अयोध्या में आज राम मंदिर के शिखर पर PM नरेंद्र मोदी ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद राम मंदिर पूर्ण माना जाएगा। इस दौरान 7 हजार लोग मौजूद रहेंगे। इससे पहले PM मोदी 1.5 Km का रोड शो करेंगे। वह एयरपोर्ट से साकेत कॉलेज तक हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगे। कॉलेज से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भव्य रोड शो करेंगे। रोड शो में 1 Km लंबे रामपथ को 8 जोन में बांटा गया है। हर जोन में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं PM की अगुआई करेंगी। उनके हाथ में पारंपरिक तरीके से थाली, आरती, फूल-माला रहेंगी। अयोध्या शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। धर्मध्वजा के दंड पर 21Kg सोना मढ़ा गया है। PM मोदी मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर पहली बार ध्वजा फहराएंगे। CM योगी और संघ प्रमुख मोहन भागवत भी सोमवार को राम मंदिर पहुंच चुके हैं। वहीं, अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा- श्रीराम तो सभी के हैं, लेकिन बीजेपी राम मंदिर की ठेकेदार बनी है। मुझे कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। अगर बुलाते तो मैं नंगे पैर दौड़कर जाता। मंदिर के इस आयोजन में 1 हजार VVIP मेहमान हैं। इनमें उद्योग, खेल, साहित्य और बालीवुड जगत के लोगों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, 100 ऐसे दानदाताओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण में 2 करोड़ से ज्यादा दान दिया था। हालांकि, शंकराचार्यों को इसमें नहीं बुलाया गया है। PM अयोध्या आने के बाद क्या करेंगे, ये जानिए एयरपोर्ट से साकेत कॉलेज तक हेलिकाप्टर से जाएंगे
PM मोदी का विमान सुबह 9.30 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरेगा। वह एयरपोर्ट से साकेत कॉलेज तक हेलिकाप्टर से जाएंगे। यहां से 9.40 बजे PM 1.5Km का रोड शो करेंगे। राम मंदिर के शंकराचार्य द्वार से मंदिर में करीब 10 बजे प्रवेश करेंगे। PM सप्त मंदिर परकोटा, शेषावतार मंदिर देखेंगे। पहली मंजिल के राम दरबार में पहुंचेंगे और पूजन करेंगे। RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ PM 12 से 12.30 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में राम दरबार की पूजा और ध्वजारोहण करेंगे। भगवा ध्वज को वह एक बटन दबाकर फहराएंगे। केसरिया रंग के खास ध्वज पर सूर्य, ॐ और कोविदार (अयोध्या का शाही वृक्ष, जो कचनार के नाम से जाना जाता है) के प्रतीक बने हुए हैं। ये सभी चिह्न सूर्यवंश के प्रतीक है। ध्वज को वैदिक मंत्रों के बीच सलामी दी जाएगी। ध्वज फहराते ही मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल बजने लगेंगे। राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट ऊंचा स्तंभ स्थापित किया गया है। इसी स्तंभ पर 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी पताका फहराएगी, जो 3Km दूर से दिखेगी। मंदिर के अंदर 2 मंच तैयार किए गए हैं। ध्वजारोहण के लिए शिखर के पीछे एक मंच बनाया गया है। 12.30 बजे पीएम लोगों को संबोधित करेंगे, इसके लिए सिंह द्वार के पास एक और मंच तैयार किया गया है। यहीं पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जिस दंड पर ध्वजा फहराएगी, उस पर सोना मढ़ा
जिस दंड पर ध्वजा फहराई जानी है। वहां मुंबई के कारीगरों ने 21 Kg सोना मढ़ा है। यह काम सोमवार तक होता रहा। बता दें कि राम मंदिर के सभी दरवाजों पर 3-3 Kg सोना मढ़ा जा चुका है। ट्रस्ट ने यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि दंड पर लगने वाला सोना किसने दान किया है।
राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले ध्वज का विधिवत महापूजन पूरा हो चुका है। ध्वज पूजन में वैदिक विधान के साथ यज्ञ वेदी पर स्थापित किया गया। आचार्यों ने गणपति पूजन, पंचांग पूजन, षोडष मातृका पूजन कराया। इसके बाद योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, और प्रधान मंडल के रूप में रामभद्र मंडल व अन्य समस्त पूज्य मंडलों का आवाहन पूजन किया। यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने पूजन किया। आचार्यों ने गंगा जल और पुष्प जल से ध्वज का अभिषेक किया। इसके बाद ध्वज पर अक्षत और चंदन लगाया गया, शंखध्वनि और नगाड़ों की गूंज के बीच कलशों से मंगल-जल छिड़का गया। आखिर में ध्वज को ‘राम नाम’ के उच्चारण के साथ आसन पर स्थापित किया गया। अब 25 नवंबर को यही ध्वज फहराया जाएगा। विवाहोत्सव भी मनेगा, ये आयोजन पहली बार
पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से श्रीराम विवाहोत्सव का आयोजन किया जा रहा। विवाहोत्सव के लिए शनिवार को जनकपुर से तिलक भी अयोध्या पहुंच चुका है। विवाह पंचमी के दिन 25 नवंबर को श्री सीताराम विवाहोत्सव की परंपरा निभाई जाएगी। विवाहोत्सव की व्यवस्था संभाल रहे विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज कहते हैं- जनकपुर के मेयर समेत 30 लोगों का दल भगवान श्रीराम का तिलक लेकर शनिवार को अयोध्या पहुंचे थे। नेपाल में जनकपुर मेयर मनोज कुमार शाह तिलक लेकर अयोध्या पहुंचे थे और उन्हें तिलक का सामान सौंपा गया। बिड़ला स्थल पर श्रीराम और जानकी का विवाहोत्सव संपन्न होगा, इसके लिए मंडप सजाया गया। विवाह का शुभ मुहूर्त शाम सात बजे का है। आचार्यगण वैदिक मंत्रों के मध्य जयमाला का आयोजन करेंगे, और उसी समय पूरा परिसर मंगत गीतों से गूंज उठेगा। राम बारात निकलेगी, 1 हजार बराती शामिल होंगे
जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि 25 नवंबर को भव्य राम बारात निकाली जाएगी। जिसमें 1 हजार बराती शामिल होंगे। उससे पहले विवाह की रस्में विधिविधान से पूरी की जा रही हैं। हल्दी अक्षत-सुपारी लगाकर मठ-मंदिरों को राम बारात का निमंत्रण भेजा रहा है। आज राम समेत चारों भाइयों को हल्दी लगाई जाएगी। वहीं रंगमहल, लक्ष्मण किला, विअहुति भवन, बड़ा भक्तमाल, राम हर्षण कुंज सहित अन्य मंदिरों में राम विवाहोत्सव की धूम है। राम मंदिर में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे मेहमान
राम मंदिर में पहली बार राम-सीता विवाह उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान 7 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से ढाई हजार लोगों के रुकने के लिए तीर्थ पुरम में टेंट सिटी बसाई जा रही है। पहले 25 नवंबर के आयोजन में मेहमानों को मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई थी। मगर दिल्ली में ब्लास्ट होने के बाद 1 बदलाव किया गया है। अब मेहमान अपने साथ मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेंगे। आम लोगों के लिए बंद रहेंगे 25 नवंबर को दर्शन
ट्रस्ट ने अपील की है कि 25 नवंबर को आम श्रद्धालु अयोध्या या रामलला के दर्शन के लिए न आएं। इस दिन आम भक्त रामलला के दर्शन नहीं कर पाएंगे। वहीं, 23 नवंबर की रात 11 बजे से अयोध्या की तरफ लोडर गाड़ियां जैसे- ट्रक, ट्रैक्टर, डीसीएम आदि रोक दी गईं। ये सख्ती 26 नवंबर की आधी रात तक रहेगी। आसपास के जिलों से ही गाड़ियों को डायवर्ट कर दिया जा रहा है।
PM मोदी का विमान सुबह 9.30 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरेगा। वह एयरपोर्ट से साकेत कॉलेज तक हेलिकाप्टर से जाएंगे। यहां से 9.40 बजे PM 1.5Km का रोड शो करेंगे। राम मंदिर के शंकराचार्य द्वार से मंदिर में करीब 10 बजे प्रवेश करेंगे। PM सप्त मंदिर परकोटा, शेषावतार मंदिर देखेंगे। पहली मंजिल के राम दरबार में पहुंचेंगे और पूजन करेंगे। RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ PM 12 से 12.30 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में राम दरबार की पूजा और ध्वजारोहण करेंगे। भगवा ध्वज को वह एक बटन दबाकर फहराएंगे। केसरिया रंग के खास ध्वज पर सूर्य, ॐ और कोविदार (अयोध्या का शाही वृक्ष, जो कचनार के नाम से जाना जाता है) के प्रतीक बने हुए हैं। ये सभी चिह्न सूर्यवंश के प्रतीक है। ध्वज को वैदिक मंत्रों के बीच सलामी दी जाएगी। ध्वज फहराते ही मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल बजने लगेंगे। राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट ऊंचा स्तंभ स्थापित किया गया है। इसी स्तंभ पर 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी पताका फहराएगी, जो 3Km दूर से दिखेगी। मंदिर के अंदर 2 मंच तैयार किए गए हैं। ध्वजारोहण के लिए शिखर के पीछे एक मंच बनाया गया है। 12.30 बजे पीएम लोगों को संबोधित करेंगे, इसके लिए सिंह द्वार के पास एक और मंच तैयार किया गया है। यहीं पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जिस दंड पर ध्वजा फहराएगी, उस पर सोना मढ़ा
जिस दंड पर ध्वजा फहराई जानी है। वहां मुंबई के कारीगरों ने 21 Kg सोना मढ़ा है। यह काम सोमवार तक होता रहा। बता दें कि राम मंदिर के सभी दरवाजों पर 3-3 Kg सोना मढ़ा जा चुका है। ट्रस्ट ने यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि दंड पर लगने वाला सोना किसने दान किया है।
राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले ध्वज का विधिवत महापूजन पूरा हो चुका है। ध्वज पूजन में वैदिक विधान के साथ यज्ञ वेदी पर स्थापित किया गया। आचार्यों ने गणपति पूजन, पंचांग पूजन, षोडष मातृका पूजन कराया। इसके बाद योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, और प्रधान मंडल के रूप में रामभद्र मंडल व अन्य समस्त पूज्य मंडलों का आवाहन पूजन किया। यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने पूजन किया। आचार्यों ने गंगा जल और पुष्प जल से ध्वज का अभिषेक किया। इसके बाद ध्वज पर अक्षत और चंदन लगाया गया, शंखध्वनि और नगाड़ों की गूंज के बीच कलशों से मंगल-जल छिड़का गया। आखिर में ध्वज को ‘राम नाम’ के उच्चारण के साथ आसन पर स्थापित किया गया। अब 25 नवंबर को यही ध्वज फहराया जाएगा। विवाहोत्सव भी मनेगा, ये आयोजन पहली बार
पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से श्रीराम विवाहोत्सव का आयोजन किया जा रहा। विवाहोत्सव के लिए शनिवार को जनकपुर से तिलक भी अयोध्या पहुंच चुका है। विवाह पंचमी के दिन 25 नवंबर को श्री सीताराम विवाहोत्सव की परंपरा निभाई जाएगी। विवाहोत्सव की व्यवस्था संभाल रहे विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज कहते हैं- जनकपुर के मेयर समेत 30 लोगों का दल भगवान श्रीराम का तिलक लेकर शनिवार को अयोध्या पहुंचे थे। नेपाल में जनकपुर मेयर मनोज कुमार शाह तिलक लेकर अयोध्या पहुंचे थे और उन्हें तिलक का सामान सौंपा गया। बिड़ला स्थल पर श्रीराम और जानकी का विवाहोत्सव संपन्न होगा, इसके लिए मंडप सजाया गया। विवाह का शुभ मुहूर्त शाम सात बजे का है। आचार्यगण वैदिक मंत्रों के मध्य जयमाला का आयोजन करेंगे, और उसी समय पूरा परिसर मंगत गीतों से गूंज उठेगा। राम बारात निकलेगी, 1 हजार बराती शामिल होंगे
जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि 25 नवंबर को भव्य राम बारात निकाली जाएगी। जिसमें 1 हजार बराती शामिल होंगे। उससे पहले विवाह की रस्में विधिविधान से पूरी की जा रही हैं। हल्दी अक्षत-सुपारी लगाकर मठ-मंदिरों को राम बारात का निमंत्रण भेजा रहा है। आज राम समेत चारों भाइयों को हल्दी लगाई जाएगी। वहीं रंगमहल, लक्ष्मण किला, विअहुति भवन, बड़ा भक्तमाल, राम हर्षण कुंज सहित अन्य मंदिरों में राम विवाहोत्सव की धूम है। राम मंदिर में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे मेहमान
राम मंदिर में पहली बार राम-सीता विवाह उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान 7 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से ढाई हजार लोगों के रुकने के लिए तीर्थ पुरम में टेंट सिटी बसाई जा रही है। पहले 25 नवंबर के आयोजन में मेहमानों को मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई थी। मगर दिल्ली में ब्लास्ट होने के बाद 1 बदलाव किया गया है। अब मेहमान अपने साथ मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेंगे। आम लोगों के लिए बंद रहेंगे 25 नवंबर को दर्शन
ट्रस्ट ने अपील की है कि 25 नवंबर को आम श्रद्धालु अयोध्या या रामलला के दर्शन के लिए न आएं। इस दिन आम भक्त रामलला के दर्शन नहीं कर पाएंगे। वहीं, 23 नवंबर की रात 11 बजे से अयोध्या की तरफ लोडर गाड़ियां जैसे- ट्रक, ट्रैक्टर, डीसीएम आदि रोक दी गईं। ये सख्ती 26 नवंबर की आधी रात तक रहेगी। आसपास के जिलों से ही गाड़ियों को डायवर्ट कर दिया जा रहा है।