काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, VIDEO:लाश देखने से पहले पिता बेसुध; बोले- आरोपी का एनकाउंटर हो, तभी अंतिम संस्कार करेंगे

वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई। घायल छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। बाहर दुकानों में तोड़फोड़ कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कॉलेज का मेन गेट बंद करा दिया था। आसपास की 150 से अधिक दुकानों को भी बंद करा दिया। परिसर में सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी। करीब 3 घंटे बाद पुलिस ने कॉलेज का गेट खुलवाया। घेरा बनाकर कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकाला जा रहा था, तभी हत्याकांड से गुस्साए छात्रों ने फिर हंगामा कर दिया। पत्थर फेंककर कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। छात्रों के पथराव में तीन प्रोफेसर घायल हो गए। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारी छात्रों को भगाया। इधर, ट्रॉमा सेंटर पहुंची मां इकलौते बेटे की लाश देखकर बेहोश हो गई। परिजनों और मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। साथी छात्र भी फूट-फूटकर रोते नजर आए। एक छात्र ने रोते हुए कहा- “हमके हमार भाई चाही।” देर शाम पिता ऋषिदेव सिंह लखनऊ से वाराणसी पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस में बेटे का चेहरा देखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। बेसुध होकर गिर पड़े। लोगों ने उन्हें संभाला। उन्होंने कहा, अब तो पूरा घर खत्म हो गया है, बेटा घर का आखिरी चिराग था, वह अब नहीं रहा। पुलिस उस लड़के का एनकाउंटर करे, तभी हम अपने लड़के का दाह संस्कार करेंगे। पुलिस के मुताबिक, जिस छात्र की हत्या हुई, वह गाजीपुर का रहने वाला था। सेकेंड ईयर में पढ़ रहा था। वहीं, आरोपी मंजीत सिंह चौहान बीए सेकेंड ईयर का छात्र है। वह वाराणसी के चांदमारी इलाके का रहने वाला है। उसने इंस्टाग्राम के बॉयो में लिखा है- आपका सम्मान तभी तक है, जब तक मेरे स्वाभिमान को ठेस न पहुंचे। जय मां भवानी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात से जुड़ी हुई तस्वीरें… 20 दिन बाद आज कॉलेज पहुंचा था छात्र
छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह अतुलानंद स्कूल में ड्राइवर हैं। उनकी मां किरण सिंह अतुलानंद स्कूल में सहायिका हैं। छात्र की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी, जिसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। तो यह है हत्या की वजह?
कॉलेज के छात्रों का कहना है कि मंजीत और सूर्य के बीच पुरानी टशन थी। हॉस्टल में सूर्य सीनियर छात्रों को बुलाता था। मंजीत ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की थी। प्रिंसिपल ने दोनों को तलब किया था। शुक्रवार को मंजीत और सूर्य के बीच प्रिंसिपल से शिकायत करने को लेकर विवाद हुआ। तभी मंजीत ने अपनी शर्ट की बांहें चढ़ा लीं। इस पर सूर्य ने गाली-गलौज करते हुए मंजीत का कॉलर पकड़ लिया। उस वक्त लोगों ने बीच-बचाव करा दिया। मंजीत अपने घर चला गया। वहां से एक साथी के साथ वह पिस्टल लेकर कॉलेज आया। अपनी पल्सर गाड़ी कॉलेज के बाहर गेट के पास खड़ी कर दी। फिर कला संकाय के बरामदे में सूर्य को देखते ही उस पर फायरिंग कर दी। वह गिर पड़ा, फिर भी उस पर पिस्टल से गोली चलाता रहा। पिस्टल फेंकी, छत से कूदकर भागा
सिर, सीने और पेट में गोली लगते ही सूर्य प्रताप अचेत हो गया। वारदात के बाद प्रिंसिपल वहां से चले गए। साथी छात्रों के पहुंचते ही आरोपी छात्र पिस्टल फेंककर भाग निकला। वह कला एवं सामाजिक विज्ञान भवन की छत से कूदकर फरार हो गया। साथी छात्रों ने सूर्य को पहले जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। डीआईजी शिवहरी मीणा की छात्र की तीखी बहस
छात्र की मौत के बाद 200 से अधिक छात्र जुट गए। गुस्साए छात्रों ने सड़क पर उतरकर हंगामा किया। दुकानों पर पत्थर फेंके। आनन-फानन में दुकानदारों ने शटर गिरा लिए। सूचना मिलते ही आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया। डीआईजी शिवहरी मीणा ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी एक छात्र से तीखी बहस हो गई। डीआईजी ने कहा- शांति से बैठ जाओ, यह कोई तरीका नहीं है। इस पर छात्र बोला, हम दिनभर धूप में बैठे हैं। इस पर डीआईजी ने कहा- मैं भी तो धूप में ही खड़ा हूं। मैंने तो कुछ नहीं किया। मेरी बात सुनो, फालतू की बातें मत करो। इसके बाद अन्य छात्रों ने उस युवक को वहां से हटा दिया। कमिश्नर ने छात्रों से की बात, कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने भी कॉलेज पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र शांत नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के गेट बंद कर दिए। कुछ छात्र गेट के सामने धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब तीन घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। बाद में पुलिस ने गेट खुलवाया। पुलिस कमिश्नर ने बताया- छात्रों से बातचीत में सामने आया है कि तात्कालिक विवाद के दौरान गोली चली। सीसीटीवी और डीवीआर को कब्जे में ले लिया गया है। छात्रों ने प्रिंसिपल पर भी आरोप लगाए हैं, जिनसे लिखित शिकायत मांगी गई है। आरोपी ने 3 दिन पहले इंस्टा पर लिखा था- हम बागी रहेंगे….
आरोपी मंजीत सिंह चौहान ने इंस्टाग्राम पर rajputmanjeet_1818 नाम से आईडी बनाई है। उसने अब तक 53 पोस्ट किए हैं। 17 दिसंबर को अपनी एक तस्वीर के साथ उसने लिखा था- हम बागी रहेंगे उन महफिलों में, जहां शोहरत तलवे चाटने से मिलती है। छात्र की हत्या से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…