मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के रुख और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। अखिलेश यादव राम गोपाल के लखनऊ में होने वाले नामांकन की वजह से दिल्ली नहीं जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन की बैठक दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में सुबह 11 बजे बुलाई गई है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअली जुड़ सकते हैं। यह बैठक जून 2026 के बाद गठबंधन की एक बड़ी औपचारिक बैठक मानी जा रही है। समाजवादी पार्टी सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव की तैयारियों और अन्य व्यस्तताओं का हवाला दिया है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। सपा तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। प्रोफेसर राम गोपाल यादव, जो मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, छठी बार राज्यसभा के लिए नामांकन भरेंगे। अखिलेश यादव लखनऊ में उनके नामांकन पत्र दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राम गोपाल यादव 1992 से संसदीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के रणनीतिकार माने जाते हैं। हरेंद्र मलिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सपा के प्रमुख चेहरा हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को मुजफ्फरनगर से हराया था। पार्टी उन्हें विश्वसनीय और संगठन से जुड़े नेता के रूप में देखती है। वहीं नई दिल्ली में पार्लियामेंट वाली मस्जिद के इमाम और रामपुर से सांसद मौलाना माेहिबुल्ला नदवी भी इस बैठक में सपा की ओर से शामिल होंगे। इन दोनों सांसदों की उपस्थिति से सपा यह संदेश देना चाहती है कि गठबंधन की बैठक में वह सक्रिय भागीदार है, भले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से न पहुंच सकें।