कानपुर में डॉग का BBA स्टूडेंट पर हमला:छात्रा का गाल लटका, नाक का मांस भी नोचा; चेहरे पर 17 टांके लगे

कानपुर में कॉलेज से घर आ रही बीबीए छात्रा पर स्ट्रीट डॉग्स ने हमला कर दिया। उसे सड़क पर गिरा दिया। उसके गाल का मांस नोच लिया। इससे उसका गाल दो हिस्सों में बंट गया। वहीं नाक से भी मांस नोच लिया। छात्रा का शोर सुनकर मौके पर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। लोगों ने डंडों से मारकर कुत्तों को हटाया। इसके बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके गाल और नाक पर 17 टांके लगे हैं। छात्रा के चाचा आशुतोष ने बताया- उनकी भतीजी की हालत बेहद गंभीर है। वह कुछ खा-पी नहीं पा रही है। डॉग अटैक से वह इस कदर डर गई कि सदमें में पहुंच गई है। मामला श्याम नगर क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए.. अब जानिए पूरा मामला…
श्याम नगर के मकान नंबर ई-59 केडीए कॉलोनी देहली सुजानपुर रामपुरम फेस-1 में रहने वाले आशुतोष निगम ने बताया कि उनके दिवंगत भाई वीरेंद्र स्वरूप साहू का परिवार उनके साथ रहता है। उनकी 21 साल की भतीजी वैष्णवी साहू एलन हाउस रूमा में बीबीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट है। 20 अगस्त की दोपहर वह कॉलेज से घर लौट रही थी। मोहल्ले के मुधवन पार्क के पास आवारा कुत्ते का झुंड और बंदरों में झगड़ा हो रहा था। इस दौरान तीन कुत्तों ने उसके ऊपर अटैक कर दिया और उसे नोचने लगे। कुत्तों के उसका मुंह और नाक के साथ शरीर पर कई जगह काट लिया। पूरा गाल दो हिस्सों में बंट गया
कुत्तों ने इस कदर काटा कि दाहिनी तरफ का पूरा गाल दो हिस्सों में बंट गया। कुत्तों ने नाक में नोच लिया। चेहरे के साथ ही शरीर में कई जगह काटा। इस तरह हमला किया कि उसकी जान पर बन आई। वह भागी, लेकिन कुत्तों ने उसे दबोचकर गिरा लिया। चीख-पुकार सुन मोहल्ले के लोग डंडा लेकर दौड़े तब जाकर उसे किसी तरह छुड़ाया, लेकिन तब तक वह पूरी तरह खून से लथपथ हो चुकी थी। कुत्ते के हमले के बाद छात्रा सदमे में
सूचना पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे कांशीराम अस्पताल में एडमिट कराया। जहां पर उसके चेहरे पर करीब 17 टांके लगे हैं। इस घटना से आवारा कुत्तों को लेकर इलाके के लोगों में खौफ है। लोगों ने घर से निकलना तक बंद कर दिया है। कुत्ते के हमले के बाद छात्रा सदमे में है, रह-रह कर चौंक जाती और चीखने लगती है। छात्रा की हालत गंभीर, कॅरियर भी दांव पर लगा
छात्रा के चाचा आशुतोष ने बताया कि उनकी भतीजी की हालत बेहद गंभीर है। वह कुछ खा-पी नहीं पा रही है। कुत्तों के हमले के बाद वह जैसे सदमें में चली गई है। रह-रह कर चौंक जाती है और चीखने लगती है। मेरी किसी भी तरह के रुपए पैसों की मांग नहीं है। उसकी शादी और कॅरियर दोनों प्रभावित
मेरी मांग है कि भतीजी का जो चेहरा बिगड़ गया है, उसका बेहतर इलाज हो जाए। इससे कि उसकी शादी और कॅरियर दोनों प्रभावित नहीं हो। आज मेरे घर के बच्चे पर डॉग ने अटैक किया है, कल किसी और का बच्चे पर भी कुत्ते हमला कर सकते हैं। मैं ये नहीं कहता कि कुत्तों को गोली मार देनी चाहिए, लेकिन कुत्तों को शेल्टर होम बनाकर वहां पर शिफ्ट करना चाहिए। जिम्मेदारों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। मेरी भतीजी की तो जिंदगी दांव पर लगी है
आवारा कुत्तों के हमले से तो मेरी भतीजी की जिंदगी दांव पर लग गई है। उसकी शादी और कॅरियर हर चीज के लिए चुनौती फेस करनी पड़ेगी। लेकिन इस घटना का जिम्मेदार कौन है। इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर निगम और जिम्मेदार अफसरों को कदम उठाना चाहिए। नहीं तो इसी तरह हर रोज आम आदमी आवारा कुत्तों का शिकार होता रहेगा। ………………………. ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में दोगुना हुआ डॉग बाइट का ग्राफ:कुत्तों ने बीते 5 साल में 45,027 को काटा; सड़क पर 1.25 लाख स्ट्रीट डॉग घूम रहे कानपुर में डॉग बाइट का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। कुत्ते इस कदर हिंसक होते जा रहे हैं कि अपने ही मालिक की जान ले रहे हैं। सिर्फ मोहिनी त्रिवेदी की जान कुत्ते ने नहीं ली। इससे पहले 26 मई 2024 को भी स्ट्रीट डॉग ने एक बच्ची को नोचकर मार डाला था। जबकि एक अन्य को घायल कर दिया था। मौजूदा समय में करीब सवा लाख आवारा कुत्ते कानपुर की सड़कों पर घूम रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर