आगरा से चोरी का अनोखा मामला सामने आया है। जूता कारोबारी के कार्यालय पर सोमवार रात चोरी हुई। कारोबारी ने पुलिस को 22 लाख रुपए की चोरी बताई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर पैसे बरामद किए। जब पैसों को गिना गया, तो वह 97 लाख निकले। दरअसल, कारोबारी को लग रहा था कि उसकी तिजोरी से 22 लाख रुपए चोरी हुए हैं। जबकि चोर ने पूरी तिजोरी खाली कर दी थी। पुलिस ने बुधवार को 36 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार करके मामले का खुलासा किया। घटना के बाद पुलिस की 5 टीमें एक्टिव थीं। पुलिस की जांच में कारोबारी के यहां काम करने वाला ही चोर निकला। उसने अपने घर की छत पर कबाड़ में रकम छिपाकर रखी थी। वारदात में 2 लोगों ने उसका साथ दिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मदन मोहन गेट के अंतर्गत मोती कटरा क्षेत्र का है। अब पढ़िए पूरा मामला थाना मदन मोहन गेट के अंतर्गत मोती कटरा क्षेत्र में जूता कारोबारी हरीश वंजानी का कार्यालय है। उनकी फर्म का नाम हरमीरा फुटवियर है। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार रात चोरी हुई। बाहर गेट का ताला टूटा था और अंदर लाकर को चाभी से खोला गया। लॉकर में रखी पूरी रकम चोरी हो गई। उन्होंने करीब 22 लाख रुपए चोरी होने का अनुमान जताया। घटना के बाद चोरी के खुलासे के लिए 5 टीमें ADCP आदित्य कुमार के नेतृत्व में बनाई गई। ऐसे पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने जब घटनास्थल की जांच की तो देखा कि सीसीटीवी के तार कटे हुए हैं। लॉकर भी चाबी से खोला गया है। ऐसे में लगा कि किसी जानकार का हाथ हो सकता है। शू कारोबारी के घर और आफिस में काम करने वालों की लिस्ट तैयार की गई। सबकी सीडीआर निकलवाई गई। पूछताछ में पता चला कि एक कर्मचारी नीरज 15 दिन पहले काम छोड़ गया है। ऐसे में उसकी सीडीआर निकलवाई गई। रात के समय उसकी लोकेशन घटनास्थल के पास मिली। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए उठाया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि जब वो काम करता था तो देखता था कि आफिस में लाखों रुपए की डील होती है। रकम लॉकर में ही रखी जाती है। वो काफी समय से वारदात की फिराक में था। उसने काम पर रहते हुए लॉकर की डुप्लीकेट चाबी तैयार करवा ली थी। पूरी प्लानिंग के तहत उसने 15 दिन पहले नौकरी छोड़ दी। भाई और पिता को किया शामिल
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया- आरोपी ने चोरी की योजना में अपने पिता अशोक और छोटे भाई आकाश को भी शामिल किया। तीनों सोमवार की रात चोरी के लिए पहुंचे। उन्होंने ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर गए। नीरज को पता था कि सीसीटीवी कैमरे कहां लगे हैं। उसने पहले डीवीआर से तार निकाले। इसके बाद डुप्लीकेट चाबी से लॉकर खोला। उसके अंदर जितने रुपए थे उसे बैग में भरकर ले गया। चोरी के बाद सभी सीधे घर गए। घर जाकर उन्होंने रकम गिनी। रकम 97 लाख थी। उन्होंने अपने घर की छत पर कबाड़ में रकम छिपा दी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… BJP विधायक डॉक्टरों पर भड़के, बोले-मुझे शर्म आती है:लखीमपुर में हार्ट का डॉक्टर नहीं; गर्भवती महिला की जिंदगी लौटा पाओगे क्या? ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले के जनप्रतिनिधि विधानसभा में कई बार ये मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि एक MLA अस्पताल आया है और डॉक्टर बाहर तक नहीं आए हैं। ‘ पढ़ें पूरी खबर…
पुलिस ने जब घटनास्थल की जांच की तो देखा कि सीसीटीवी के तार कटे हुए हैं। लॉकर भी चाबी से खोला गया है। ऐसे में लगा कि किसी जानकार का हाथ हो सकता है। शू कारोबारी के घर और आफिस में काम करने वालों की लिस्ट तैयार की गई। सबकी सीडीआर निकलवाई गई। पूछताछ में पता चला कि एक कर्मचारी नीरज 15 दिन पहले काम छोड़ गया है। ऐसे में उसकी सीडीआर निकलवाई गई। रात के समय उसकी लोकेशन घटनास्थल के पास मिली। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए उठाया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि जब वो काम करता था तो देखता था कि आफिस में लाखों रुपए की डील होती है। रकम लॉकर में ही रखी जाती है। वो काफी समय से वारदात की फिराक में था। उसने काम पर रहते हुए लॉकर की डुप्लीकेट चाबी तैयार करवा ली थी। पूरी प्लानिंग के तहत उसने 15 दिन पहले नौकरी छोड़ दी। भाई और पिता को किया शामिल
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया- आरोपी ने चोरी की योजना में अपने पिता अशोक और छोटे भाई आकाश को भी शामिल किया। तीनों सोमवार की रात चोरी के लिए पहुंचे। उन्होंने ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर गए। नीरज को पता था कि सीसीटीवी कैमरे कहां लगे हैं। उसने पहले डीवीआर से तार निकाले। इसके बाद डुप्लीकेट चाबी से लॉकर खोला। उसके अंदर जितने रुपए थे उसे बैग में भरकर ले गया। चोरी के बाद सभी सीधे घर गए। घर जाकर उन्होंने रकम गिनी। रकम 97 लाख थी। उन्होंने अपने घर की छत पर कबाड़ में रकम छिपा दी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… BJP विधायक डॉक्टरों पर भड़के, बोले-मुझे शर्म आती है:लखीमपुर में हार्ट का डॉक्टर नहीं; गर्भवती महिला की जिंदगी लौटा पाओगे क्या? ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले के जनप्रतिनिधि विधानसभा में कई बार ये मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि एक MLA अस्पताल आया है और डॉक्टर बाहर तक नहीं आए हैं। ‘ पढ़ें पूरी खबर…