समय. 10.30 बजे, 7 मार्च, 2026 स्पॉट. चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ एयरपोर्ट पर एक हेलिकॉप्टर की सेफ लैंडिंग करवाई गई। इसमें कोई और नहीं, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बैठे थे। उन्हें कौशांबी जाना था, लॉ मार्टिनियर कॉलेज से उड़ान भरने के 7 मिनट बाद डिस्प्ले बोर्ड खराब हो गया था। हेलिकॉप्टर के अंदर धुआं भरने लगा। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मैसेज देने के बाद अमौसी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। 1 घंटे बाद केशव प्रसाद मौर्य ने दूसरे हेलीकॉप्टर से कौशांबी के लिए उड़ान भरी। वहां पहुंचकर उन्होंने कहा- हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई थी, इसलिए मुझे वापस लौटाकर उतारना पड़ा। बाद में दूसरा हेलिकॉप्टर लेकर यहां (कौशांबी) आया हूं। भोलेनाथ की कृपा से सब ठीक है। हेलिकॉप्टर की आखिरी बार तकनीकी जांच कब हुई थी? उड़ान भरने से पहले तकनीकी दिक्कत क्यों पकड़ में नहीं आई? ये जानने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने जांच शुरू की है। वहीं, केशव मौर्य के हेलिकाप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर सियासत शुरू हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुटकी लेते हुए कहा- उन्हें (केशव) नया वाला हेलीकॉप्टर नहीं मिला होगा। यूपी में जो नया हेलीकॉप्टर आया है, वह केशव को मिलना चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2000 फीट की ऊंचाई पर था हेलिकॉप्टर
केशव के हेलिकॉप्टर ने लखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से उड़ान भरी। यह ग्राउंड उनके आवास के पास ही है। हेलिकॉप्टर में केशव समेत 6 लोग थे- दो पायलट, एडवाइजर, एक क्लास फोर का स्टाफ और सिक्योरिटी। हेलिकॉप्टर 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। तभी पायलट को विमान में गड़बड़ी का पता चला। ATC से परमिशन लेकर तुरंत विमान लखनऊ की तरफ मोड़ा। पायलट ने जैसे-तैसे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच हेलिकॉप्टर को लखनऊ एयरपोर्ट में उतारा। इस दौरान फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी पहुंच गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि हेलिकॉप्टर के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में कुछ समस्या थी। हालांकि, असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा। 2008 में खरीदा, 2023 में रोटर ब्लेड पार्ट बदले गए
पूरे मामले को करीब से समझने के लिए दैनिक भास्कर ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों से बात की। सामने आया कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, जिस राजकीय हेलीकॉप्टर बेल 412 EP से कौशांबी जा रहे थे, वह नागरिक उड्डयन विभाग के बेड़े में शामिल सबसे पुराने हेलीकॉप्टर में से एक है। ये हेलिकॉप्टर 2008 में सिंगापुर की बेल हेलिकॉप्टर टेक्सट्रॉन से खरीदा गया था। इस हेलिकॉप्टर की मरम्मत और ओवरहॉलिंग के काम 2023 में किए गए थे। तब 2 मेन रोटर ब्लेड पार्ट बदले गए थे। इस पर 99 लाख 99 हजार 528 रुपए का खर्चा आया था। इसके बाद इस हेलिकॉप्टर की मरम्मत होने की कोई जानकारी नहीं है।
अब अखिलेश की बात ऐसी घटना किसी के साथ नहीं होनी चाहिए
केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सपा कार्यालय में अखिलेश ने कहा- हम कामना करते हैं, वे (केशव) स्वस्थ रहें। हेलिकॉप्टर एक मशीन है। हम सब लोग इस मशीन में उड़ते हैं। किसी के साथ भी इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। मशीन को अच्छा रहना चाहिए। इसके बाद उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा- उन्हें नया वाला हेलिकॉप्टर नहीं मिला होगा। प्रदेश में जो नया हेलिकॉप्टर आया है, वह उन्हें मिलना चाहिए। इसके बाद भास्कर ने जानने का प्रयास किया कि यूपी में नया हेलिकॉप्टर किसके लिए खरीदा गया है? सामने आया है कि यूपी की राज्य सरकार ने हाल में एक आधुनिक हेलिकॉप्टर अगस्ता AW 139 खरीदा है। इसकी कीमत 120 से 130 करोड़ के बीच बताई जा रही है। ये हेलिकॉप्टर इटली की मेसर्स लियोनार्डो से खरीदा गया था। फिलहाल इसमें CM योगी आदित्यनाथ और दूसरे VVIP मेहमान उड़ान भर रहे हैं। इस हेलिकॉप्टर के लिए कैप्टन अक्षय जासवाल, अमित भूटानी और राजेश कुमार शर्मा को क्रिटिकल इमरजेंसी ट्रेनिंग दी गई है। इस ट्रेनिंग पर करीब 50 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। यह दुनिया के सबसे सुरक्षित हेलिकॉप्टरों में से एक माना जाता है। पहले कब-कब हुई केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग 28 फरवरी 2022 : चुनावी सभा के लिए जा रहे थे। रास्ते में ईंधन की कमी की वजह से हेलिकॉप्टर को कुशीनगर के महावीर इंटर कॉलेज के मैदान में उतारना पड़ा। 14 फरवरी 2019: आजमगढ़ दौरे के लिए उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत वापस लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग कराई थी। 30 मार्च 2018 : आजमगढ़ से लखनऊ लौटते समय हेलिकॉप्टर में गड़बड़ी आई। रायबरेली के फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। विमान-हेलीकॉप्टर किसके शासन में ज्यादा खरीदे
यूपी के पुराने IAS अधिकारियों से बात करने के बाद सामने आया कि बसपा के शासन 2007 से 2012 के बीच सबसे ज्यादा हेलिकॉप्टर और विमान खरीदे गए थे। पायलट की ट्रेनिंग पर करोड़ों रुपए खर्च
नागरिक उड्डयन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं- सरकार हेलिकॉप्टर्स और विमान की सेफ्टी से समझौता नहीं करती है। समय-समय पर उनकी मरम्मत और ओवरहॉलिंग के साथ पायलट्स की क्रिटकल इमरजेंसी ट्रेनिंग और इंस्टूमेंट फ्लाइट ट्रेनिंग कराई जाती है। एक-एक पायलट की ट्रेनिंग पर लाखों रुपए खर्च होते हैं। यूपी सरकार के पास करीब 10 पायलट हैं, सभी संविदा पर काम करते हैं। सरकार में लंबे समय से स्थाई पायलट की भर्ती नहीं हुई है। जो पायलट हेलीकॉप्टर और विमान उड़ा रहे हैं, उनमें कैप्टन सुनील कोरा, कैप्टन सुनील श्रीवास्तव, कैप्टन जीएस पड्डा, कैप्टन अमित कुमार भूटानी, कैप्टन एसके गिरी, कैप्टन अनूप श्रीवास्तव, कैप्टन दीपक श्रीवास्तव, कैप्टन अक्षय जासयवाल और कैप्टन राजेश कुमार शर्मा शामिल हैं। अब ये भी जानिए कैसे पायलट से कैबिनेट सचिव बने शशांक शेखर ब्यूरोक्रेसी ने ऐसी व्यवस्था बनाई कि स्थाई पायलट की भर्ती ही नहीं हुई
बसपा सरकार के कार्यकाल में CM मायावती ने अपने स्टेट पायलट शशांक शेखर को सरकार में कैबिनेट सचिव बनाया था। जानकार बताते हैं कि शशांक शेखर ने खुद को बेहतरीन पायलट होने के साथ कुशल प्रशासक भी साबित किया। उस समय के सभी प्रमुख सचिव, सचिव, डीएम उन्हें ही रिपोर्ट करते थे, सख्त कार्यशैली के कारण उनकी हनक भी थी। हालांकि अंदरखाने में आईएएस और पीसीएस अफसरों को यह नागवार गुजरता था कि एक पायलट उन पर शासन कर रहा है। यही कारण है कि ब्यूरोक्रेसी ने उसके बाद ऐसी व्यवस्था बनाई कि नए पायलट की स्थाई भर्ती ही नहीं हुई। …….. ये पढ़ें : ये 2 खबरें भी पढ़िए- कानपुर में CM योगी का हेलिकॉप्टर डगमगाया था, 15-20 फीट ऊपर हवा में घूम गया था अप्रैल 2025 में सीएम योगी का हेलिकॉप्टर कानपुर में डगमगा गया था। हवा में हेलिकॉप्टर ने अचानक डायरेक्शन बदल दी थी। पायलट ने हालात को भांपते हुए तुरंत हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई थी। फिर से टेकऑफ किया था। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ग्राउंड में हेलीपैड से करीब 4-35 बजे योगी हेलिकॉप्टर में सवार हुए। पायलट ने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इसके लिए 90 डिग्री में हेलिकॉप्टर घुमाया। लेकिन वो इससे ज्यादा घूम गया। जमीन से करीब 15-20 फीट ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर डगमगाने लगा था। पूरी खबर पढ़िए MP के मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर हवा में लड़खड़ाया, टेकऑफ के बाद पीछे की तरफ गया मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलिकॉप्टर पिछले महीने हवा में लड़खड़ाने लगा था। वे खंडवा के पंधाना में राज्यस्तरीय लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब सीएम का हेलिकॉप्टर टेकऑफ के लिए हवा में उठा, तो वह आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर जाने लगा। फिर कुछ पलों के लिए हवा में थम गया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थिति को कंट्रोल किया और हेलिकॉप्टर ने सुरक्षित उड़ान भरी। पूरी खबर पढ़िए
केशव के हेलिकॉप्टर ने लखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से उड़ान भरी। यह ग्राउंड उनके आवास के पास ही है। हेलिकॉप्टर में केशव समेत 6 लोग थे- दो पायलट, एडवाइजर, एक क्लास फोर का स्टाफ और सिक्योरिटी। हेलिकॉप्टर 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। तभी पायलट को विमान में गड़बड़ी का पता चला। ATC से परमिशन लेकर तुरंत विमान लखनऊ की तरफ मोड़ा। पायलट ने जैसे-तैसे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच हेलिकॉप्टर को लखनऊ एयरपोर्ट में उतारा। इस दौरान फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी पहुंच गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि हेलिकॉप्टर के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में कुछ समस्या थी। हालांकि, असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा। 2008 में खरीदा, 2023 में रोटर ब्लेड पार्ट बदले गए
पूरे मामले को करीब से समझने के लिए दैनिक भास्कर ने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों से बात की। सामने आया कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, जिस राजकीय हेलीकॉप्टर बेल 412 EP से कौशांबी जा रहे थे, वह नागरिक उड्डयन विभाग के बेड़े में शामिल सबसे पुराने हेलीकॉप्टर में से एक है। ये हेलिकॉप्टर 2008 में सिंगापुर की बेल हेलिकॉप्टर टेक्सट्रॉन से खरीदा गया था। इस हेलिकॉप्टर की मरम्मत और ओवरहॉलिंग के काम 2023 में किए गए थे। तब 2 मेन रोटर ब्लेड पार्ट बदले गए थे। इस पर 99 लाख 99 हजार 528 रुपए का खर्चा आया था। इसके बाद इस हेलिकॉप्टर की मरम्मत होने की कोई जानकारी नहीं है।
अब अखिलेश की बात ऐसी घटना किसी के साथ नहीं होनी चाहिए
केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सपा कार्यालय में अखिलेश ने कहा- हम कामना करते हैं, वे (केशव) स्वस्थ रहें। हेलिकॉप्टर एक मशीन है। हम सब लोग इस मशीन में उड़ते हैं। किसी के साथ भी इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। मशीन को अच्छा रहना चाहिए। इसके बाद उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा- उन्हें नया वाला हेलिकॉप्टर नहीं मिला होगा। प्रदेश में जो नया हेलिकॉप्टर आया है, वह उन्हें मिलना चाहिए। इसके बाद भास्कर ने जानने का प्रयास किया कि यूपी में नया हेलिकॉप्टर किसके लिए खरीदा गया है? सामने आया है कि यूपी की राज्य सरकार ने हाल में एक आधुनिक हेलिकॉप्टर अगस्ता AW 139 खरीदा है। इसकी कीमत 120 से 130 करोड़ के बीच बताई जा रही है। ये हेलिकॉप्टर इटली की मेसर्स लियोनार्डो से खरीदा गया था। फिलहाल इसमें CM योगी आदित्यनाथ और दूसरे VVIP मेहमान उड़ान भर रहे हैं। इस हेलिकॉप्टर के लिए कैप्टन अक्षय जासवाल, अमित भूटानी और राजेश कुमार शर्मा को क्रिटिकल इमरजेंसी ट्रेनिंग दी गई है। इस ट्रेनिंग पर करीब 50 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। यह दुनिया के सबसे सुरक्षित हेलिकॉप्टरों में से एक माना जाता है। पहले कब-कब हुई केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग 28 फरवरी 2022 : चुनावी सभा के लिए जा रहे थे। रास्ते में ईंधन की कमी की वजह से हेलिकॉप्टर को कुशीनगर के महावीर इंटर कॉलेज के मैदान में उतारना पड़ा। 14 फरवरी 2019: आजमगढ़ दौरे के लिए उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत वापस लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग कराई थी। 30 मार्च 2018 : आजमगढ़ से लखनऊ लौटते समय हेलिकॉप्टर में गड़बड़ी आई। रायबरेली के फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। विमान-हेलीकॉप्टर किसके शासन में ज्यादा खरीदे
यूपी के पुराने IAS अधिकारियों से बात करने के बाद सामने आया कि बसपा के शासन 2007 से 2012 के बीच सबसे ज्यादा हेलिकॉप्टर और विमान खरीदे गए थे। पायलट की ट्रेनिंग पर करोड़ों रुपए खर्च
नागरिक उड्डयन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं- सरकार हेलिकॉप्टर्स और विमान की सेफ्टी से समझौता नहीं करती है। समय-समय पर उनकी मरम्मत और ओवरहॉलिंग के साथ पायलट्स की क्रिटकल इमरजेंसी ट्रेनिंग और इंस्टूमेंट फ्लाइट ट्रेनिंग कराई जाती है। एक-एक पायलट की ट्रेनिंग पर लाखों रुपए खर्च होते हैं। यूपी सरकार के पास करीब 10 पायलट हैं, सभी संविदा पर काम करते हैं। सरकार में लंबे समय से स्थाई पायलट की भर्ती नहीं हुई है। जो पायलट हेलीकॉप्टर और विमान उड़ा रहे हैं, उनमें कैप्टन सुनील कोरा, कैप्टन सुनील श्रीवास्तव, कैप्टन जीएस पड्डा, कैप्टन अमित कुमार भूटानी, कैप्टन एसके गिरी, कैप्टन अनूप श्रीवास्तव, कैप्टन दीपक श्रीवास्तव, कैप्टन अक्षय जासयवाल और कैप्टन राजेश कुमार शर्मा शामिल हैं। अब ये भी जानिए कैसे पायलट से कैबिनेट सचिव बने शशांक शेखर ब्यूरोक्रेसी ने ऐसी व्यवस्था बनाई कि स्थाई पायलट की भर्ती ही नहीं हुई
बसपा सरकार के कार्यकाल में CM मायावती ने अपने स्टेट पायलट शशांक शेखर को सरकार में कैबिनेट सचिव बनाया था। जानकार बताते हैं कि शशांक शेखर ने खुद को बेहतरीन पायलट होने के साथ कुशल प्रशासक भी साबित किया। उस समय के सभी प्रमुख सचिव, सचिव, डीएम उन्हें ही रिपोर्ट करते थे, सख्त कार्यशैली के कारण उनकी हनक भी थी। हालांकि अंदरखाने में आईएएस और पीसीएस अफसरों को यह नागवार गुजरता था कि एक पायलट उन पर शासन कर रहा है। यही कारण है कि ब्यूरोक्रेसी ने उसके बाद ऐसी व्यवस्था बनाई कि नए पायलट की स्थाई भर्ती ही नहीं हुई। …….. ये पढ़ें : ये 2 खबरें भी पढ़िए- कानपुर में CM योगी का हेलिकॉप्टर डगमगाया था, 15-20 फीट ऊपर हवा में घूम गया था अप्रैल 2025 में सीएम योगी का हेलिकॉप्टर कानपुर में डगमगा गया था। हवा में हेलिकॉप्टर ने अचानक डायरेक्शन बदल दी थी। पायलट ने हालात को भांपते हुए तुरंत हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई थी। फिर से टेकऑफ किया था। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ग्राउंड में हेलीपैड से करीब 4-35 बजे योगी हेलिकॉप्टर में सवार हुए। पायलट ने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इसके लिए 90 डिग्री में हेलिकॉप्टर घुमाया। लेकिन वो इससे ज्यादा घूम गया। जमीन से करीब 15-20 फीट ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर डगमगाने लगा था। पूरी खबर पढ़िए MP के मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर हवा में लड़खड़ाया, टेकऑफ के बाद पीछे की तरफ गया मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलिकॉप्टर पिछले महीने हवा में लड़खड़ाने लगा था। वे खंडवा के पंधाना में राज्यस्तरीय लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब सीएम का हेलिकॉप्टर टेकऑफ के लिए हवा में उठा, तो वह आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर जाने लगा। फिर कुछ पलों के लिए हवा में थम गया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थिति को कंट्रोल किया और हेलिकॉप्टर ने सुरक्षित उड़ान भरी। पूरी खबर पढ़िए