आजमगढ़ डीएम रविंद्र कुमार ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन की डंडे से पिटाई कर दी। एक्सईएन अरुण सचदेव ने बताया 13 जून की शाम डीएम ने कैंप ऑफिस में बुलवाया। उनके स्टेनो ने अंदर जाने से पहले मेरा मोबाइल जमा करवा लिया। अंदर पहुंचते ही डीएम ने कहा- तुम अपने आप को हीरो समझते हो, बड़े हीरो बनते फिरते हो तुमसे बड़ा हीरो मैं हूं। तुम उप जिलाधिकारी को लेटर लिखोगे, तुम्हें तो मारना चाहिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने मारने के लिए हाथ उठा लिया। फिर दो-तीन डंडे मार कर कहा कि जिस बाप को बताना है, बता दो। मेरा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। इसके बाद ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। एक्सईएन ने चीफ इंजीनियर से की शिकायत एक्सईएन ने मामले की शिकायत चीफ इंजीनियर और लखनऊ के विभाग अध्यक्ष से की है। अरुण सचदेव के मुताबिक 13 जून को मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक बुलाई गई थी। इसमें डीएम ने बीते 15 सालों में बाढ़ प्रभावित गांव की संख्या और प्रभावित लोगों को कहां विस्थापित किया गया, इसकी सूची मांगी। इसी बैठक के बाद मुझे कैंप ऑफिस बुलाया गया। कैंप ऑफिस में उपस्थित होने पर स्टेनो द्वारा यह निर्देश दिया गया कि मोबाइल जमा करने के बाद ही डीएम के कक्ष में उपस्थित हों। एक्सईएन बोले- आजमगढ़ में काम नहीं करूंगा पीड़ित एक्सईएन अरुण सचदेव ने कहा- डीएम ने डंडे मारकर मेरे आत्मसम्मान को कुचला गया है। इससे पहले भी उन्होंने मुझे अपमानित और दंडित करने का प्रयास किया है। मुझे अपमान का सामना करना पड़ रहा है। इससे मैं मानसिक और शारीरिक तनाव में हूं। ऐसी घटनाएं कर्मचारियों का मनोबल तोड़ रही हैं। अब मैं आजमगढ़ में काम नहीं कर सकता। मेरा ट्रांसफर कहीं और किया जाए। अब डीएम ने क्या कहा वो पढ़िए आजमगढ़ डीएम रविंद्र कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- कुछ लोग काम में रुचि रखते हैं और विकास पर काम करते हैं। कुछ लोग राजनीति करते हैं। जिले में चाहे आईजीआरएस की रैंकिंग का मामला हो या फिर ग्रेडिंग का हो, सभी में लगातार सुधार हो रहा है। ऐसे में हमारा प्रयास है कि जो भी योजना-परियोजनाएं चल रही हैं, वह सुचारू रूप से बेहतर चलें। बाकी आप लोग सब जानते हैं। खबर अपडेट की जा रही है