यूपी का आम बेल्ट माने जाने वाले मलिहाबाद में इस साल रिकॉर्ड बौर आए। पेड़ों पर फल भी खूब लगे। लेकिन कीड़ों, आंधी और बेमौसम बरसात ने परेशान किया। अब फल तोड़े जा रहे हैं। 8-10 दिन से मार्केट में बिकने भी शुरू हो गए हैं। किसानों को कच्चे-पक्के आम का क्या रेट मिल रहा? लखनऊ की दुबग्गा मंडी में आम किस भाव बिक रहा? शहर के बाजारों में क्या रेट है? आम आगे कितना सस्ता या फिर महंगा होगा? यह सब जानने के लिए हमने किसानों, आढ़तियों, आम कारोबारियों और विक्रेताओं से बात की। दुबग्गा मंडी में हमें जगजीवन मिले। वह देसी कच्चा आम 10 रुपए किलो बेच रहे हैं। बगल में ही मुन्नालाल आम लेकर बैठे मिले। कच्चा दशहरी आम 15 से 20 रुपए में बेच रहे। मंडी के ही दूसरी साइड में पके आम बिक रहे हैं। इनका रेट 30 से लेकर 50 रुपए किलो तक है। हम मंडी से निकलकर लखनऊ शहर के हजरतगंज इलाके पहुंचे। एक दुकान पर आम का रेट पूछा। पता चला- 90 रुपए किलो। यानी किसान के पास से आम कस्टमर तक आते-आते 9 गुना महंगा हो गया। बाग से मंडी तक आने लगे आम
राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद, काकोरी और माल इलाके में इस वक्त आम की टूट शुरू हो चुकी है। पहले यह 1 जून से शुरू होती थी, लेकिन इस बार 20 मई से ही इसकी शुरुआत हो गई है। दशहरी के जो पेड़ छोटे हैं, उनमें आम को हाथ से ही तोड़ा जा रहा है। जहां हाथ नहीं पहुंच रहा, उसके लिए लग्घे (बड़े बांस) का इस्तेमाल किया जा रहा है। तोड़ते वक्त यह भी ध्यान रखा जा रहा कि आम किसी तरह से चोटिल न हो। तोड़े गए आम नजदीकी मंडियों तक पहुंच रहे हैं। कुछ बागवान ऐसे भी हैं, जो अपने फलों को लखनऊ से बाहर दूसरी जगहों पर भी भेज रहे हैं। हमारी मुलाकात मलिहाबाद के बागवान जगजीवन से हुई। वह कहते हैं- जिस हिसाब से आम के पेड़ों में बौर आए थे, उतना फल नहीं आया। आंधी-पानी और पूर्वा हवा की वजह से आधा बौर चला गया था। अब जो आम आया है, वह 10 रुपए किलो बेच रहे हैं। पिछले साल यही आम 20 रुपए किलो तक बेचते थे। जगजीवन के पास रामकुमार लोधी थे। वह कहते हैं- मौसम की मार फल पर पड़ गई। पूर्वा हवा से ज्यादा नुकसान हुआ। इस वक्त कच्चा दशहरी आम 20 रुपए किलो बेच रहे हैं, लेकिन लेने वाला कोई नहीं आ रहा। हम लोगों को उम्मीद थी कि दाम ज्यादा मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। मलिहाबाद में आंधी का जितना असर रहा, इसके उलट माल इलाके में आंधी का प्रभाव थोड़ा-सा कम रहा। यहां के बागवान मुन्नालाल कहते हैं- आंधी-पानी से बहुत नुकसान नहीं हुआ है। हमारे पेड़ के देसी आमों को इस वक्त 14-15 रुपए किलो में खरीदार मिल जा रहे हैं। दशहरी आम 20-25 रुपए तक में जा रहा। अभी तो शुरुआत है, आगे उम्मीद है कि अच्छा रेट मिलेगा। 30-35 रुपए किलो का रेट अगर मिल जाता है, तो बढ़िया रहेगा। जो आम गिर रहे, वह पक नहीं सकते
दुबग्गा की मंडी में हमारी मुलाकात कच्चे आमों के कारोबारी मुन्ना से हुई। वह कहते हैं- अभी पिटा हुआ आम आ रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश और आंधी की वजह से आम कम हो गया। जो गिरा, वह मार्केट में 7-8 रुपए किलो में बिक रहा। इतने रेट में किसानों को फायदा नहीं मिलेगा। हमारे पास इस वक्त दशहरी के साथ बंबइया और फजली आम आ रहे हैं। ये अभी पक नहीं सकता, क्योंकि इसके अंदर गुठली नहीं है। हम अगर पकाने की कोशिश करेंगे, तो अंदर से सड़ जाएगा। दूसरे आढ़ती इकबाल कहते हैं- इस वक्त कच्चा आम कंपनियां खरीद रही हैं। वो इसका अचार बना रही हैं। इस वक्त किसानों को आम का सही रेट नहीं मिल रहा। 8-9 रुपए में अगर कच्चा आम बिकेगा, तो इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। पहले 12-15 रुपए में बिक रहा था। एक वजह यह भी है कि अबकी बार फल बहुत ज्यादा हो गए हैं। पके हुए आम दोगुना रेट में बिक रहे
मंडी में ही एक तरफ कच्चे आम आ रहे, तो दूसरी तरफ पके आम भी किसान लेकर आने लगे हैं। अभी जो आम किसान लेकर आ रहे हैं, वह पेड़ का पका नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से रखकर पकाया गया है। मलिहाबाद इलाके से आए किशन लाल एक छोटा-सा पैकेट दिखाते हैं। कहते हैं- एक पेटी आम में हम कार्बेट के 4 पैकेट रख देते हैं। इससे आम 2-3 दिन में अच्छी तरह पक जाता है। हमने पूछा कि ये नुकसान नहीं करता? वह कहते हैं नहीं, इसका किसी तरह से कोई नुकसान नहीं। माल इलाके के मनोज कुमार लोधी बाग में ही आम को पका रहे और उसे मंडी में ला रहे हैं। वह कहते हैं- हमारे परिवार में लंबे वक्त से आम का कारोबार रहा है। अबकी बार 10 दिन पहले से ही आम टूटने लगा है। किसानों को इस वक्त अच्छा रेट मिल रहा है। बारिश का ज्यादा प्रभाव काकोरी, इटौंजा और उन्नाव साइड रहा, लेकिन यहां कम है। इस वक्त हमारा आम 500 से लेकर 1000 रुपए तक की पेटी में जा रहा है। एक पेटी में 25 किलो आम आता है। मतलब 25 से 40 रुपए तक बिक रहा है। दिल्ली-मुंबई और गुजरात तक जा रहे यहां के आम
मनोज जिस आढ़त पर आम बेचते हैं, उसे धनंजय लोधी चलाते हैं। पिछले 20 साल से मार्केट में आम के उतार-चढ़ाव को देख रहे हैं। धनंजय कहते हैं- इस साल आम पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आया है। अभी शुरुआत है, इसलिए 500 से लेकर 1 हजार रुपए पेटी तक में बिक रहा है। 10 दिन पहले ही मार्केट में आम आना शुरू हो गया है। इस वक्त मलिहाबाद, काकोरी, माल इलाके में हर दिन 50 गाड़ी से ज्यादा आम टूट रहा। ज्यादातर यहीं दुबग्गा की मार्केट में आ रहा है। बाकी दिल्ली, मुंबई, गुजरात, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना तक जा रहा है। धनंजय कहते हैं- पिछले साल इस वक्त आम महंगा था। हालांकि इस साल महंगा हो, इसकी संभावना कम नजर आती है। दशहरी आम जल्दी आया है, तो जल्दी खत्म भी होगा। इसके खत्म होने के बाद लखनऊआ और सफेदा आएगा। हालांकि इस बार पेड़ों में ये 25% ही है, क्योंकि कटर नाम के कीड़े ने बहुत नुकसान कर दिया है। यह जहां आम लगा होता है, उसकी टहनी पर हमला बोलता है और आम को काटकर नीचे गिरा देता है। इससे बचने के लिए किसान आज भी दवा का छिड़काव कर रहे हैं। बाजार में 70 से 90 रुपए किलो बिक रहा आम
हम मंडी से निकलकर लखनऊ शहर के हजरतगंज पहुंचे। यहां ठेले पर आम बेचते रामकिशोर गुप्ता मिले। हमने आम का रेट पूछा तो जवाब मिला 70-80 रुपए में बेच रहे हैं। आज पहले ही दिन ठेला लगाया है, लेकिन अभी बिक नहीं रहा। जब बारिश होगी, तभी आम की बिक्री बढ़ेगी। इन्हीं की दुकान पर खड़े जगजीवन से हमने पूछा कि आपको कहां का आम पसंद है? वह कहते हैं कि हमें पसंद तो मलिहाबाद का ही आम है लेकिन अभी नहीं ला रहे हैं, क्योंकि अभी आम नुकसान करेगा। कुछ दिन बीत जाएं, फिर हम वहीं से जाकर पेटी खरीद कर लाते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… स्मगलिंग का गोल्ड पेट से निकालने को स्पेशल टॉयलेट सीट, 30-30 हजार में दुबई जाते हैं कूरियर बॉय यूपी के मुरादाबाद में 23 मई को पकड़े गए 4 सोना तस्करों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि रामपुर में कस्बा टांडा क्षेत्र के करीब 150 युवक तस्करी में शामिल हैं। फाइनेंसर उन्हें अपने खर्चे पर दुबई भेजते हैं। पढ़ें पूरी खबर
राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद, काकोरी और माल इलाके में इस वक्त आम की टूट शुरू हो चुकी है। पहले यह 1 जून से शुरू होती थी, लेकिन इस बार 20 मई से ही इसकी शुरुआत हो गई है। दशहरी के जो पेड़ छोटे हैं, उनमें आम को हाथ से ही तोड़ा जा रहा है। जहां हाथ नहीं पहुंच रहा, उसके लिए लग्घे (बड़े बांस) का इस्तेमाल किया जा रहा है। तोड़ते वक्त यह भी ध्यान रखा जा रहा कि आम किसी तरह से चोटिल न हो। तोड़े गए आम नजदीकी मंडियों तक पहुंच रहे हैं। कुछ बागवान ऐसे भी हैं, जो अपने फलों को लखनऊ से बाहर दूसरी जगहों पर भी भेज रहे हैं। हमारी मुलाकात मलिहाबाद के बागवान जगजीवन से हुई। वह कहते हैं- जिस हिसाब से आम के पेड़ों में बौर आए थे, उतना फल नहीं आया। आंधी-पानी और पूर्वा हवा की वजह से आधा बौर चला गया था। अब जो आम आया है, वह 10 रुपए किलो बेच रहे हैं। पिछले साल यही आम 20 रुपए किलो तक बेचते थे। जगजीवन के पास रामकुमार लोधी थे। वह कहते हैं- मौसम की मार फल पर पड़ गई। पूर्वा हवा से ज्यादा नुकसान हुआ। इस वक्त कच्चा दशहरी आम 20 रुपए किलो बेच रहे हैं, लेकिन लेने वाला कोई नहीं आ रहा। हम लोगों को उम्मीद थी कि दाम ज्यादा मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। मलिहाबाद में आंधी का जितना असर रहा, इसके उलट माल इलाके में आंधी का प्रभाव थोड़ा-सा कम रहा। यहां के बागवान मुन्नालाल कहते हैं- आंधी-पानी से बहुत नुकसान नहीं हुआ है। हमारे पेड़ के देसी आमों को इस वक्त 14-15 रुपए किलो में खरीदार मिल जा रहे हैं। दशहरी आम 20-25 रुपए तक में जा रहा। अभी तो शुरुआत है, आगे उम्मीद है कि अच्छा रेट मिलेगा। 30-35 रुपए किलो का रेट अगर मिल जाता है, तो बढ़िया रहेगा। जो आम गिर रहे, वह पक नहीं सकते
दुबग्गा की मंडी में हमारी मुलाकात कच्चे आमों के कारोबारी मुन्ना से हुई। वह कहते हैं- अभी पिटा हुआ आम आ रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश और आंधी की वजह से आम कम हो गया। जो गिरा, वह मार्केट में 7-8 रुपए किलो में बिक रहा। इतने रेट में किसानों को फायदा नहीं मिलेगा। हमारे पास इस वक्त दशहरी के साथ बंबइया और फजली आम आ रहे हैं। ये अभी पक नहीं सकता, क्योंकि इसके अंदर गुठली नहीं है। हम अगर पकाने की कोशिश करेंगे, तो अंदर से सड़ जाएगा। दूसरे आढ़ती इकबाल कहते हैं- इस वक्त कच्चा आम कंपनियां खरीद रही हैं। वो इसका अचार बना रही हैं। इस वक्त किसानों को आम का सही रेट नहीं मिल रहा। 8-9 रुपए में अगर कच्चा आम बिकेगा, तो इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। पहले 12-15 रुपए में बिक रहा था। एक वजह यह भी है कि अबकी बार फल बहुत ज्यादा हो गए हैं। पके हुए आम दोगुना रेट में बिक रहे
मंडी में ही एक तरफ कच्चे आम आ रहे, तो दूसरी तरफ पके आम भी किसान लेकर आने लगे हैं। अभी जो आम किसान लेकर आ रहे हैं, वह पेड़ का पका नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से रखकर पकाया गया है। मलिहाबाद इलाके से आए किशन लाल एक छोटा-सा पैकेट दिखाते हैं। कहते हैं- एक पेटी आम में हम कार्बेट के 4 पैकेट रख देते हैं। इससे आम 2-3 दिन में अच्छी तरह पक जाता है। हमने पूछा कि ये नुकसान नहीं करता? वह कहते हैं नहीं, इसका किसी तरह से कोई नुकसान नहीं। माल इलाके के मनोज कुमार लोधी बाग में ही आम को पका रहे और उसे मंडी में ला रहे हैं। वह कहते हैं- हमारे परिवार में लंबे वक्त से आम का कारोबार रहा है। अबकी बार 10 दिन पहले से ही आम टूटने लगा है। किसानों को इस वक्त अच्छा रेट मिल रहा है। बारिश का ज्यादा प्रभाव काकोरी, इटौंजा और उन्नाव साइड रहा, लेकिन यहां कम है। इस वक्त हमारा आम 500 से लेकर 1000 रुपए तक की पेटी में जा रहा है। एक पेटी में 25 किलो आम आता है। मतलब 25 से 40 रुपए तक बिक रहा है। दिल्ली-मुंबई और गुजरात तक जा रहे यहां के आम
मनोज जिस आढ़त पर आम बेचते हैं, उसे धनंजय लोधी चलाते हैं। पिछले 20 साल से मार्केट में आम के उतार-चढ़ाव को देख रहे हैं। धनंजय कहते हैं- इस साल आम पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आया है। अभी शुरुआत है, इसलिए 500 से लेकर 1 हजार रुपए पेटी तक में बिक रहा है। 10 दिन पहले ही मार्केट में आम आना शुरू हो गया है। इस वक्त मलिहाबाद, काकोरी, माल इलाके में हर दिन 50 गाड़ी से ज्यादा आम टूट रहा। ज्यादातर यहीं दुबग्गा की मार्केट में आ रहा है। बाकी दिल्ली, मुंबई, गुजरात, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना तक जा रहा है। धनंजय कहते हैं- पिछले साल इस वक्त आम महंगा था। हालांकि इस साल महंगा हो, इसकी संभावना कम नजर आती है। दशहरी आम जल्दी आया है, तो जल्दी खत्म भी होगा। इसके खत्म होने के बाद लखनऊआ और सफेदा आएगा। हालांकि इस बार पेड़ों में ये 25% ही है, क्योंकि कटर नाम के कीड़े ने बहुत नुकसान कर दिया है। यह जहां आम लगा होता है, उसकी टहनी पर हमला बोलता है और आम को काटकर नीचे गिरा देता है। इससे बचने के लिए किसान आज भी दवा का छिड़काव कर रहे हैं। बाजार में 70 से 90 रुपए किलो बिक रहा आम
हम मंडी से निकलकर लखनऊ शहर के हजरतगंज पहुंचे। यहां ठेले पर आम बेचते रामकिशोर गुप्ता मिले। हमने आम का रेट पूछा तो जवाब मिला 70-80 रुपए में बेच रहे हैं। आज पहले ही दिन ठेला लगाया है, लेकिन अभी बिक नहीं रहा। जब बारिश होगी, तभी आम की बिक्री बढ़ेगी। इन्हीं की दुकान पर खड़े जगजीवन से हमने पूछा कि आपको कहां का आम पसंद है? वह कहते हैं कि हमें पसंद तो मलिहाबाद का ही आम है लेकिन अभी नहीं ला रहे हैं, क्योंकि अभी आम नुकसान करेगा। कुछ दिन बीत जाएं, फिर हम वहीं से जाकर पेटी खरीद कर लाते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… स्मगलिंग का गोल्ड पेट से निकालने को स्पेशल टॉयलेट सीट, 30-30 हजार में दुबई जाते हैं कूरियर बॉय यूपी के मुरादाबाद में 23 मई को पकड़े गए 4 सोना तस्करों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि रामपुर में कस्बा टांडा क्षेत्र के करीब 150 युवक तस्करी में शामिल हैं। फाइनेंसर उन्हें अपने खर्चे पर दुबई भेजते हैं। पढ़ें पूरी खबर