बदायूं में रविवार शाम गंगा नदी में नहाने गए 5 बच्चे डूब गए। इनमें एक की मौत हो गई। उसका शव बरामद हो गया है। जबकि दो सगे भाई लापता हैं। उनकी तलाश जारी है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने दो बच्चों को बचा लिया था। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। गोताखोरों से बच्चों की तलाश कराई जा रही है। एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। शुरुआती जांच से पता चला कि पैर फिसलने से एक बच्चा गहराई में चला गया था। उसे बचाने में सभी बच्चे डूबने लगे। डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और गांव वालों से घटना की जानकारी ली। मामला उसहैत थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए… खेलते हुए बच्चे गंगा तट पहुंचे
उसहैत थाना क्षेत्र का खजुरा नगला पुख्ता गांव गंगा नदी किनारे बसा है। गांव के रहने वाले जमादार का बेटा केशव (11), पिंटू (9) और सिंकू (13) रविवार शाम खेल रहे थे। इनके साथ गांव के संतोष का बेटा अखिलेश (8) और वीरेश का बेटा विकास (11) भी था। खेलते हुए सभी गंगा किनारे पहुंच गए। गर्मी के कारण पांचों ने गंगा में नहाने की योजना बनाई और पानी में उतर गए। बहाव तेज होने के कारण पांचों अचानक डूबने लगे। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो बचाने के लिए दौड़े। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गांव के कुछ तैराक गंगा में उतरे और अखिलेश को बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विकास और सिंकू को भी लोगों ने डूबने से बचा लिया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल भेजा गया है। केशव और पिंटू लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की पूरी कहानी… प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। वे लोग खेतों में गेहूं निकाल रहे थे। बच्चे पास ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते कुछ बच्चे गंगा में उतर गए और किनारे खड़े होकर पानी में नहाने लगे। लोगों को लगा कि बच्चे थोड़ी देर में नहाकर वापस आ जाएंगे, लेकिन अचानक तेज बहाव के कारण पिंटू का बैंलेस बिगड़ गया। वह पानी में बहने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई केशव और सिंकू आगे बढ़े, लेकिन वे भी गहरे पानी में फंस गए। तीनों को डूबता देख विकास और अखिलेश घबरा गए। वे उन्हें बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सभी बच्चे तेज धारा में बहकर दूर जा चुके थे। सिंकू और विकास को करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बाकी तीनों बच्चे तेज बहाव में बह गए। अखिलेश को जब तक बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस, सर्च ऑपरेशन जारी घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से लापता सगे भाइयों केशव और सिंकू की तलाश शुरू कर दी है। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों की तलाश लगातार जारी है। एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था, वे चीख-पुकार कर रही थीं। गांव के लोगों और परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला और शांत कराने की कोशिश की। अखिलेश के पिता संतोष ने बताया कि वे अपने बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। वहीं, प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर लापता बच्चों की तलाश में जुटी है। ————————— ये खबर भी पढ़िए… मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर, दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए
मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
उसहैत थाना क्षेत्र का खजुरा नगला पुख्ता गांव गंगा नदी किनारे बसा है। गांव के रहने वाले जमादार का बेटा केशव (11), पिंटू (9) और सिंकू (13) रविवार शाम खेल रहे थे। इनके साथ गांव के संतोष का बेटा अखिलेश (8) और वीरेश का बेटा विकास (11) भी था। खेलते हुए सभी गंगा किनारे पहुंच गए। गर्मी के कारण पांचों ने गंगा में नहाने की योजना बनाई और पानी में उतर गए। बहाव तेज होने के कारण पांचों अचानक डूबने लगे। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो बचाने के लिए दौड़े। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गांव के कुछ तैराक गंगा में उतरे और अखिलेश को बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विकास और सिंकू को भी लोगों ने डूबने से बचा लिया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल भेजा गया है। केशव और पिंटू लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की पूरी कहानी… प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। वे लोग खेतों में गेहूं निकाल रहे थे। बच्चे पास ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते कुछ बच्चे गंगा में उतर गए और किनारे खड़े होकर पानी में नहाने लगे। लोगों को लगा कि बच्चे थोड़ी देर में नहाकर वापस आ जाएंगे, लेकिन अचानक तेज बहाव के कारण पिंटू का बैंलेस बिगड़ गया। वह पानी में बहने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई केशव और सिंकू आगे बढ़े, लेकिन वे भी गहरे पानी में फंस गए। तीनों को डूबता देख विकास और अखिलेश घबरा गए। वे उन्हें बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सभी बच्चे तेज धारा में बहकर दूर जा चुके थे। सिंकू और विकास को करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बाकी तीनों बच्चे तेज बहाव में बह गए। अखिलेश को जब तक बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस, सर्च ऑपरेशन जारी घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से लापता सगे भाइयों केशव और सिंकू की तलाश शुरू कर दी है। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों की तलाश लगातार जारी है। एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था, वे चीख-पुकार कर रही थीं। गांव के लोगों और परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला और शांत कराने की कोशिश की। अखिलेश के पिता संतोष ने बताया कि वे अपने बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। वहीं, प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर लापता बच्चों की तलाश में जुटी है। ————————— ये खबर भी पढ़िए… मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर, दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए
मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…