री संचालक की तलाश की जा रही है। विस्फोट के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं। धमाके की गूंज कई किलोमीटर तक सुनाई दी धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के गांवों में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री में पिछले कई दिनों से अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना इससे पहले 1 मई को रहरा क्षेत्र के भावली गांव में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। उसमें एक बच्चा झुलस गया था। उस समय भी स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया था। बताया गया था कि नदी किनारे स्थित एक मकान में लंबे समय से अवैध पटाखा बनाने और पैकिंग का काम चल रहा था, जिसमें मजदूरी के लिए गांव की महिलाएं और बच्चे तक लगाए जा रहे थे। खबर अपडेट की जा रही है…