उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से माता वैष्णो देवी तक दंडवत यात्रा पर निकला 21 वर्षीय युवक सुनील इन दिनों हरियाणा के करनाल जिले में पहुंच चुका है। यह यात्रा 1500 किलोमीटर से ज्यादा की है, जिसे वह पूरी तरह दंडवत करते हुए तय कर रहा है। 13 जून 2025 को शुरू हुई यह यात्रा 26 जनवरी को 229वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। सुनील का कहना है कि उसका संकल्प हिंदू संस्कृति को बढ़ावा देने, गऊ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने और हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर है। महोबा से वैष्णो देवी तक का कठिन संकल्प
युवक सुनील उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बसौरा गांव का रहने वाला है, जो बागेश्वर धाम के नजदीक पड़ता है। बचपन से ही वह हिंदू संस्कृति के प्रति समर्पित रहा है। उसने महोबा से माता वैष्णो देवी के लिए दंडवत यात्रा शुरू की, जिसमें वह रोजाना करीब 3 से 4 किलोमीटर ही आगे बढ़ पाता है। इसी कारण उसे करनाल शहर तक पहुंचने में भी तीन से चार दिन का समय लगने की बात कही जा रही है। अनुमान के अनुसार, उसे अभी करीब साढ़े पांच महीने और लगेंगे, जिसके बाद वह वैष्णो देवी पहुंचेगा। पहाड़ों की चढ़ाई भी वह दंडवत ही करेगा। घर वालों की चिंता, लेकिन संकल्प अडिग
जब उसने यह यात्रा शुरू की थी, तब परिवार के लोगों ने उसे मना भी किया था। बावजूद इसके, उसके मन में संकल्प इतना मजबूत था कि वह घर से निकल पड़ा। उसने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि रास्ता आसान नहीं होगा और कई तरह की परेशानियां आएंगी, लेकिन माता रानी पर उसका भरोसा अडिग है। उसका कहना है कि वह अपने प्रण को पूरा करके ही दम लेगा। गरीब परिवार से है युवक, माता रानी पर पूरा भरोसा
सुनील ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से आता है। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा उसका एक भाई और दो बहनें है। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण वह माता रानी के भरोसे ही घर से निकला है। रास्ते में कहीं लोग उसे खाना खिला देते हैं, तो कहीं खाने के लिए आर्थिक मदद मिल जाती है। वह दिन के समय ही यात्रा करता है और रात को किसी पेट्रोल पंप या मंदिर में ठहर जाता है। अगर कहीं ठहरने की व्यवस्था नहीं मिलती, तो वह रात में भी अपनी यात्रा जारी रखता है। रेहड़ी में माता रानी की तस्वीर, अकेले ही आगे बढ़ रहा है
सुनील अपनी यात्रा के दौरान एक रेहड़ी भी साथ लेकर चल रहा है, जिसमें माता वैष्णो देवी की तस्वीर लगी हुई है। इस रेहड़ी को वह खुद ही आगे बढ़ाता है। उसकी यात्रा पूरी तरह अकेले की है, लेकिन उसका कहना है कि उसकी मांग पूरे देश और सनातन समाज के लिए है। सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाना चाहता है आवाज
उसने सोशल मीडिया पर भी अपना अकाउंट बनाया हुआ है, जिस पर वह रोजाना अपनी यात्रा से जुड़े वीडियो डालता है। उसका उद्देश्य है कि उसकी आवाज सरकार तक पहुंचे और उसकी मांगों पर ध्यान दिया जाए। युवक को पूरा विश्वास है कि माता रानी के आशीर्वाद से वह अपने संकल्प में जरूर सफल होगा।
युवक सुनील उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बसौरा गांव का रहने वाला है, जो बागेश्वर धाम के नजदीक पड़ता है। बचपन से ही वह हिंदू संस्कृति के प्रति समर्पित रहा है। उसने महोबा से माता वैष्णो देवी के लिए दंडवत यात्रा शुरू की, जिसमें वह रोजाना करीब 3 से 4 किलोमीटर ही आगे बढ़ पाता है। इसी कारण उसे करनाल शहर तक पहुंचने में भी तीन से चार दिन का समय लगने की बात कही जा रही है। अनुमान के अनुसार, उसे अभी करीब साढ़े पांच महीने और लगेंगे, जिसके बाद वह वैष्णो देवी पहुंचेगा। पहाड़ों की चढ़ाई भी वह दंडवत ही करेगा। घर वालों की चिंता, लेकिन संकल्प अडिग
जब उसने यह यात्रा शुरू की थी, तब परिवार के लोगों ने उसे मना भी किया था। बावजूद इसके, उसके मन में संकल्प इतना मजबूत था कि वह घर से निकल पड़ा। उसने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि रास्ता आसान नहीं होगा और कई तरह की परेशानियां आएंगी, लेकिन माता रानी पर उसका भरोसा अडिग है। उसका कहना है कि वह अपने प्रण को पूरा करके ही दम लेगा। गरीब परिवार से है युवक, माता रानी पर पूरा भरोसा
सुनील ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से आता है। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा उसका एक भाई और दो बहनें है। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण वह माता रानी के भरोसे ही घर से निकला है। रास्ते में कहीं लोग उसे खाना खिला देते हैं, तो कहीं खाने के लिए आर्थिक मदद मिल जाती है। वह दिन के समय ही यात्रा करता है और रात को किसी पेट्रोल पंप या मंदिर में ठहर जाता है। अगर कहीं ठहरने की व्यवस्था नहीं मिलती, तो वह रात में भी अपनी यात्रा जारी रखता है। रेहड़ी में माता रानी की तस्वीर, अकेले ही आगे बढ़ रहा है
सुनील अपनी यात्रा के दौरान एक रेहड़ी भी साथ लेकर चल रहा है, जिसमें माता वैष्णो देवी की तस्वीर लगी हुई है। इस रेहड़ी को वह खुद ही आगे बढ़ाता है। उसकी यात्रा पूरी तरह अकेले की है, लेकिन उसका कहना है कि उसकी मांग पूरे देश और सनातन समाज के लिए है। सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाना चाहता है आवाज
उसने सोशल मीडिया पर भी अपना अकाउंट बनाया हुआ है, जिस पर वह रोजाना अपनी यात्रा से जुड़े वीडियो डालता है। उसका उद्देश्य है कि उसकी आवाज सरकार तक पहुंचे और उसकी मांगों पर ध्यान दिया जाए। युवक को पूरा विश्वास है कि माता रानी के आशीर्वाद से वह अपने संकल्प में जरूर सफल होगा।