कुछ लोग मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे:कानपुर CMO बोले- DM को गलत फीडबैक दिया, ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान का दबाव बना रहे

कानपुर के CMO डॉ. हरीदत्त नेमी का डीएम के खिलाफ ऑडियो वायरल होने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा है। डीएम ने भी शासन को पत्र लिखकर उन पर कार्रवाई की बात लिखी है। इसी के बाद से जनप्रतिनिधियों ने भी लेटर लिखकर ट्रांसफर रोकने की बात कही है। वहीं पूरे मामले में दैनिक भास्कर टीम ने CMO से बातचीत की। उन्होंने कहा- मेरे खिलाफ स्टाफ के ही कुछ लोग षड्यंत्र के तहत काम कर रहे है। ये ही लोग जिलाधिकारी तक गलत फीडबैक पहुंचा रहे हैं। अब सीएमओ के साथ हुई पूरी बातचीत पढ़िए… प्रश्न: आपके कुछ ऑडियो वायरल हो रहे है इस पर आपका क्या कहना है?
जवाब: मुझे ऑडियो के बारे में काफी पहले से पता था। मैंने ऑडियो को सुना है। वो मेरे नहीं हैं और न ही इससे मेरा कोई संबंध है। प्रश्न: क्या आप इन ऑडियो की कोई जांच करा रहे हैं?
जवाब: नहीं, अभी मैं जांच नहीं करा रहा हूं। सबसे बड़ी बात है कि मैं किसको पकड़ू। कहां से पकड़ू। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा हैं। अभी सब अंधेरे में है। अगर किसी के पास ऑडियो से जुड़ी कोई जानकारी है तो मुझे बताए। प्रश्न: आपके ऊपर आरोप है कि आपने 9 दिन में 7 लोगों के ट्रांसफर कर दिए ?
जवाब: 9 दिन में 7 ट्रांसफर नहीं हुए हैं। केवल 3 ट्रांसफर हुए हैं। डॉ. आरएन सिंह जो कि अर्बन को देख रहे थे और वहां पर बहुत ज्यादा दिक्कतें थी और शिकायतें भी आ रही थी। यहां ज्यादातर स्टाफ भागा रहता था। डीएम साहब भी निरीक्षण कर रहे थे। मैंने भी निरीक्षण किया था। दो महीने तक जब सुधार नहीं हुआ तो उनको हटाया। वहां से तो उनको जेल में किया था और जेल से हटाकर उनको पुलिस लाइन भेज दिया। बस इतनी सी बात है। दूसरी बात जो जेल में थे वो जेल में रह गए। ऐसा कुछ भी नहीं है कि 9 ट्रांसफर हुए हैं। उसको बढ़ा-चढ़ा कर लिख दिया है, जब कोई ऑर्डर बनेगा तो निरस्त तो होगा न। डॉ. आरएन सिंह अर्बन, अर्बन हेल्थ एंड मिशन देख रहे थे। वहां पर लोगों को भगाए रहते थे, उनको भगाने के बाद उनका वेतन निकाल रहे थे, ज्यादातर लोग भागे रहते थे। प्रश्न: आप पर आरोप है कि डीएम साहब ने जो निर्देश दिए उनका भी आपने पालन नहीं किया?
जवाब: डीएम साहब ने आज तक हमें जो भी निर्देश दिए हैं, हमने बराबर पालन किया। मीटिंग में 17 से 18 मेंबर होते हैं। सभी जानते हैं। सारे पीएचसी, सीएचसी के एमओआईसी होते हैं, बाकी मेंबर भी होते हैं, पूरा हॉल भरा होता है। आप सारे लोगों से पूछिए डे वन से ही हमारे साथ न्यूसेंस हुई है। प्रश्न: आपके लिए जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा गया है, क्या इसकी जानकारी है आपको?
जवाब: जी हां, मुझे जानकारी है, वहां से मेरे पास एक्सपेंस के लिए कॉल हुई तो मैंने उसका भी जवाब बनाकर भेज दिया है। प्रश्न: शहर के जनप्रतिनिधियों ने आपके लिए लेटर लिखा है तो क्या आप उनके पास समस्या लेकर गए थे?
जवाब: बिल्कुल, मैंने जनप्रतिनिधि के साथ और लोगों से भी मिलकर अपनी आपबीती बताई है। सभी को मालूम है, मैं सभी के लिए बराबर काम करता हूं। किसी भी जनप्रतिनिधि का फोन आता है तो उनके लिए भी मैं हमेशा तैयार रहता हूं। प्रश्न: तो क्या लग रहा है आपके खिलाफ कौन लोग षड्यंत्र रच रहे हैं।ज
जवाब: मुझे लगता है कि डॉ. आरएन सिंह को मैंने अर्बन से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया, एक तो वो हैं। दूसरे डॉ. सुबोध यादव जो पहले क्लिनिक और पैथोलॉजी के रजिस्ट्रेशन देख रहे थे और उन्हीं के टाइम में जेएम फार्मा को गलत तरीके से बिल दिए गए थे। सीबीआई चार्ज शीटेड फर्म को इन्होंने एल वन में लेकर ऑर्डर दिया। हमारी बिना मर्जी के संडे के दिन सामान सप्लाई का 15 दिन का एक्सटेंशन दिया। उसका आज तक जो बिल है इसलिए रुका है। जो बिल में बैच नंबर है वो अलग और सामान में अलग है। यहीं नहीं सामान कम और मानक के विपरीत भी है। इसलिए बिल रुका हुआ है और वह हाई कोर्ट में चला गया। उसका केस भी चल रहा है। इसके अलावा वित्त लेखा अधिकारी वंदना सिंह भी हमारे ऊपर पेमेंट के लिए दबाव बना रही थीं। प्रश्न: अभी तक आपके द्वारा इस प्रकरण में क्या किया गया?
जवाब: डीएम साहब ने जेएम फार्मा की जांच करने के आदेश दिए थे। मैंने बता दिया कि बिड गलत तरीके से हुई है। मैंने बताया कि डॉ. सुबोध यादव, डॉ. आरएन सिंह और वित्त लेखा अधिकारी वंदना सिंह ने मेरे ऊपर पेमेंट का दबाव बनाया। इन्होंने जाकर डीएम साहब को गुमराह किया। प्रश्न: क्या आप किसी से मांग करेंगे इस ऑडियो प्रकरण की जांच के लिए?
जवाब: मैं तो ये सोच रहा हूं कि मैं जांच कब कराऊ। पहले वो लोग बताएं कि उनके पास ऑडियो कहां से आया तब मैं कहीं शिकायत करूं। अब तो AI का जमाना है पता नहीं क्या-क्या हो रहा है। ————- ये खबर भी पढ़िए कानपुर DM ढोल बजा रहा, किसी दिन महिला कपड़े फाड़ेगी;CMO का ऑडियो होने का दावा, डीएम ने हटवाने के लिए लेटर लिखा यूपी के 75 जिलों में से यही एक ऐसा डीएम है, जो ढोल बजा रहा है। मैंने आज तक ऐसा डीएम देखा ही नहीं। पहले यह मीडिया में रहे हैं। मीडियावालों की आदत होती है कि इतनी-सी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बोलते हैं। पढ़िए पूरी खबर