उत्तराखंड से 3 बार हथियार ले गया आतंकी रेहान:यूपी से जम्मू कश्मीर तक फैला तस्करी का नेटवर्क, एजेंसियों को नहीं लगी भनक

उत्तराखंड में पकड़े गए तीन राज्यों तक फैले अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच में सामने आया है कि आतंकी रेहान मीर एक साल में तीन बार ऊधम सिंह नगर आकर सात पिस्टल ले गया, लेकिन इसकी भनक न पुलिस को लगी और न ही खुफिया एजेंसियों को। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के बदायूं से अवैध हथियार लाकर सितारगंज के जरिए जम्मू-कश्मीर तक सप्लाई करता था। यानी हथियार यूपी से उत्तराखंड और यहां से आगे जम्मू-कश्मीर पहुंचाए जा रहे थे, जिससे पूरे मामले में आतंकी कनेक्शन और मजबूत हो गया है। पूछताछ में सामने आया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा रेहान मीर, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र का ओवरग्राउंड वर्कर बताया जा रहा है, इसी नेटवर्क के जरिए हथियार लेने सितारगंज आता था। जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की सप्लाई के बदले करीब पांच लाख रुपए का लेनदेन बैंक खातों के जरिए किया गया। पुलिस अब इन खातों की डिटेल खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल ट्रेल और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपी
मामले का खुलासा तब हुआ जब 8 अप्रैल को सितारगंज पुलिस और एसओजी रुद्रपुर की टीम सिडकुल फेस-2 में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की कार में सवार दो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन उनकी कार कच्चे रास्ते में फंस गई। पुलिस ने मौके से हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो राइफल, एक रिवॉल्वर, दो तमंचे, 222 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन किच्छा और पुलभट्टा क्षेत्र से इंद्रजीत संधू और पवन संधू कर रहे थे। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मॉड्यूल को खंगाल रही है। दिल्ली स्पेशल सेल में भी दर्ज है मुकदमा
पुलिस के अनुसार, आरोपी रेहान मीर और हनी के खिलाफ दिल्ली स्पेशल सेल में भी मामला दर्ज है, जिसमें दोनों वांछित बताए जा रहे हैं। इससे इस नेटवर्क की गंभीरता और बढ़ गई है।
एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने हथियार सप्लाई किए गए और वे किन-किन लोगों तक पहुंचे। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले इस तरह के आतंकी कनेक्शन का खुलासा होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। PM मोदी के दौरे से पहले आतंकी गिरफ्तार वहीं, देहरादून में PM मोदी के दौरे से 4 दिन पहले स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। आतंकी विक्रांत कश्यप पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहा था। जांच में सामने आया है कि विक्रांत कश्यप सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था। उसे देहरादून के सैन्य और सरकारी ठिकानों की लोकेशन, फोटो और वीडियो जुटाकर भेजने, शहर के प्रमुख स्थानों पर तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान “TTH” लिखकर दहशत फैलाने और बड़े हमलों की तैयारी से जुड़े टास्क दिए गए थे। ————– ये खबर भी पढ़ें : मूसेवाला मर्डर के बाद आतंक की दुनिया से जुड़ा विक्रांत: पाकिस्तानी डॉन ने पूछी दिल्ली-देहरादून की दूरी; दुबई सेटल होने का मिला ऑफर देहरादून में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप से पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स उससे दिल्ली की दूरी पूछ रहे थे। उससे पूछा जा रहा था कि यहां से दिल्ली कितनी दूर है और वहां तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। (पढ़ें पूरी खबर)