कानपुर गैंगरेप- पीड़िता के भाई को धमकी:लिखा- दरोगा जी की नौकरी से मत खेलो, रोना पड़ेगा; 7 जन्मों में कोई मदद नहीं करेगा

कानपुर गैंगरेप केस में 8 दिन से दरोगा अमित कुमार फरार है। भले ही पुलिस आरोपी दरोगा को ट्रेस नहीं कर पा रही है, मगर दरोगा लड़की और उसके परिवार पर दबाव बनाने के हथकंडे अपना रहा है। 12 जनवरी को पीड़िता के भाई को एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप मैसेज भेजा गया। इसमें धमकाते हुए लिखा गया- जिन पर विश्वास करते हो, वहीं छोड़ देंगे… रोना आएगा बाद में… कोई मदद नहीं करेगा तुम्हारी… ऐसी लाइफ जियोगे… शर्म भी नहीं कर पाओगे। भाई ने ये चैट पुलिस को सौंपी है, जिस नंबर से मैसेज आया है, वो स्विच ऑफ है। कानपुर पुलिस इस नंबर को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। कानपुर पुलिस ने दरोगा पर 50 हजार रुपए का इनाम रखा है, मगर एक भी क्लू जुटा नहीं सकी है। चर्चा है कि डिपार्टमेंट के अंदर के लोग ही दरोगा की मदद कर रहे हैं। कानपुर पुलिस की 4 टीमें गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मगर सोर्स कहते हैं कि दरोगा कानपुर में ही अंडरग्राउंड है। इसलिए पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। पढ़िए रिपोर्ट… पहले पीड़िता के भाई को मिली धमकी पढ़िए… लिखा- दरोगा बहुत शरीफ, उनके नाम से मत खेलो
भाई कहते हैं- सोमवार सुबह 9:16 से 9:56 के बीच में मेरे वॉट्सऐप नंबर पर छोटू कुशवाह के नाम के युवक के मैसेज आए, जो इस तरह से हैं– देखो दरोगा जी की नौकरी के साथ मत खेलो, वो गलत नहीं हैं, हम उनको जानते हैं, वो बहुत शरीफ हैं। उनका नाम खराब मत करो। उनकी जमानत हो चुकी है, तुम्हारी कोई 7 जन्मों तक हेल्प नहीं करेगा। दारोगाजी आंखों में आंसू भी न छोड़ेंगे, ऐसी लाइफ जी पाओगे, तुम्हें शर्म नहीं आती। जिन पर विश्वास करते हो, वहीं तुम्हें छोड़ जाएंगे, बाद में रोना आएगा तो रो भी नही पाओगे। दरोगा अमित कुमार मौर्य और उसके मददगार उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान पीड़िता के भाई ने कहा- आरोपी दरोगा के आजाद घूमने से मेरी बहन दहशत में है। हाईकोर्ट में अरेस्ट स्टे की अर्जी लगाई
वहीं हाईकोर्ट में अमित की ओर से अरेस्ट स्टे की अर्जी दाखिल की गई है। अमित अपने सरपरस्तों के जरिए कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश कर सकता है। DCP वेस्ट कासिम आबिदी ने बताया- 4 टीमें इस वक्त एक्टिव हैं। उन्हें एक ही टास्क है कि दरोगा को अरेस्ट करके कोर्ट के सामने पेश करो। सर्विलांस टीम- लोकेशन ट्रेस करना, CCTV देखकर क्लू इकट्‌ठे कर रही है। क्राइम ब्रांच- दरोगा के पुराने मामले और उसके टच में रहने वालों पर निगाह रख रही है। लोकल थाना- सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा के नेतृत्व में SSI और 4 दरोगा समेत थाने की 2 टीमें लगी हुई हैं। ये दोनों टीम अलग-अलग शहरों में दरोगा को ट्रेस कर रही हैं। बाराजोड़ और बड़ौरी टोल के फुटेज में दरोगा नहीं दिखा
पुलिस की इन टीमों के पास कोई सटीक आउटपुट नहीं है। मगर पुलिस सोर्स 2 तरह की बातें कर रहे हैं। पहला- दरोगा कहीं भागा नहीं है, वो कानपुर में अपने मददगारों की मदद से छिपा हुआ है। अरेस्ट स्टे मिलने का वेट कर रहा है। दूसरा- दरोगा ने कानपुर छोड़ दिया है, वो अपने रिलेटिव और दोस्तों की मदद से छिपता घूम रहा है। दरअसल, सर्विलांस टीम के मुताबिक, उन्हें आरोपी दरोगा की पहली लोकेशन बर्रा में मिली। उसके 1 दिन बाद दरोगा की लोकेशन प्रयागराज में थी। मगर उसके बाद उसको किसी ने देखा नहीं। पुलिस अधिकारी कहते हैं- कानपुर के बाराजोड़ टोल प्लाजा और फतेहपुर के बड़ौरी टोल प्लाजा पर पुलिस टीमों ने CCTV जांचे, हालांकि उनमें आरोपी दरोगा दिखा नहीं था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी दरोगा कानपुर के बॉर्डर से बाहर जा सकता है, इसलिए यूपी के सभी 75 जिलों में दरोगा की डिटेल शेयर की गई है। लोकल इंटेलिजेंस के जरिए उसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दरोगा के परिवार और रिश्तेदारों के यहां सिविल वर्दी में पुलिस टीम निगरानी कर रही है। ताकि मूवमेंट होते ही अरेस्टिंग हो सके। पीड़ित परिवार से सपा के पूर्व विधायक मिले
पीड़िता के भाई ने बताया- सोमवार को सपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला और पूर्व सांसद राजाराम पाल मिलने पहुंंचे। करीब 35 मिनट तक, वो लोग पीड़िता के घर में रहे। इस दौरान परिवार को होने वाली दिक्कतों के बारे में जाना। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस के लगातार टच में रहकर दरोगा को सजा दिलाएंगे। 5 जनवरी की रात दरोगा और यूट्यूबर ने रेप किया
मामले की शुरुआत 5 जनवरी की रात 10 बजे हुई। 14 साल की पीड़िता घर से निकली थी। उसने बताया कि मुझे स्कॉर्पियो में बैठे दरोगा अमित कुमार मौर्य और यूट्यूबर शिवबरन यादव ने जबरन गाड़ी के अंदर खींच लिया। फिर सचेंडी में रेलवे ट्रैक के किनारे लेकर गए। मैं चीखती चिल्लाती रही, मगर सुनने वाला कोई नहीं था। सुनसान जगह पर ले जाकर दोनों ने गाड़ी के अंदर ही मुझसे गैंगरेप किया। करीब 2 घंटे बाद पीड़िता को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर दोनों आरोपी भाग गए। रात 12 बजे पीड़ित ने पुलिस को कॉल किया और गैंगरेप के बारे में सूचना दी। पीड़िता अपने भाई के साथ चौकी पहुंची, जहां उसे डांटकर भगा दिया गया। पुलिस कमिश्नर से मिलकर पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अज्ञात में गैंगरेप और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब तक 5 पुलिस वालों पर कार्रवाई हुई ————————— ये खबर भी पढ़िए- कानपुर गैंगरेप पीड़िता बोली- यूट्यूबर ने मुंह दबाया:दरोगा ने पैर पकड़े, 45 मिनट तक दरिंदगी की; योगी ने अफसरों को लगाई फटकार ‘मैं टॉयलेट के लिए घर के पीछे 200 मीटर दूर तालाब तक गई थी। वहां से कुछ दूर एक काले रंग की स्कॉर्पियो रुकी, 2 लोग उतरे और मुझे खींचकर गाड़ी के अंदर ले जाने लगे। वर्दी पहने शख्स ने मेरे पैर पकड़ लिए। जबकि दूसरे व्यक्ति ने मेरा मुंह दबा लिया, हाथ जकड़ लिए। मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। खींचकर स्कॉर्पियो में लेकर गए, वर्दी पहना शख्स मुझे छोड़कर ड्राइविंग शीट पर बैठ गया।’ ये बातें गैंगरेप पीड़िता ने भास्कर से बातचीत में कहीं। पढ़ें पूरी खबर…