IAS शशि प्रकाश गोयल (एसपी गोयल) यूपी के नए मुख्य सचिव बन गए हैं। मोदी सरकार ने मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं दिया। 37 साल की सेवा के बाद मनोज सिंह गुरुवार को रिटायर हो गए। मोदी सरकार के कुछ ताकतवर मंत्रियों ने मनोज सिंह को सेवा विस्तार देने का विरोध किया था। सीएम योगी ने मनोज सिंह को सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। लेकिन, केंद्र सरकार ने बात नहीं मानी। इससे पहले डीजीपी प्रशांत कुमार को भी सेवा विस्तार नहीं मिला था। इसके बाद योगी सरकार ने राजीव कृष्णा को डीजीपी बनाया था। अब यह तय हो गया है कि यूपी में आगामी पंचायत और विधानसभा चुनाव में एसपी गोयल ही योगी के सारथी होंगे। हालांकि, गोयल का रिटायरमेंट 31 जनवरी, 2027 को है। इस दौरान सिर्फ यूपी में पंचायत चुनाव होंगे। वहीं, अप्रैल- मई में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इसके चलते माना जा रहा है कि गोयल को सेवा विस्तार मिल सकता है। IAS गोयल को क्यों मिला पद? IAS मनोज सिंह को क्यों नहीं मिला सेवा विस्तार? गोयल ने मनोज सिंह से संभाला कार्यभार
लोकभवन में गुरुवार शाम मनोज सिंह ने अपना कार्यभार एसपी गोयल को सौंप दिया। इस दौरान संजय प्रसाद और लखनऊ के डीएम विशाख जी. के अलावा कई बड़े अफसर मौजूद रहे। निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री मार्गदर्शन में कई बड़े-बड़े कार्य और आयोजन संपन्न हुए। मैं तहेदिल से आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। आपने पिछले एक साल में पूरे कोऑपरेशन और डेडिकेशन के साथ हमारे प्रशासन के साथ मिलकर काम किया। मैं एसपी गोयल का स्वागत करता हूं। गोयल ने सीएम योगी को बोला- थैंक्यू
एसपी गोयल ने कहा- मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के सबसे बड़े पद पर सेवा करने का मौका दिया है। मेरी प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताएं हैं। जीरो टॉलरेंस, जीरो क्राइम, जीरो करप्शन और औद्योगिक विकास को मैं आगे ले जाऊंगा। कोशिश करूंगा कि मैं भी सरकार की योजनाओं को लागू करूं। पूरा प्रयास करूंगा कि सभी योजनाओं का उसी गति और सफल क्रियान्वयन करा सकूं। आप सभी का सहयोग मेरे लिए बहुत जरूरी होगा। आपके, ब्यूरोक्रेसी और मुख्यमंत्री के सहयोग से सभी योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा। 1989 बैच के टॉपर हैं गोयल
1989 बैच के टॉपर IAS एसपी गोयल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद माना जाता है। जानकार मानते हैं कि एसपी गोयल का प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ भारत सरकार के गृह मंत्रालय सहित अधिकांश मंत्रालयों के सचिवों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। यही वजह है कि जिस किसी मामले में योगी सरकार केंद्र सरकार से जल्द मंजूरी चाहती थी, वह मिल जाती थी। 1967 में जन्मे गोयल लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने बीएससी (ऑनर्स), एमसीए, ईएमआईबी कोर्स किया है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने इटावा में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के पद से की थी। इसके बाद मेरठ, अलीगढ़, बहराइच के सीडीओ रहे। गोयल मथुरा, इटावा, प्रयागराज, देवरिया के डीएम भी रह चुके हैं। सपा सरकार में एसपी गोयल प्लानिंग विभाग के सचिव और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। एसपी गोयल केंद्र की मोदी सरकार में मानव संसाधन मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। 31 जनवरी, 2027 को गोयल का रिटायरमेंट होना है। एसपी गोयल के बड़े भाई सीपी गोयल भी भारतीय वन सेवा के अधिकारी रहे हैं। वह हाल ही में प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी गृहणी हैं। दोनों बेटे विदेश में अपना स्टार्टअप चलाते हैं। दबाव में काम नहीं करते गोयल
यूपी से लेकर भारत सरकार तक एसपी गोयल की छवि निडर और बेबाक अफसर की है। गोयल के साथ काम कर चुके आईएएस अफसर बताते हैं कि वह कभी भी दबाव में नहीं आते। इसका एक उदाहरण है कि 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे करीबी जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सिंचाई विभाग के साढ़े सात सौ सहायक इंजीनियर्स के ट्रांसफर की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी। गोयल को इतनी बड़ी संख्या में एई के तबादले तार्किक नहीं लगे। उन्होंने ट्रांसफर की फाइल को कई बार लौटा दिया। वहीं, सैमसंग इंडिया को निर्धारित से ज्यादा सब्सिडी देने की फाइल पर भी गोयल ने सहमति नहीं दी थी। योगी के विश्वसनीय और करीबी
एक पूर्व मुख्य सचिव बताते हैं- एसपी गोयल सीएम योगी के सबसे करीबी और विश्वसनीय अफसर हैं। आईएएस लॉबी में पंचम तल से लेकर पूर्व मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव रहे अफसरों और सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने उन्हें घेरने की कई बार कोशिश की। कई बार झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने की कोशिश भी की। लेकिन, सीएम योगी की नजर में गोयल की विश्वसनीयता और उपयोगिता के चलते वह कुछ नहीं बिगाड़ सके। वह बताते हैं कि गोयल के कारण ही सत्ता पक्ष और विपक्ष पंचम तल पर उंगली नहीं उठा सका। इतना ही नहीं, सीएम योगी ने भी किसी गलत फाइल पर दस्तखत नहीं किए। यूपी में आईएएस अफसरों की तैनाती में बीते 8 साल गोयल की ही बड़ी भूमिका रही। सबसे ताकतवर CS साबित होंगे
शासन के अधिकारी मानते हैं कि एसपी गोयल योगी सरकार में अब तक के सबसे ताकतवर मुख्य सचिव साबित होंगे। आमतौर पर मुख्य सचिव कार्यालय से लेकर शासन के सभी विभागों में पंचम तल की हनक ज्यादा रही है। गोयल खुद 8 साल से पंचम तल की कमान संभालते रहे। इतना ही नहीं, वह यूपी एक एक-एक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस की क्षमता जानते हैं। सरकार के मंत्रियों और विधायकों से भी उनका सीधा संवाद होता है। पंचम तल पर भी अधिकांश अफसरों की पोस्टिंग उनकी पसंद से की गई है। जेवर एयरपोर्ट को धरातल पर उतारा यूपी में यूं तो जेवर एयरपोर्ट का प्लान बसपा की मायावती सरकार से ही शुरू हो गया था। लेकिन, उसके बाद से यह प्लान केवल फाइलों तक ही सीमित रहा। गोयल ने नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव की बागडोर संभालने के बाद जेवर एयरपोर्ट की योजना को धरातल पर उतारने का काम किया था। जेवर एयरपोर्ट के ड्राइंग एंड डिजाइन से लेकर भूमि अधिग्रहण कराने, जेवर एयरपोर्ट के लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) तैयार करने, ग्लोबल टेंडर कराने तक में भी गोयल की बड़ी भूमिका थी। गोयल के कार्यकाल में ही यूपी में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या दो से बढ़कर 4 (लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, कुशीनगर) पहुंची। वहीं यूपी में अब आगरा, बरेली, गोरखपुर, हिंडन, कानपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद में एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। वहीं अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, सोनभद्र, झांसी, ललितपुर, सहारनपुर, पलिया और श्रावस्ती में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। 1990 बैच में अब कोई नहीं बन सकेगा CS
एसपी गोयल के मुख्य सचिव बनने से अब 1990 बैच के सभी अफसरों के मुख्य सचिव बनने का रास्ता बंद हो गया है। एसपी गोयल जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। उसके बाद विधानसभा चुनाव होने के मद्देनजर गोयल को तीन से छह महीने का सेवा विस्तार भी मिल सकता है। लेकिन 1990 बैच के चारों आईएएस अफसर उससे पहले ही रिटायर हो जाएंगे। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव हिमांशु कुमार अक्टूबर 2025, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर एम बोवड़े सितंबर 2025 और भारत सरकार में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की सदस्य सचिव अर्चना अग्रवाल सितंबर 2026 में रिटायर हो जाएंगी। संजय प्रसाद ने ली गोयल की जगह
IAS संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल की जगह ली है। उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उनके पास प्रोटोकॉल, गृह, गोपन, वीजा पासपोर्ट, सतर्कता और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग है। इसके अलावा राज्य संपत्ति एवं नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सेवानिवृत मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को जल्द सरकार में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का सलाहकार या किसी निगम, आयोग या बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को भी सरकार कहीं समायोजित करने पर विचार कर रही है। प्रदेश सरकार को झटका
शासन और सत्ता के गलियारों में मनोज सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिलना सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकार मानते हैं कि जब सीएम योगी आदित्यनाथ के आग्रह पर मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार को लगातार सेवा विस्तार मिल सकता है। सीएम के प्रमुख सचिव अमित सिंह को लगातार सेवा विस्तार मिल सकता है तो मुख्य सचिव को सेवा विस्तार क्यों नहीं मिला? दुर्गाशंकर मिश्रा को तीन बार मिला था सेवा विस्तार
प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा को तीन बार सेवा विस्तार मिला था। उन्हें 31 दिसंबर 2021 को सेवानिवृत्ति के दिन एक साल का सेवा विस्तार देकर यूपी का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उसके बाद 31 दिसंबर 2022 को फिर एक साल का सेवा विस्तार मिला। 31 दिसंबर 2023 को फिर छह महीने का सेवा विस्तार मिला था। ————————- ये खबर भी पढ़ें- गोरखपुर में डॉक्टर के पति का किडनैपर BMW से चलता, 2 शादियां कीं, एक हिंदू, दूसरी मुस्लिम गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति को किडनैपिंग के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सुरक्षित रिकवर कर लिया। 3 बदमाशों की अरेस्टिंग हुई। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालू का नाम सामने आया। पढ़ें पूरी खबर
लोकभवन में गुरुवार शाम मनोज सिंह ने अपना कार्यभार एसपी गोयल को सौंप दिया। इस दौरान संजय प्रसाद और लखनऊ के डीएम विशाख जी. के अलावा कई बड़े अफसर मौजूद रहे। निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री मार्गदर्शन में कई बड़े-बड़े कार्य और आयोजन संपन्न हुए। मैं तहेदिल से आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। आपने पिछले एक साल में पूरे कोऑपरेशन और डेडिकेशन के साथ हमारे प्रशासन के साथ मिलकर काम किया। मैं एसपी गोयल का स्वागत करता हूं। गोयल ने सीएम योगी को बोला- थैंक्यू
एसपी गोयल ने कहा- मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के सबसे बड़े पद पर सेवा करने का मौका दिया है। मेरी प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताएं हैं। जीरो टॉलरेंस, जीरो क्राइम, जीरो करप्शन और औद्योगिक विकास को मैं आगे ले जाऊंगा। कोशिश करूंगा कि मैं भी सरकार की योजनाओं को लागू करूं। पूरा प्रयास करूंगा कि सभी योजनाओं का उसी गति और सफल क्रियान्वयन करा सकूं। आप सभी का सहयोग मेरे लिए बहुत जरूरी होगा। आपके, ब्यूरोक्रेसी और मुख्यमंत्री के सहयोग से सभी योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा। 1989 बैच के टॉपर हैं गोयल
1989 बैच के टॉपर IAS एसपी गोयल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद माना जाता है। जानकार मानते हैं कि एसपी गोयल का प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ भारत सरकार के गृह मंत्रालय सहित अधिकांश मंत्रालयों के सचिवों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। यही वजह है कि जिस किसी मामले में योगी सरकार केंद्र सरकार से जल्द मंजूरी चाहती थी, वह मिल जाती थी। 1967 में जन्मे गोयल लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने बीएससी (ऑनर्स), एमसीए, ईएमआईबी कोर्स किया है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने इटावा में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के पद से की थी। इसके बाद मेरठ, अलीगढ़, बहराइच के सीडीओ रहे। गोयल मथुरा, इटावा, प्रयागराज, देवरिया के डीएम भी रह चुके हैं। सपा सरकार में एसपी गोयल प्लानिंग विभाग के सचिव और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। एसपी गोयल केंद्र की मोदी सरकार में मानव संसाधन मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। 31 जनवरी, 2027 को गोयल का रिटायरमेंट होना है। एसपी गोयल के बड़े भाई सीपी गोयल भी भारतीय वन सेवा के अधिकारी रहे हैं। वह हाल ही में प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी गृहणी हैं। दोनों बेटे विदेश में अपना स्टार्टअप चलाते हैं। दबाव में काम नहीं करते गोयल
यूपी से लेकर भारत सरकार तक एसपी गोयल की छवि निडर और बेबाक अफसर की है। गोयल के साथ काम कर चुके आईएएस अफसर बताते हैं कि वह कभी भी दबाव में नहीं आते। इसका एक उदाहरण है कि 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे करीबी जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सिंचाई विभाग के साढ़े सात सौ सहायक इंजीनियर्स के ट्रांसफर की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी। गोयल को इतनी बड़ी संख्या में एई के तबादले तार्किक नहीं लगे। उन्होंने ट्रांसफर की फाइल को कई बार लौटा दिया। वहीं, सैमसंग इंडिया को निर्धारित से ज्यादा सब्सिडी देने की फाइल पर भी गोयल ने सहमति नहीं दी थी। योगी के विश्वसनीय और करीबी
एक पूर्व मुख्य सचिव बताते हैं- एसपी गोयल सीएम योगी के सबसे करीबी और विश्वसनीय अफसर हैं। आईएएस लॉबी में पंचम तल से लेकर पूर्व मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव रहे अफसरों और सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने उन्हें घेरने की कई बार कोशिश की। कई बार झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने की कोशिश भी की। लेकिन, सीएम योगी की नजर में गोयल की विश्वसनीयता और उपयोगिता के चलते वह कुछ नहीं बिगाड़ सके। वह बताते हैं कि गोयल के कारण ही सत्ता पक्ष और विपक्ष पंचम तल पर उंगली नहीं उठा सका। इतना ही नहीं, सीएम योगी ने भी किसी गलत फाइल पर दस्तखत नहीं किए। यूपी में आईएएस अफसरों की तैनाती में बीते 8 साल गोयल की ही बड़ी भूमिका रही। सबसे ताकतवर CS साबित होंगे
शासन के अधिकारी मानते हैं कि एसपी गोयल योगी सरकार में अब तक के सबसे ताकतवर मुख्य सचिव साबित होंगे। आमतौर पर मुख्य सचिव कार्यालय से लेकर शासन के सभी विभागों में पंचम तल की हनक ज्यादा रही है। गोयल खुद 8 साल से पंचम तल की कमान संभालते रहे। इतना ही नहीं, वह यूपी एक एक-एक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस की क्षमता जानते हैं। सरकार के मंत्रियों और विधायकों से भी उनका सीधा संवाद होता है। पंचम तल पर भी अधिकांश अफसरों की पोस्टिंग उनकी पसंद से की गई है। जेवर एयरपोर्ट को धरातल पर उतारा यूपी में यूं तो जेवर एयरपोर्ट का प्लान बसपा की मायावती सरकार से ही शुरू हो गया था। लेकिन, उसके बाद से यह प्लान केवल फाइलों तक ही सीमित रहा। गोयल ने नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव की बागडोर संभालने के बाद जेवर एयरपोर्ट की योजना को धरातल पर उतारने का काम किया था। जेवर एयरपोर्ट के ड्राइंग एंड डिजाइन से लेकर भूमि अधिग्रहण कराने, जेवर एयरपोर्ट के लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) तैयार करने, ग्लोबल टेंडर कराने तक में भी गोयल की बड़ी भूमिका थी। गोयल के कार्यकाल में ही यूपी में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या दो से बढ़कर 4 (लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, कुशीनगर) पहुंची। वहीं यूपी में अब आगरा, बरेली, गोरखपुर, हिंडन, कानपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद में एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। वहीं अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, सोनभद्र, झांसी, ललितपुर, सहारनपुर, पलिया और श्रावस्ती में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। 1990 बैच में अब कोई नहीं बन सकेगा CS
एसपी गोयल के मुख्य सचिव बनने से अब 1990 बैच के सभी अफसरों के मुख्य सचिव बनने का रास्ता बंद हो गया है। एसपी गोयल जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। उसके बाद विधानसभा चुनाव होने के मद्देनजर गोयल को तीन से छह महीने का सेवा विस्तार भी मिल सकता है। लेकिन 1990 बैच के चारों आईएएस अफसर उससे पहले ही रिटायर हो जाएंगे। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव हिमांशु कुमार अक्टूबर 2025, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर एम बोवड़े सितंबर 2025 और भारत सरकार में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की सदस्य सचिव अर्चना अग्रवाल सितंबर 2026 में रिटायर हो जाएंगी। संजय प्रसाद ने ली गोयल की जगह
IAS संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल की जगह ली है। उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उनके पास प्रोटोकॉल, गृह, गोपन, वीजा पासपोर्ट, सतर्कता और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग है। इसके अलावा राज्य संपत्ति एवं नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सेवानिवृत मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को जल्द सरकार में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का सलाहकार या किसी निगम, आयोग या बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को भी सरकार कहीं समायोजित करने पर विचार कर रही है। प्रदेश सरकार को झटका
शासन और सत्ता के गलियारों में मनोज सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिलना सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकार मानते हैं कि जब सीएम योगी आदित्यनाथ के आग्रह पर मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार को लगातार सेवा विस्तार मिल सकता है। सीएम के प्रमुख सचिव अमित सिंह को लगातार सेवा विस्तार मिल सकता है तो मुख्य सचिव को सेवा विस्तार क्यों नहीं मिला? दुर्गाशंकर मिश्रा को तीन बार मिला था सेवा विस्तार
प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा को तीन बार सेवा विस्तार मिला था। उन्हें 31 दिसंबर 2021 को सेवानिवृत्ति के दिन एक साल का सेवा विस्तार देकर यूपी का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उसके बाद 31 दिसंबर 2022 को फिर एक साल का सेवा विस्तार मिला। 31 दिसंबर 2023 को फिर छह महीने का सेवा विस्तार मिला था। ————————- ये खबर भी पढ़ें- गोरखपुर में डॉक्टर के पति का किडनैपर BMW से चलता, 2 शादियां कीं, एक हिंदू, दूसरी मुस्लिम गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति को किडनैपिंग के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने सुरक्षित रिकवर कर लिया। 3 बदमाशों की अरेस्टिंग हुई। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालू का नाम सामने आया। पढ़ें पूरी खबर