अयोध्या में एक 62 साल के बुजुर्ग की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। उनके सिर और गले में किसी नुकीले हथियार से वार के गहरे निशान मिले हैं। वह 10 दिन पहले ही इंगेजमेंट कार्यक्रम में शामिल होने देहरादून से अयोध्या आए थे। गुरुवार सुबह उनका शव घर के बाहर खून से लथपथ पड़ा मिला। हत्या करने के बाद शव को करीब 50 मीटर तक घसीटने के भी निशान मिले हैं। गांव वालों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला बाबा बाजार के ग्राम कलापुर के मजरा रेछ का है। देहरादून से दस दिन पहले आए थे गांव गांव निवासी जगजीवन पाल 62 परिवार के साथ कई साल से देहरादून में रहते हैं। वहीं पर वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे व दो बेटियां हैं। दस दिन पूर्व ही वह परिवारी जनों के साथ एक इंगेजमेंट में शामिल होने गांव आये थे। तीन दिन पहले उनके परिजन देहरादून चले गये। जबकि जगजीवन पाल गांव में ही रुक गये। गुरुवार को उनका खून से लथपथ शव घर से 50 मीटर दूर पड़ा मिला। उनके शरीर में कई घाव थे। साथ ही शव को घसीटने के भी निशान मिले हैं। उससे लग रहा है कि उनकी हत्या पहले घर के अंदर की गई उसके बाद घसीटकर नल के पास शव को फेंका गया है। सिर व गले में धारदार हथियार से मारने के निशान मृतक के भतीजे जागव राम ने बताया कि गुरुवार की सुबह 8 बजे जब वह चाचा को चाय पीने के लिए बुलाने आये तो बाहर नल के पास वह औंधे मुंह जमीन पर पड़े मिले। गांव वालों के अनुसार मृतक के सिर में गहरा जख्म है। गले पर भी चोट के निशान है। मौके पर घसीटने के निशान भी मिलने हैं। इससे प्रतीत होता है कि हमलावर उन्हें मारने के बाद नल तक लाये हैं। कमरे से लेकर नल तक खून फैला है। जिसकी दूरी लगभग 50 मीटर है। शव मिलने पर भतीजे ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फारेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार आजाद ने बताया कि परिजनों को सूचना दे गई है।परिजन देहरादून से आ रहे है। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। हत्या किस हथियार से की गई है पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा ————- ये खबर भी पढ़िए मुरादाबाद में प्रेमी-प्रेमिका ट्रेन के आगे कूदे: 5 टुकड़ों में मिली लाश, मरने से पहले एक-दूजे से लिपटकर रोते रहे मुरादाबाद में प्रेमी-प्रेमिका ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मरने से पहले दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा, फिर गले लगकर खूब रोए। इसके बाद वे मालगाड़ी के सामने जाकर खड़े हो गए। गांव वाले उन्हें रोकने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। ट्रेन का लोको पायलट भी लगातार उन्हें हटने के लिए कहता रहा, हॉर्न बजाता रहा। मगर दोनों नहीं हटे। ट्रेन दोनों के ऊपर से गुजर गई। पूरी खबर पढ़िए