कमांडो छांगुर बाबा-नसरीन को लेकर ATS हेडक्वार्टर पहुंची:3 करोड़ की आलीशान कोठी ध्वस्त, 1 लाख क्विंटल मलबा निकला

यूपी में धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसरीन को 7 दिन की रिमांड पर लिया गया। एटीएस टीम लखनऊ जेल से दोनों को लेकर एटीएस मुख्यालय पहुंची। वहां दोनों से अलग-अलग टीमें पूछताछ की गई। बाद में दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी। ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया- आज ATS ने छांगुर बाबा और नीतू उर्फ ​​नसरीन को 7 दिन की रिमांड पर लिया है। गिरोह के नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अवैध संपत्तियों के बारे में उनसे पूछताछ की जाएगी। ईडी को FIR की कॉपी सौंपी गई है। छांगुर बाबा पिछले 15 साल से धर्मांतरण करा रहा था। उसने भारी संख्या में लोगों का धर्मांतरण कराया। इससे पहले छांगुर बाबा की 3 करोड़ की कोठी पर तीसरे दिन गुरुवार को साढ़े 5 घंटे बुलडोजर चला। मेन गेट और बिल्डिंग के 3 बड़े निर्माण को गिराया गया। इनमें एक अस्पताल, निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का 30×20 स्क्वायर फीट का हॉल और एक 50×20 स्क्वायर फीट का अस्तबल शामिल है। 5 पिलर भी गिराए गए। बताया गया है कि छांगुर बाबा की धर्मांतरण के लिए बनाई गई कोठी का आधा हिस्सा गिरा दिया गया है। कोठी में 40 कमरे और 5 हॉल थे। 2 दिनों में कुल 19 घंटे कार्रवाई चली। बलरामपुर के उतरौला में सुबह 10 बजे प्रशासन की टीम 8 बुलडोजर लेकर कोठी पर पहुंची। दोपहर साढ़े 3 बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। टीम ने बताया कि आज 500 स्क्वायर फीट हिस्से को गिराया गया। इससे पहले 2 दिन की कार्रवाई में 250 स्क्वायर फीट हिस्से को ढहाया जा चुका है। इसमें एक लाख क्विंटल मलबा निकला है। अब मलबे को हटाया जा रहा है। छांगुर बाबा की कोठी की ध्वस्त होने से पहले और बाद की तस्वीरें देखिए तीन बीघा जमीन पर किलेनुमा कोठी
छांगुर बाबा की कोठी उतरौला-मनकापुर मेन रोड पर है। 3 बीघा जमीन पर 3 करोड़ की लागत से बनी इस कोठी में 70 से ज्यादा कमरे और हॉल बने थे। इसमें 10 CCTV लगे थे। कोठी के चारों तरफ बाउंड्री वॉल पर तार लगाया गया था। इन तारों में रात के समय करंट दौड़ाया जाता था, ताकि कोई अंदर न आ सके। मेन गेट से कोठी तक जाने के लिए 500 मीटर लंबी प्राइवेट रोड बनी है। 70 में से 40 कमरों वाले हिस्से को प्रशासन ने अवैध बताया है। उतरौला के तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि 17 मई, 17 जून और 7 जुलाई को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया था। हालांकि, छांगुर बाबा और नसरीन की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिए प्रशासन ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। ATS का दावा है कि छांगुर बाबा यहीं से धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहा था। हालांकि, यह कोठी उसकी महिला मित्र नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। बाबा ने ही नीतू का धर्मांतरण कर उसका नाम नसरीन रखा था। 5 जुलाई, शनिवार को ATS ने 50 हजार रुपए के इनामी छांगुर बाबा को नीतू उर्फ नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार किया था। छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन बुलडोजर एक्शन से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…