भाजपा नेता बृजभूषण सिंह के विधायक बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने सोमवार को “कौने नरेशवा कय देशवा उजड़ गइले… केकरी दुवरिया ना ठाव ये बाबू,” गाना गया। प्रतीक ने पहली बार अपने पिता बृजभूषण को कॉपी करते हुए सार्वजनिक मंच से गाना गाया। इसके बाद प्रतीक ने कहा- मेरे पिताजी बहुत अच्छे गायक हैं। इसलिए मैं उन्हें 99% कॉपी करता हूं। हम उनके एसेट ही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी अक्सर कहते थे कि कौने नरेशवा कय देसवा उजड़ी गइले, केकरी दुवरिया न ठाव ये बाबू, तनी रुक जाइता हमरे गांव ये बाबू। देख के अनिती फाटे मेरी छाती, 14 वर्ष कैसे वनवा में बीती। हमरी अरजिया पर मर्जी तोहार बा, हम तो परि रौवा पांव ये बाबू, तानी रुक जाइता हमरे गांव। प्रतीक भूषण का गाना गाते हुए वीडियो भी सामने आया है। प्रतीक बोले- भगवान राम से जुड़ा है गीत
सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण ने बताया कि यह गीत भगवान राम के वनवास से संबंधित है। गीत में महिलाएं राम को देखकर कहती हैं, सुंदर युवक-युवती देख कर लगता है कि कोई राज्य बर्बाद हो गया होगा। जहां से ये लोग निकले हैं। इससे पहले यह गाना उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह कई बार सार्वजनिक मंचों पर गा चुके हैं। दरअसल, प्रतीक भूषण गोंडा टाउन हॉल में हुए युवा उत्सव एवं विज्ञान मेला में शामिल हुए थे। उन्होंने बच्चों की लोकगीत, लोकनृत्य, पेंटिंग, भाषण, कविता-कहानी लेखन और विज्ञान आधारित मॉडल की प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा को देखा और सराहा। जीते प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्हें मंडल स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बधाई भी दी। बृजभूषण की बेटी भी मंच पर पढ़ चुकी है कविता इसी साल 25 अक्टूबर को बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने पहली बार सार्वजनिक मंच से शायरी पढ़ी थी। नोएडा के कवि सम्मेलन में मंच पर कहा था- मैं पहलवान की बेटी हूं। आपने मुझे पहली बार मंच दिया है। पहले मुझे कोई मंच नहीं देता था। मैं बिल्कुल नई कवि हूं, यह मेरा पहला कवि-सम्मेलन है। शालिनी सिंह ने मजाक-मजाक में दोनों भाइयों करण और प्रतीक भूषण को बाहुबली टाइप बताया। फिर कई शायरियां पढ़ीं। जिनकी लाइनें थीं- हम लिख देते हैं इतिहास…किसी तलवार से नहीं मारूंगा, यह वादा है मेरा, तेरी तरह पीठ पर वार से नहीं मारूंगा। शालिनी बृजभूषण सिंह की इकलौती बेटी हैं। उनके पति भी भाजपा नेता हैं। शालिनी ने मंच से कौन-कौन सी शायरी पढ़ी… बृजभूषण सिंह के बड़े बेटे हैं प्रतीक
प्रतीक भूषण कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के बड़े बेटे हैं। वह गोंडा सदर विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। प्रतीक के छोटे भाई करण भूषण कैसरगंज से भाजपा सांसद हैं। प्रतीक भूषण की मां केतकी देवी सिंह भी लोकसभा सांसद और जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ेंः- बृजभूषण को गिफ्ट में डेढ़ करोड़ का घोड़ा मिला, कीमत सुनकर ठहाका लगाया बाहुबली बृजभूषण सिंह लग्जरी लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। अब डेढ़ करोड़ रुपए का घोड़ा भी उनकी अस्तबल की शान बढ़ा रहा है। इसे उन्होंने खरीदा नहीं, बल्कि गिफ्ट में मिला है। गिफ्ट देने वाले सांसद बेटे करण भूषण सिंह के दोस्त हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण ने बताया कि यह गीत भगवान राम के वनवास से संबंधित है। गीत में महिलाएं राम को देखकर कहती हैं, सुंदर युवक-युवती देख कर लगता है कि कोई राज्य बर्बाद हो गया होगा। जहां से ये लोग निकले हैं। इससे पहले यह गाना उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह कई बार सार्वजनिक मंचों पर गा चुके हैं। दरअसल, प्रतीक भूषण गोंडा टाउन हॉल में हुए युवा उत्सव एवं विज्ञान मेला में शामिल हुए थे। उन्होंने बच्चों की लोकगीत, लोकनृत्य, पेंटिंग, भाषण, कविता-कहानी लेखन और विज्ञान आधारित मॉडल की प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा को देखा और सराहा। जीते प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्हें मंडल स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बधाई भी दी। बृजभूषण की बेटी भी मंच पर पढ़ चुकी है कविता इसी साल 25 अक्टूबर को बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने पहली बार सार्वजनिक मंच से शायरी पढ़ी थी। नोएडा के कवि सम्मेलन में मंच पर कहा था- मैं पहलवान की बेटी हूं। आपने मुझे पहली बार मंच दिया है। पहले मुझे कोई मंच नहीं देता था। मैं बिल्कुल नई कवि हूं, यह मेरा पहला कवि-सम्मेलन है। शालिनी सिंह ने मजाक-मजाक में दोनों भाइयों करण और प्रतीक भूषण को बाहुबली टाइप बताया। फिर कई शायरियां पढ़ीं। जिनकी लाइनें थीं- हम लिख देते हैं इतिहास…किसी तलवार से नहीं मारूंगा, यह वादा है मेरा, तेरी तरह पीठ पर वार से नहीं मारूंगा। शालिनी बृजभूषण सिंह की इकलौती बेटी हैं। उनके पति भी भाजपा नेता हैं। शालिनी ने मंच से कौन-कौन सी शायरी पढ़ी… बृजभूषण सिंह के बड़े बेटे हैं प्रतीक
प्रतीक भूषण कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के बड़े बेटे हैं। वह गोंडा सदर विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। प्रतीक के छोटे भाई करण भूषण कैसरगंज से भाजपा सांसद हैं। प्रतीक भूषण की मां केतकी देवी सिंह भी लोकसभा सांसद और जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ेंः- बृजभूषण को गिफ्ट में डेढ़ करोड़ का घोड़ा मिला, कीमत सुनकर ठहाका लगाया बाहुबली बृजभूषण सिंह लग्जरी लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। अब डेढ़ करोड़ रुपए का घोड़ा भी उनकी अस्तबल की शान बढ़ा रहा है। इसे उन्होंने खरीदा नहीं, बल्कि गिफ्ट में मिला है। गिफ्ट देने वाले सांसद बेटे करण भूषण सिंह के दोस्त हैं। पढ़ें पूरी खबर…