यूपी के उर्जा मंत्री एके शर्मा फुल एक्शन में आ गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए बने 1912 कॉल सेंटर का अचानक निरीक्षण किया। मंत्री के सामने ही बहराइच के गड़ेरिया पुरवा गांव के एक कस्टमर का कॉल आया। बोला- लाइनमैन ने मेरी बिजली काट दी। अब जोड़ने के लिए 2 हजार रुपए मांग रहा है। यह सुनकर मंत्री ने तुरंत मध्यांचल बिजली वितरण कंपनी की MD रिया केजरीवाल को फोन लगा दिया। पूछा- कॉल सेंटर की शिकायत आपकी ID पर दिख रही होगी, संबंधित जिले के एक्सईएन, एसडीओ और जेई को भी दिख रही होगी। अब तक क्या एक्शन लिया गया? ऊर्जा मंत्री की सख्ती के 4 घंटे बाद लाइनमैन को बर्खास्त कर दिया गया। मंत्री के एक्शन की खबर विस्तार से पढ़िए… लाइनमैन ने पैसे मांगे हैं, तो कार्रवाई कर अवगत कराएं
मंत्री ने एमडी रिया से पूछा- 1912 पर दर्ज शिकायतें संबंधित एसडीओ, एक्सईएन और जेई के पास ट्रांसफर होती हैं, लेकिन ऐसी शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है? उन्होंने कहा, यदि लाइनमैन ने सचमुच पैसे मांगे हैं, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो और मुझे सूचित करें। ऐसा वह अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी करता होगा। एमडी से बोले मैं महीने में दूसरी बार आया, आपने कभी जांच की
मंत्री ने एमडी रिया केजरीवाल से साफ शब्दों में कहा, मैं 1912 पर आया था। बहराइच के सौरभ की शिकायत है कि लाइनमैन ने कनेक्शन काटकर 2 हजार रुपए मांगे। शिकायत दर्ज होते ही एक्सईएन के पास मैसेज गया, क्या वह मैसेज देखा गया? रियलिटी चेक करें। मुझे लगता है कि 110 कर्मचारी कॉल रिसीव कर रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर में शिकायतें ठीक से ट्रैक नहीं हो रही हैं। आपने कभी इसकी जांच की? इस पर एमडी रिया ने पूछा सर, शिकायत नंबर बताएं, मैं चेक करके बताती हूं। लाइनमैन पर कार्रवाई की मांग
ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा कि लाइनमैन जैसे कर्मचारियों की ऐसी हरकतें उपभोक्ताओं को परेशान करती हैं। उन्होंने कहा, “1912 पर रिश्वतखोरी की शिकायतें आना ठीक नहीं। इसकी समीक्षा करें और दोषियों पर सख्त एक्शन लें।” मंत्री ने कहा, “ऐसी गंभीर शिकायतें तुरंत संबंधित अधिकारी की आईडी पर दिखनी चाहिए। रिश्वतखोरी या बिजली कटौती जैसी शिकायतों को अलग से प्राथमिकता दी जाए। सभी कॉलों को एक जैसा ट्रीट करना ठीक नहीं।” शिकायतों का नेचर और समाधान पर फोकस
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कर्मचारियों से पूछा- लखनऊ में कहां-कहां से शिकायतें आईं और बिजली बाधित होने के क्या कारण हैं। कर्मचारियों ने बताया कि खंभे टूटने, तार टूटने और सप्लाई बाधित होने की शिकायतें प्रमुख हैं। मंत्री ने सुझाव दिया कि गंभीर शिकायतें, जैसे करंट लगने से मौत या रिश्वतखोरी, को सॉफ्टवेयर में रेड अलर्ट के रूप में अधिकारियों को दिखाया जाए, ताकि तुरंत एक्शन लिया जा सके। 33/11 उपकेंद्र विधानसभा का भी दौरा कॉल सेंटर के बाद मंत्री विधानसभा 33/11 उपकेंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने पूछा कि कालीदास मार्ग पर दो बार बिजली कटौती क्यों हुई? कर्मचारियों ने बताया कि सप्लाई चालू है, लेकिन शिकायतें आ रही हैं। ————– यह खबर भी पढ़िए:- अनिरुद्धाचार्य बोले- कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं बोल सकते:वह खुद को सती सावित्री सुनना चाहती है; मैंने सत्य बोला तो विरोध होने लगा कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपने विरोधियों को जवाब दिया है। वृंदावन में कथा के दौरान उन्होंने कहा, कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं कह सकते हैं। वह है तो वेश्या, लेकिन खुद को सती सावित्री सुनना चाहती है। घूमेगी अर्धनग्न, पर सुनना चाहेगी कि हमें देवी कहो। देवी वाली हरकत हो तो आपकी, तब आपको देवी भी कहा जाए। पढ़ें पूरी खबर…
मंत्री ने एमडी रिया से पूछा- 1912 पर दर्ज शिकायतें संबंधित एसडीओ, एक्सईएन और जेई के पास ट्रांसफर होती हैं, लेकिन ऐसी शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है? उन्होंने कहा, यदि लाइनमैन ने सचमुच पैसे मांगे हैं, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो और मुझे सूचित करें। ऐसा वह अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी करता होगा। एमडी से बोले मैं महीने में दूसरी बार आया, आपने कभी जांच की
मंत्री ने एमडी रिया केजरीवाल से साफ शब्दों में कहा, मैं 1912 पर आया था। बहराइच के सौरभ की शिकायत है कि लाइनमैन ने कनेक्शन काटकर 2 हजार रुपए मांगे। शिकायत दर्ज होते ही एक्सईएन के पास मैसेज गया, क्या वह मैसेज देखा गया? रियलिटी चेक करें। मुझे लगता है कि 110 कर्मचारी कॉल रिसीव कर रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर में शिकायतें ठीक से ट्रैक नहीं हो रही हैं। आपने कभी इसकी जांच की? इस पर एमडी रिया ने पूछा सर, शिकायत नंबर बताएं, मैं चेक करके बताती हूं। लाइनमैन पर कार्रवाई की मांग
ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा कि लाइनमैन जैसे कर्मचारियों की ऐसी हरकतें उपभोक्ताओं को परेशान करती हैं। उन्होंने कहा, “1912 पर रिश्वतखोरी की शिकायतें आना ठीक नहीं। इसकी समीक्षा करें और दोषियों पर सख्त एक्शन लें।” मंत्री ने कहा, “ऐसी गंभीर शिकायतें तुरंत संबंधित अधिकारी की आईडी पर दिखनी चाहिए। रिश्वतखोरी या बिजली कटौती जैसी शिकायतों को अलग से प्राथमिकता दी जाए। सभी कॉलों को एक जैसा ट्रीट करना ठीक नहीं।” शिकायतों का नेचर और समाधान पर फोकस
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कर्मचारियों से पूछा- लखनऊ में कहां-कहां से शिकायतें आईं और बिजली बाधित होने के क्या कारण हैं। कर्मचारियों ने बताया कि खंभे टूटने, तार टूटने और सप्लाई बाधित होने की शिकायतें प्रमुख हैं। मंत्री ने सुझाव दिया कि गंभीर शिकायतें, जैसे करंट लगने से मौत या रिश्वतखोरी, को सॉफ्टवेयर में रेड अलर्ट के रूप में अधिकारियों को दिखाया जाए, ताकि तुरंत एक्शन लिया जा सके। 33/11 उपकेंद्र विधानसभा का भी दौरा कॉल सेंटर के बाद मंत्री विधानसभा 33/11 उपकेंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने पूछा कि कालीदास मार्ग पर दो बार बिजली कटौती क्यों हुई? कर्मचारियों ने बताया कि सप्लाई चालू है, लेकिन शिकायतें आ रही हैं। ————– यह खबर भी पढ़िए:- अनिरुद्धाचार्य बोले- कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं बोल सकते:वह खुद को सती सावित्री सुनना चाहती है; मैंने सत्य बोला तो विरोध होने लगा कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपने विरोधियों को जवाब दिया है। वृंदावन में कथा के दौरान उन्होंने कहा, कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं कह सकते हैं। वह है तो वेश्या, लेकिन खुद को सती सावित्री सुनना चाहती है। घूमेगी अर्धनग्न, पर सुनना चाहेगी कि हमें देवी कहो। देवी वाली हरकत हो तो आपकी, तब आपको देवी भी कहा जाए। पढ़ें पूरी खबर…