क्या अखिलेश के सामने बार्गेनिंग पावर बढ़ा रहे आजम?:दबाव बनाने वाले बयान दे रहे; पार्टी छोड़ने की अटकलों को भुनाने में जुटी बसपा

सीतापुर जेल से छूटने के बाद सभी की निगाहें आजम खान पर लगी हैं। लेकिन, आजम अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहे। हालांकि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर रहे हैं कि वे न तो बिकने वाले हैं और न ही उसूलों से समझौता करने वाले। उन्होंने अभी तक कोई ऐसी बात नहीं बोली, जो इस तरफ इशारा करे कि वे समाजवादी पार्टी से नाराज हैं। हां, किसी बड़े नेता के सीतापुर जेल न पहुंचने का दुख उन्हें जरूर है। यह दुख मीडिया के सामने झलका भी। दूसरी ओर, मीडिया में चल रही अटकलों के बीच बसपा के बड़े नेताओं में से एक मुनकाद अली 23 सितंबर को रामपुर पहुंचे। वहां उन्होंने 9 अक्टूबर की रैली को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। ज्यादा से ज्यादा लोगों को लखनऊ रैली में शामिल करा सकें, इसके लिए स्थानीय नेताओं को निर्देश दिए। ऐसे में सवाल उठना वाजिब है कि आजम खान क्या चाहते हैं? क्या सपा से अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ा रहे हैं? वे अखिलेश यादव का क्या मैसेज देना चाहते हैं? बसपा इस मौके को किस तरह से भुनाने की कोशिश कर रही? मुनकाद अली रामपुर क्यों पहुंचे? इन सब सवालों का जवाब इस खबर में तलाशने की कोशिश करेंगे… आजम खान क्या चाहते हैं?
आजम ने जेल से छूटने के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बात की। उनके सवालों के जवाब दिए। उन्हें इस बात का मलाल है कि कोई बड़ा नेता जेल नहीं पहुंचा। वहीं, बड़ी संख्या में उनके समर्थक सीतापुर जेल पहुंचे थे। करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ आजम खान 23 सितंबर की रात रामपुर पहुंचे थे। आजम ने कहा कि हम छोटे नेता हैं, बड़े नेता इसीलिए नहीं आए। मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि मेरी टिकट कटवाने की कहां हैसियत? अगर इतनी ही हैसियत होती, तो रामपुर में टिकट न दिला देता? वहीं, सैफई परिवार से दूरी के सवाल पर वे कहते हैं कि आग न लगाओ। उनके बयानों से लगता है कि वे चाहते हैं कि पार्टी के नेता उनकी मान मनौव्वल करें। बार्गेनिंग पावर बढ़ा रहे आजम
आजम खान को करीब से जानने वालों का कहना है कि वे इस तरह से अखिलेश यादव पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये दबाव आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों को लेकर भी हो सकता है। किसी बड़े नेता की बलि दिलाने को लेकर भी हो सकता है, जिससे आजम खान नाराज हों? ऐसे में वो नेता कौन होगा? एक नेता ने नाम न छापे जाने की शर्त पर कहा कि आजम खान कहीं नहीं जा सकते। उनको जो इज्जत मुलायम परिवार ने दी, खुद अखिलेश यादव उनकी जितनी इज्जत करते हैं, उतनी उन्हें कहीं और नहीं मिलेगी। उनके बयान केवल दबाव बनाने के लिए हैं। जिससे अखिलेश यादव उनके दबाव में आ जाएं। इसके बाद रामपुर और आसपास के जिलों को जैसे वे पहले चलाते रहे हैं, वैसे ही उनका सिक्का चलता रहे। आजम, अखिलेश यादव काे क्या मैसेज देना चाहते हैं?
बसपा में जाने के सवाल पर आजम खान कहते हैं कि उन्होंने अभी कुछ सोचा नहीं है। पहले इलाज कराएंगे, उसके बाद कुछ सोचेंगे? सपा के नेताओं के दिलों की धड़कनें बढ़ाने के लिए ये काफी है। अगर कोई नाराजगी न होती, तो वे साफ कह सकते थे कि सपा के साथ रहेंगे। वहीं रामपुर के टिकट पर बयान देकर भी उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी बात मानी नहीं गई। दरअसल लोकसभा चुनाव का टिकट फाइनल करने से पहले अखिलेश यादव ने सीतापुर जेल जाकर आजम खान से मुलाकात की थी। रामपुर से प्रत्याशी के चयन पर आजम ने खुद अखिलेश यादव को चुनाव लड़ाने की बात कही थी। जिसे अखिलेश यादव ने ठुकरा दिया था। आजम नहीं चाहते थे कि वहां उनके मुकाबले सपा में कोई नेता खड़ा हो। अखिलेश यादव ने अंतिम समय में पार्लियामेंट मस्जिद के इमाम मोहिबुल्ला नदवी को टिकट देकर आजम को नाराज कर दिया था। आजम ने जेल से चिट्ठी लिखकर नदवी का विरोध करने की बात कही थी। इसके बावजूद मोहीबुल्ला नदवी रामपुर से करीब 1 लाख वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा कुछ और नेता हैं, जो आजम की पसंद नहीं हैं। आजम चाहेंगे कि अखिलेश यादव भी उन्हें नापसंद करें। ये कितना मुमकिन हो पाएगा, आने वाला समय बताएगा। बसपा मौके को भुनाने की फिराक में?
आजम खान को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है कि वे बसपा में जा सकते हैं। हालांकि खुद आजम इसे अफवाह बता रहे हैं। लेकिन बसपा, खासकर मुस्लिमों में इस चर्चा का ही सही फायदा लेने की कोशिश कर रही है। 23 सितंबर को आजम रिहा हुए और 24 सितंबर को बसपा के पश्चिमी यूपी के कोआर्डिनेटर मुनकाद अली रामपुर पहुंच गए। हालांकि ये कार्यक्रम बसपा के सदस्यता अभियान का हिस्सा था। लेकिन, इसे भी आजम खान से जोड़कर देखा जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सैयद कासिम कहते हैं- यह कार्यक्रम पहले से तय था। 9 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली रैली को कामयाब बनाने के लिए जिलों जिलों में तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। जिससे अधिक से अधिक लोगों को लखनऊ लाया जा सके। आजम के बसपा में शामिल होने की संभावना न कल थी, न आज है। ये कुछ लोगों द्वारा छोड़ा गया शिगूफा था, जो खुद के आजम खान के बयानों से फुस्स हो चुका है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… राजा भैया की पत्नी ने हथियारों का VIDEO जारी किया, बोलीं- मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे भानवी सिंह ने अपने पति और बाहुबली विधायक राजा भैया के अवैध हथियारों के जखीरे का वीडियो शेयर किया। उन्होंने हथियारों के साथ एक न्यूड लड़की की तस्वीर भी पोस्ट की। इसमें वह असलहे के साथ नजर आ रही है। भानवी ने बुधवार को X पर लिखा- जब से मैंने पीएमओ और गृह मंत्रालय से शिकायत की, तब से मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा। पढ़िए पूरी खबर…