गाजियाबाद में 18 साल की छात्रा की हत्या या सुसाइड:बड़ा सवाल- कपड़े कैसे फटे? पिता बोले- रेप करके बेटी को बिल्डिंग से फेंका गया

गाजियाबाद में मंगलवार, 7 अप्रैल की सुबह 18 साल की छात्रा की 16वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई। छात्रा ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी, वह यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। पुलिस मामले को सुसाइड बता रही है, लेकिन पिता ने कहा- ‘मेरी बेटी के साथ गलत काम किया गया है। उसके बाद हादसा दिखाने के लिए उसे ऊपर से फेंक दिया गया।’ इस केस में छात्रा के फटे कपड़े मौत की गुत्थी को उलझा रहे हैं। लिफ्ट के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसने पूरे कपड़े पहन रखे थे, जबकि गिरने के बाद उसके कपड़े फटे हुए थे। पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले पूरा घटनाक्रम जानिए… गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक परिवार करीब 25 साल से रह रहा है। पिता पास की ही जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी में गाड़ियों की सफाई करने के अलावा कपड़े प्रेस करने का काम करते हैं। 7 अप्रैल की सुबह करीब 5 बजकर 40 मिनट पर वह स्कूटी से बेटी के साथ सोसाइटी पहुंचे। वह गाड़ी की सफाई करने चले गए। थोड़ी देर बाद लोगों ने बताया कि एक लड़की 16वीं मंजिल से गिर गई, पिता दौड़ते हुए पहुंचे तो बेटी का शव पड़ा था। पिता ने कहा- रेप के बाद बेटी को बिल्डिंग से फेंका गया
छात्रा के पिता ने इंदिरापुरम पुलिस को बयान दिया, मैं बेटी को छोड़कर सोसाइटी के तीसरे बेसमेंट में गाड़ियां साफ करने चला गया। करीब आधे घंटा बाद सूचना मिली कि कोई लड़की गिर गई या कूद गई है। C ब्लॉक टावर के नीचे पड़ी हुई है। पिता ने कहा, जब मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि वो मेरी बेटी थी, जिसकी मौत हो चुकी थी। मुझे आशंका है कि मेरी बेटी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और उसके बाद साक्ष्य छिपाने तथा हत्या को दुर्घटना दर्शाने के उद्देश्य से उसे C ब्लॉक टावर की किसी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। सीसीटीवी में लिफ्ट तक कपड़े सही थे, फिर कैसे फटे भास्कर को सोसायटी की लिफ्ट का सीसीटीवी फुटेज मिला है। 5 बजकर 53 मिनट पर छात्रा लिफ्ट में थी। जहां वह हल्के सफेद रंग की कुर्ती और ब्लैक कलर की पैंट पहने हुई दिख रही है। छात्रा लिफ्ट में अकेली पहुंची और अकेली ही निकली। पैरों में चप्पल थी। छात्रा का कोई भी कपड़ा फटा हुआ नहीं था। पिता का भी कहना है कि जब वह पहुंचे तो बेटी के ऊपर के कपड़े फटे हुए थे। अंदरूनी कपड़े भी फटे हुए थे। पिता का कहना है कि अगर बेटी गिरी या कूदी तो उसके कपड़े कैसे फटे। पिता का आरोप है कि ‘मेरी बेटी के साथ गलत काम हुआ है, उसे मारकर डाला गया है। उसके कपड़े कैसे फट गए। जब मैं गाड़ी साफ कर रहा था, बेटी बाथरुम जाने की बात कहकर गई थी।’ यदि कोई लड़की या व्यक्ति 160 फीट की ऊंचाई से गिरेगा तो कपड़े कैसे फट जाएंगे। सीडीआर खंगाल रही पुलिस
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तक की पड़ताल और फोरेंसिक टीम की जांच में आया है कि लड़की ने सुसाइड किया है। वह लिफ्ट से अकेली 16 मंजिल पर पहुंची और फिर कूद गई। 5 बजकर 53 मिनट पर लिफ्ट में थी, 5 बजकर 57 मिनट गिरने का समय आया। छात्रा खुद मोबाइल नहीं रखती थी। पुलिस छात्रा के पिता की सीडीआर खंगाल रही है। जांच में यह भी आया है कि छात्रा का एक दोस्त था, लेकिन यदि छात्रा ने सुसाइड भी किया तो फिर किन कारणों से किया। पुलिस उस शख्स तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… कानपुर किडनी कांड- लड़कों को गेमिंग ऐप से फंसाते थे:हारने पर कर्ज देते, डॉक्टर ब्रेनवॉश कर कहते थे- एक किडनी वाले लंबा जीते हैं कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर को गेमिंग ऐप से फंसाया जाता था। इस पर रुपए हारने के बाद लड़कों को किडनी डोनेट करने के लिए मजबूर किया जाता था। इसके बदले उन्हें 20 से 25 लाख रुपए देने का वादा किया जाता था। मना करने पर लड़कों को अमेरिका और लंदन की रिसर्च भेजी जाती। इनमें ऐसे लोगों का जिक्र होता था, जो एक किडनी के साथ पैदा हुए और अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर