कानपुर में एक LED बल्ब की फैक्ट्री में सोमवार रात भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की आशंका है। देखते ही देखते चंद मिलट में आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री मालिक और मोहल्ले के लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत से करीब एक घंटे के प्रयास से आग पर काबू पाया। एहतियातन आसपास के घरों को भी खाली कराया गया था। घटना किदवई नगर थाना क्षेत्र के सफेद कॉलोनी लुधौरा की है। 3 मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर फैक्ट्री चल रही थी। ऊपर 12 किराएदार रहते हैं। मकान में रहने वाली पूनम, ओमप्रकाश, माला, शनि समेत अन्य किराएदारों ने बताया कि आग लगने के बाद मकान में फंस गए थे। पड़ोसी की छत से होते हुए भागकर अपनी जान बचाई। 2 तस्वीरें देखिए- तीन मंजिला बिल्डिंग में फैक्ट्री और 12 किराएदार थे लुधौरा निवासी राम विलाश शर्मा ने बताया कि उनका तीन मंजिला मकान है। इसमें उनके दो बेटे जसवीर और बलवीर के परिवार के साथ ही 12 किराएदार रहते हैं। बेटे जसवीर का ग्राउंड फ्लोर पर एलईडी बल्ब का कारखाना है। रात करीब 10 बजे शॉर्ट सर्किट से बल्ब फैक्ट्री में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। ग्राउंड फ्लोर पर आग बढ़ती देख जसबीर और बलवीर के परिवार के साथ ही सभी किराएदारों ने भागकर अपनी जान बचाई। ग्राउंड फ्लोर धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी तेज थी कि आसपास के भी कई लोग अपने घर से बाहर परिवार समेत आ गए। फैक्ट्री मालिक बोले- लाखों रुपए का नुकसान हुआ आग पर काबू पाने के बाद भी फायर ब्रिगेड ने चौतरफा पानी की बौछार मारकर पूरे मकान को ठंडा किया। फैक्ट्री मालिक ने बताया कि आग की चपेट में आने से पूरी फैक्ट्री जलकर राख हो गई है। लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत से आग को फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने काबू पा लिया है। फिर मकान काे पूरी तरह से ठंडा किया गया। जिससे कि दोबारा आग नहीं धधके और मकान में रहने वाले लोग भीतर दाखिल हो सकें। मकान की दीवारों में दरार पड़ गई
जसबीर ने बताया कि आग की चपेट में आने से पूरी फैक्ट्री तो जलकर राख हो ही गई। इसके साथ ही उनके घर और कई किराएदारों की गृहस्थी भी आग और धुआं की चपेट में आने से बेकार हो गई हैं। आग की लपटें इतनी तेज थी कि ग्राउंड फ्लोर पूरा आग का गोला बन गया था। आग बुझने के बाद मकान की दीवारों में दरार पड़ गई हैं। फिलहाल मकान में रहने वाले सभी लोगों को फायर ब्रिगेड ने जांच होने तक बाहर रहने की नसीहत दी है। कांग्रेस नेता बोले- सतर्कता से बड़ा हादसा टला
कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने बताया कि आग लगते ही सभी लोग बाहर भागकर खुद को सुरक्षित किया। समय रहते फायर ब्रिगेड और क्षेत्रीय लोगों की सतर्कता से करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया है। आग पर काबू पाने के बाद भी फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और अफसर जांच में जुटे हुए हैं। आग लगने के बाद सबसे पहले बिजली काटी गई और फिर तेजी से आग पर काबू पाया गया। पीड़ित परिवार के साथ हम लोग सहयोग के लिए खड़े हैं। सीएफओ ने कहा- मानक के विपरीत रिहायशी एरिया में फैक्ट्री
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि जसवीर शर्मा अपने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर एलईडी बल्ब बनाने का अवैध रूप से कारखाना चला रहे थे। जांच के दौरान वह एनओसी से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। इसके साथ ही मकान में सकरा जीना था, जबकि 13 किराएदार रहते हैं। पड़ोसी की छत से भागने का रास्ता नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जांच के बाद फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है।
जसबीर ने बताया कि आग की चपेट में आने से पूरी फैक्ट्री तो जलकर राख हो ही गई। इसके साथ ही उनके घर और कई किराएदारों की गृहस्थी भी आग और धुआं की चपेट में आने से बेकार हो गई हैं। आग की लपटें इतनी तेज थी कि ग्राउंड फ्लोर पूरा आग का गोला बन गया था। आग बुझने के बाद मकान की दीवारों में दरार पड़ गई हैं। फिलहाल मकान में रहने वाले सभी लोगों को फायर ब्रिगेड ने जांच होने तक बाहर रहने की नसीहत दी है। कांग्रेस नेता बोले- सतर्कता से बड़ा हादसा टला
कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने बताया कि आग लगते ही सभी लोग बाहर भागकर खुद को सुरक्षित किया। समय रहते फायर ब्रिगेड और क्षेत्रीय लोगों की सतर्कता से करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया है। आग पर काबू पाने के बाद भी फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और अफसर जांच में जुटे हुए हैं। आग लगने के बाद सबसे पहले बिजली काटी गई और फिर तेजी से आग पर काबू पाया गया। पीड़ित परिवार के साथ हम लोग सहयोग के लिए खड़े हैं। सीएफओ ने कहा- मानक के विपरीत रिहायशी एरिया में फैक्ट्री
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि जसवीर शर्मा अपने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर एलईडी बल्ब बनाने का अवैध रूप से कारखाना चला रहे थे। जांच के दौरान वह एनओसी से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। इसके साथ ही मकान में सकरा जीना था, जबकि 13 किराएदार रहते हैं। पड़ोसी की छत से भागने का रास्ता नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जांच के बाद फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है।