मेरठ में मंगलवार को पथिक सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज के जन्मोत्सव कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर विरोध जताया। पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर पुलिस को चकमा देकर समर्थकों के साथ गाड़ी से कार्यक्रम स्थल पहुंच गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी। पुलिसकर्मियों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया। सवारियों से भरे एक टेंपो को जबरन कार के सामने खड़ा करा दिया, गाड़ी में बैठे लोग चीखने लगे। तभी पुलिसकर्मी मौका पाकर कार में घुस गए। पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। समर्थकों ने इसका विरोध किया। इस दौरान पुलिस से उनकी धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस मुखिया गुर्जर को कार समेत पुलिसलाइन ले आई। वहां पर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में मेरठ और मवाना में 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शाम को 8 बजे मुखिया गुर्जर व उनके 43 समर्थकों को देर शाम जमानत पर रिहा कर दिया गया। पहले तीन तस्वीरें देखिए अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला आज गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज का जन्मोत्सव है। मेरठ के कमिश्नरी पार्क और मवाना में आज दो जगहों पर जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जाना था। पथिक सेना की ओर से ये कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर अपने समर्थकों के साथ कार से कार्यक्रम स्थल पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। उनके समर्थक नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति है इसलिए वे वापस लौट जाये। लेकिन वे सड़क पर ही बैठ गए। कार्यक्रम को कराने की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने मुखिया गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ हंगामा करने वाले 35 समर्थकों को भी हिरासत में ले लिया। मुखिया गुर्जर बोले- सीएम से मेरी कई साल से चल रही लड़ाई मुखिया गुर्जर ने पुलिस को धमकी देते हुए कहा- मेरी मुख्यमंत्री से कई साल से लड़ाई चल रही है। जब मुख्यमंत्री ने 2021 में दादरी में धनसिंह कोतवाल के चेहरे पर कालिख पुतवाई तो मैंने पार्टी छोड़ दी। अब गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज को सम्मान दिलाने के लिए समाज को जागरूक कर रहा हूं। 25 सितंबर को फिर आऊंगा, रोककर दिखाना मुखिया गुर्जर ने कहा- क्रांतिधरा पर आज यह पहला आयोजन था। जिसे रुकवाया गया है। ये ठीक नहीं हुआ है। वह 25 सितंबर को पूरे देश के गुर्जर समाज के साथ यहां जुटेंगे। कोई अनुमति नहीं ली जाएगी। इनकी ऐसी की तैसी, मुझे कोई रोककर दिखाना। मैं मर जाऊंगा, अपने प्राण त्याग दूंगा। शाम आठ बजे रिहा हुए मुखिया गुर्जर
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर व उनके 43 समर्थकों को देर शाम जमानत पर रिहा किया गया। दोपहर में हिरासत में लेकर पुलिस सभी को पुलिस लाइन लेकर पहुंची और यहां नवनिर्मित हॉल में रखा। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को मुखिया गुर्जर या उनके समर्थकों से नहीं मिलने दिया गया। पहले पांच बजे सभी को छोड़ने की बात की गई थी लेकिन फिर यह समय बढ़ता चला गया। शाम करीब सात बजे आदेश पहुंचा, जिसके बाद मजिस्ट्रेट को बुलाकर सभी 44 लोगों के खिलाफ 151 की कार्रवाई की गई। नारेबाजी कर रहे लोगों को खदेड़ा
पुलिस ने सभी लोगों को एक साथ रिहा नहीं किया। पांच पांच लोग बाहर भेजे गए। जैसे ही मुखिया गुर्जर पुलिस लाइन के गेट से बाहर निकले, समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। यह देखकर अफसर नाराज हो गए। पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया तो कुछ युवक उनसे ही उलझ गए। इसके बाद पुलिस ने हलका बल प्रयोग करते हुए नारेबाजी करते व जाम लगाते युवकों को खदेड़ दिया। अफरातफरी मच गई। मुखिया गुर्जर ने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए। काफी देर तक पुलिसलाइन के गेट के बाहर फोर्स मौजूद रहा।
———————————– ये खबर भी पढ़ें… रामभद्राचार्य बोले- प्रेमानंद पर कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की:मिलेंगे तो गले लगाऊंगा; वह मेरे बालक के समान; सनातन धर्म पर हमले हो रहे संत प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी के बाद मथुरा के संतों में उबाल है। विवाद बढ़ता देख तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- मैंने प्रेमानंद पर कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की है। वह मेरे बालक के समान हैं। वह जब भी मेरे पास मिलने आएंगे। मैं उनको गले से लगाऊंगा, उन्हें आशीर्वाद दूंगा। (पूरी खबर पढ़ें)
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर व उनके 43 समर्थकों को देर शाम जमानत पर रिहा किया गया। दोपहर में हिरासत में लेकर पुलिस सभी को पुलिस लाइन लेकर पहुंची और यहां नवनिर्मित हॉल में रखा। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को मुखिया गुर्जर या उनके समर्थकों से नहीं मिलने दिया गया। पहले पांच बजे सभी को छोड़ने की बात की गई थी लेकिन फिर यह समय बढ़ता चला गया। शाम करीब सात बजे आदेश पहुंचा, जिसके बाद मजिस्ट्रेट को बुलाकर सभी 44 लोगों के खिलाफ 151 की कार्रवाई की गई। नारेबाजी कर रहे लोगों को खदेड़ा
पुलिस ने सभी लोगों को एक साथ रिहा नहीं किया। पांच पांच लोग बाहर भेजे गए। जैसे ही मुखिया गुर्जर पुलिस लाइन के गेट से बाहर निकले, समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। यह देखकर अफसर नाराज हो गए। पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया तो कुछ युवक उनसे ही उलझ गए। इसके बाद पुलिस ने हलका बल प्रयोग करते हुए नारेबाजी करते व जाम लगाते युवकों को खदेड़ दिया। अफरातफरी मच गई। मुखिया गुर्जर ने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए। काफी देर तक पुलिसलाइन के गेट के बाहर फोर्स मौजूद रहा।
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