गुलदार के घर में घुसने के बाद ताऊ जी और मैं गुलदार को खदेड़ने में लग गए। उन्होंने सबसे पहले कमरे का गेट बंद किया, जिसमें परिवार के लोग सो रहे थे। उसके बाद वो गुलदार के सामने खड़े हो गए। तभी गुलदार ने उनको पंजा मारकर नीचे गिराया और सिर के पीछे का हिस्सा अपने मुंह में भर लिया। अगर मैं उस समय वहां न होता तो पता नहीं क्या होता? वो 10-15 मिनट का संघर्ष मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। ये कहना है…30 साल के सुमित का। जिन्होंने गुलदार से लड़कर अपने ताऊ जी की जान बचाई और गुलदार को भी पकड़वाया। बता दें, बिजनौर के स्योहरा थाना क्षेत्र के मुंडा खेड़ी गांव में सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे एक घर में गुलदार घुस गया। गुलदार को देखकर घर के दो सदस्य उससे भिड़ गए। इस लड़ाई में ताऊ धर्मपाल (52) गंभीर घायल हुए हैं। वहीं सुमित को मामूली चोटें आई हैं। बता दें, सुमित धर्मपाल के छोटे भाई का बेटा है। सुमित और धर्मपाल का घर अगल-बगल में है। ग्रामीण बोले- ऐसी घटना गांव में पहली बार हुई ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम गुलदार को पकड़कर ले गई। घायल धर्मपाल का इलाज मुरादाबाद के अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है, गुलदार को तो पहले भी देखा है लेकिन ऐसी घटना पहली बार हुई है। गुलदार से लड़ने वाले सुमित से दैनिक भास्कर ने बात की। उनसे उनके संघर्ष के बारे में जाना। पढ़िए 10-15 तक सुमित ने गुलदार का सामना कैसे किया- आंधी की वजह से गांव की बिजली गायब हो गई थी सुमित बताते हैं, इस समय जिले में फसल की कटाई का समय चल रहा है। सभी किसान अपनी-अपनी फसलें काट रहे हैं। शायद इस वजह से भी गुलदार दिखना शुरू हो गए हैं। सोमवार शाम को तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। बारिश की वजह से पूरे जिले की बिजली गायब हो गई। बस कुछ जगहों पर ही लाइट आ रही थी। मैं रात में करीब 10 बजे खेत से घर लौटा था। ताऊ जी के आंगन में मैंने देखा, गुलदार खड़ा है लाइट न होने की वजह से मुझे गर्मी लग रही थी। मैंने किसी तरह से जल्दी-जल्दी खाना खाया और छत पर सोने के लिए चढ़ गया। मैं अपना बिस्तर लगाने के बाद मुंह धुलने छत के कोने में गया। तभी मेरी नजर ताऊ जी के आंगन में खड़े गुलदार पर पड़ी। मैं बहुत ज्यादा डर गया, कुछ समझ नहीं पा रहा था। गुलदार के सामने ताऊ जी खड़े थे। वो लगातार गुलदार को देख रहे थे। मैंने सोचा शोर मचाऊंगा तो गुलदार कहीं ताऊ जी पर हमला न कर दे। मैं बिना कुछ बोले तुरंत डंडा उठाकर ताऊ जी के घर पहुंच गया। गुलदार ने ताऊ जी को पंजा मारकर नीचे गिरा दिया मैं गुलदार के पीछे खड़ा था, तभी वो मुझे देख नहीं पाया। ताऊ जी ने मुझे देखते ही सबसे पहले उस कमरे का दरवाजा बंद किया, जिसमें ताई जी, भाभी और उनकी बेटी सो रही थी। उसके बाद ताऊ जी गुलदार के सामने खड़े हो गए। गुलदार ने 10 सेकंड बाद ताऊ जी को पंजा मारकर जमीन पर गिरा दिया। उसने ताऊ जी के सिर के पीछे का हिस्सा अपने मुंह में भर लिया था। मैं गुलदार को मार रहा था लेकिन वो ताऊ जी को नहीं छोड़ रहा था ये देखकर मैं डंडा लेकर गुलदार को मारने लगा। गुलदार लेकिन ताऊ जी का सिर नहीं छोड़ रहा था। उनके सिर से बहुत खून बह रहा था। मैंने कम से कम गुलदार को 50-60 लाठी मारी होगी लेकिन वो नहीं हटा। जब मैंने उसके सिर पर लगातार वार किए, तब वो पीछे हटा है। पीछे हटने के बाद वो सीधा ताऊ जी के आंगन में बने बाथरूम में घुस गया। मैं तुरंत उसके पीछे भागा और बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया। करीब 4 घंटे गुलदार उस बाथरूम में बंद रहा है। इतनी देर में उसने पूरा बाथरूम बर्बाद कर लिया। उसने दीवारें खोद दी। पानी की टंकी फोड़ दी। दरवाजा पंजे से खुर्च दिया। सूचना पर पुलिस तो आ गई थी लेकिन वन विभाग की टीम करीब डेढ़ घंटे बाद आई है। हम लोग तो डर रहे थे कहीं गुलदार बाथरूम से बाहर न आ जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वन विभाग की टीम गुलदार को पिंजड़े में बंद करके ले गई। सुमित आगे बताते हैं, सोमवार को कहीं से 2 गुलदार गांव में घुस आए थे। गांव वालों ने जब इनको देखा तो शोर मचाकर इनको भगाना शुरू किया। 1 गुलदार तो जंगल की ओर भाग गया। वहीं दूसरा मेरे ताऊ जी के घर में घुस गया, जो पकड़ लिया गया है। सुमित न होता तो पता नहीं क्या होता- धर्मपाल का बेटा निर्मोद धर्मपाल के बेटे निर्मोद जो यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं वो बताते हैं, अगर सुमित न होता तो पता नहीं पापा के साथ क्या होता? वो भगवान बनकर आया और पापा को बचा लिया। पापा के सिर पर 85 टांके लगे हैं। उनकी हालत थोड़ी सही हुई है। वो कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। इस गांव में गुलदार का आतंक बहुत ज्यादा है। वन विभाग की टीम को इस चीज को देखना चाहिए। गांव में गुलदार से बचने की अच्छी व्यवस्था करनी चाहिए। यह खबर भी पढ़ें- गुलदार को लाठी लेकर दौड़ाया, बाथरूम में बंद कर दिया:बिजनौर में अकेले ही भिड़ा, वन विभाग की टीम ने 4 घंटे बाद किया रेस्क्यू बिजनौर में सोमवार देर रात एक गुलदार अचानक घर में घुस गया। परिवार के मुखिया ने गुलदार का सामना करते हुए उसे बाथरूम में बंद कर दिया। वह गुलदार हमले में गंभीर रूप से घायल भी हो गए। घटना स्योहरा थाना क्षेत्र के मुंडा खेड़ी गांव की है। यहां पढ़ें पूरी खबर