गाजियाबाद में एक ही पते पर 22 फर्जी पासपोर्ट बने:हर पासपोर्ट पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज, पुलिस ने महिला समेत 5 अरेस्ट किए

गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र में फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 22 लोगों के पासपोर्ट बनवा लिए गए। जानकारी होने पर पुलिस और पासपोर्ट विभाग ने इसकी जांच शुरू की। भोजपुर थाने में पुलिस ने इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन 22 लोगों के नाम पर पासपोर्ट बने, वे भोजपुर के बताए गए पते पर रहते ही नहीं थे। इसके बावजूद सभी पासपोर्ट एक ही पते पर जारी कर दिए गए। इतना ही नहीं, सभी आवेदनों में मोबाइल नंबर भी एक ही दर्ज पाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी पासपोर्ट अगस्त और सितंबर 2022 के दौरान बनाए गए थे। अधिकारियों को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें सरकारी सिस्टम की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई अमनप्रीत कौर, जसनप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महिंद्र कौर, यशोदा राय,बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमेहर कौर, पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी, प्रकाश शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2) और आईटी एक्ट 66 में केस दर्ज किया गया है। पोस्टमैन से 2 हजार रुपए में डील हुई पुलिस ने बताया कि इस मामले में भोजपुर डाकघर के डाकिए अरुण कुमार से जानकारी मांगी। जिसमें पोस्टमैन अरुण कुमार ने कहा- मैं भोजपुर में 12 साल से तैनात हूं। भोजपुर गांव की डाक मैं ही बांटता हूं। 5 महीने पहले विवेक गांधी व प्रकाश सुब्बा नाम के 2 लोग मुझे मिले थे। उन्होंने हमें बताया कि हमारे कुछ पासपोर्ट बनकर आएंगे। उन पासपोर्ट को जो पता लिखा आए उन पर मत भेजना। हम दोनों को दे देना। प्रत्येक पासपोर्ट के हम 2- 2 हजार रुपए देंगे। पोस्टमैन इस लालल में आ गया। कूटरचित कागज का प्रयोग हुआ एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन पासपोर्ट सत्यापन के लिए ऑनलाइन पासपोर्ट टैब र आते हैं। जिसकी जांच कर टैब पर ही लाइन लाइन रिपोर्ट प्रेषित की जाती है। तीनों लोगों के द्वारा पासपोर्ट आवेदन करने वाले कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर सूची में अंकित 22 पासपोर्ट आवेदनों के साथ सल्ंगन कागज कूटरचित तरह से तैयार करके प्रयोग किए गए हैं। इन दस्तावेजों के प्रयोग करने के आधार पर यह सभी पासपोर्ट आवेदनकर्ताओं के पासपोर्ट जारी हुए। इन नामों के महिला और पुरुष ही नहीं मिले 11 दिसंबर 2025 को कुल 24 पासपोर्ट का एक ही पता दर्शाया गया है, मोबाइल नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार हुए। 20 दिसंबर को गाजियाबाद पुलिस ने इनकी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट आवेदन करने वाले जो पता गांव भोजपुर का दर्शाया गया है, यह पता ही नहीं मिला। जो पता 22 पासपोर्ट में दर्शाया गया है, पुलिस की जांच में उस पते पर निवास नहीं पाया गया। 5 लोगों को अरेस्ट किया गया एसओ भोजपुर सचिन चौधरी ने बताया कि विवेक गांधी निवासी कुतुब बिहार दिल्ली, प्रकाश सुब्बा निवासी छतरपुर दिल्ली, पोस्टमैन अरुण कुमार निवासी ढिंडाला थाना परतापुर मेरठ, अमनदीप निवासी हरिनगर दिल्ली, सतवंत कौर निवासी शिवनगर एक्सटेंशन तिलकनगर, दिल्ली को अरेस्ट किया है। इनके पास से पुलिस ने 4 फर्जी आधार कार्ड, 2 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, 2 फर्जी बैंक पासबुक, एक ब्रेजा कार, एक ईको स्पॉर्ट, 4 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।