काशी बाबा विश्वनाथ के साथ अपने जायके के लिए भी जानी जाती है। बनारस की ऐसी कोई गली नहीं, जहां आपको कुछ अलग खाने को ना मिले। दरअसल हर गली का अपना इतिहास है और अलग स्वाद…। आज जायका में लंका का प्रसिद्ध 15 साल पुराने शाकाहारी कबाब पराठे के स्वाद को जानिए… काशी के फेमस जायकों में एक है वेज कबाब पराठा। इसका स्वाद लेना है, तो सीधे लंका स्थित भोला कबाब पराठे की दुकान पर आइए। महज 25 रुपए में आपको यहां लाजवाब स्वाद वाला वेज कबाब पराठा मिलेगा। वेज कबाब पराठे के अलावा यहां वेज कबाब रोल भी ग्राहकों को परोसा जाता है। सुबह 11 बजे दुकान खुलने के साथ ही यहां ग्राहकों की भीड़ हो जाती है। ग्राहकों के आने का सिलसिला रात 11 बजे तक चलता रहता है। लखनऊ घूमने आए, यहीं से मिला आइडिया
वेज कबाब पराठा सेंटर के मालिक मनोज गुप्ता ने बताया, वाराणसी में वेज कबाब की सबसे पहले शुरुआत मैंने ही की थी। लखनऊ घूमने के दौरान आइडिया आया और फिर बनारस में इसका स्वाद लोगों को चखाने लगा। महज 25 रुपए में आज भी वेज कबाब पराठा ग्राहकों को परोसता हूं। लोग भी इस स्वाद के दीवाने हैं। मनोज गुप्ता ने बताया, वो मिक्स दाल, कच्चे केले, सोयाबीन, चुकंदर के साथ स्पेशल मसालों का इस्तेमाल कर वेज कबाब तैयार करते हैं। इसके साथ हरी चटनी और ग्रेवी भी ग्राहकों को परोसते हैं। यह स्वाद को और भी लजीज बना देता है। चटनी और ग्रेवी की तैयारी
कबाब पराठा के साथ दो तरह की चटनी दी जाती है, लाल और हरी। इसको तैयार करने के लिए हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पालक, खटाई और नमक डाला जाता है। लाल चटनी तैयार करने के लिए लहसुन, प्याज, हरा मिर्च, तेल, गर्म मसाला डाला जाता है। हर दिन 1 हजार प्लेट कबाब बिकता है
दुकानदार मनोज गुप्ता ने बताया- हमारी दुकान पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता सहित कई राजनेता भी कबाब पराठा का स्वाद लेने पहुंचे। इसके अलावा दूर-दूर से आने वाले पर्यटक भी वेज कबाब पराठा खाने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया की अनुमानित 1 हजार प्लेट लेकर हम लोग दुकान पर आते हैं। वह सब खत्म हो जाता है। प्लास्टिक की प्लेट यूज करते हैं। कस्टमर रिव्यू… ————————- ये खबर भी पढ़ें… रामदेव ने जिसे ‘शरबत जिहाद’ कहा, यूपी से उसका कनेक्शन, पहले हकीम की दवा थी, आज हर साल 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई बाबा रामदेव के एक बार फिर अपने बयान की वजह से विवाद में हैं। इस बार उन्होंने शरबत बनाने वाली कंपनी रूह अफजा पर बिना नाम लिए टिप्पणी की है। उन्होंने इसे शरबत जिहाद कहा। उन्होंने एक पतंजलि के शरबत के प्रचार के दौरान यह बात कही। अब उनका यह वीडियो वायरल है। क्या है पूरा मामला? रूह अफजा की कहानी क्या है? पढ़ें पूरी खबर
वेज कबाब पराठा सेंटर के मालिक मनोज गुप्ता ने बताया, वाराणसी में वेज कबाब की सबसे पहले शुरुआत मैंने ही की थी। लखनऊ घूमने के दौरान आइडिया आया और फिर बनारस में इसका स्वाद लोगों को चखाने लगा। महज 25 रुपए में आज भी वेज कबाब पराठा ग्राहकों को परोसता हूं। लोग भी इस स्वाद के दीवाने हैं। मनोज गुप्ता ने बताया, वो मिक्स दाल, कच्चे केले, सोयाबीन, चुकंदर के साथ स्पेशल मसालों का इस्तेमाल कर वेज कबाब तैयार करते हैं। इसके साथ हरी चटनी और ग्रेवी भी ग्राहकों को परोसते हैं। यह स्वाद को और भी लजीज बना देता है। चटनी और ग्रेवी की तैयारी
कबाब पराठा के साथ दो तरह की चटनी दी जाती है, लाल और हरी। इसको तैयार करने के लिए हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पालक, खटाई और नमक डाला जाता है। लाल चटनी तैयार करने के लिए लहसुन, प्याज, हरा मिर्च, तेल, गर्म मसाला डाला जाता है। हर दिन 1 हजार प्लेट कबाब बिकता है
दुकानदार मनोज गुप्ता ने बताया- हमारी दुकान पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता सहित कई राजनेता भी कबाब पराठा का स्वाद लेने पहुंचे। इसके अलावा दूर-दूर से आने वाले पर्यटक भी वेज कबाब पराठा खाने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया की अनुमानित 1 हजार प्लेट लेकर हम लोग दुकान पर आते हैं। वह सब खत्म हो जाता है। प्लास्टिक की प्लेट यूज करते हैं। कस्टमर रिव्यू… ————————- ये खबर भी पढ़ें… रामदेव ने जिसे ‘शरबत जिहाद’ कहा, यूपी से उसका कनेक्शन, पहले हकीम की दवा थी, आज हर साल 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई बाबा रामदेव के एक बार फिर अपने बयान की वजह से विवाद में हैं। इस बार उन्होंने शरबत बनाने वाली कंपनी रूह अफजा पर बिना नाम लिए टिप्पणी की है। उन्होंने इसे शरबत जिहाद कहा। उन्होंने एक पतंजलि के शरबत के प्रचार के दौरान यह बात कही। अब उनका यह वीडियो वायरल है। क्या है पूरा मामला? रूह अफजा की कहानी क्या है? पढ़ें पूरी खबर