मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या करके दलित लड़की का अपहरण करने के मामले में सांसद चंद्रशेखर को पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया। शनिवार को चंद्रशेखर आगे-आगे और पुलिस उनके पीछे-पीछे घूमती रही। लेकिन, चंद्रशेखर हाथ नहीं आए। चंद्रशेखर की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना के खूब वीडियो शेयर किए। चंद्रशेखर की बहादुरी और फिटनेस की जमकर तारीफ की। वहीं, वीडियो सामने आने के बाद सांसद चंद्रशेखर की एक्स गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए चुटकी ली। लिखा- आंधी बन के आया, लेकिन जाटव पीड़ित परिवार से मिल नहीं पाया फर्जी नेता। सबसे पहले 3 तस्वीरें… पढ़िए सांसद चंद्रशेखर की एक्स गर्लफ्रेंड ने क्या लिखा… सांसद चंद्रशेखर की एक्स गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए चुटकी ली। लिखा- मेरठ हत्याकांड में राजपूत समाज के नेता संगीत सोम ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कराया। समाजवादी नेता अतुल प्रधान ने परिवार की आर्थिक मदद की। बसपा 4 दिन से न्याय की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने लिखा- एक यह नौटंकीबाज दौड़ लगाकर रील्स बनाकर आ गया, परिवार से मिला तक नहीं। जब सब पीड़िता के साथ थे, तब यह कश्मीर में पड़ा था। फिर अचानक देखा सब मुद्दे को उठा रहे हैं, तो भागकर आ गया वीडियोज बनवाने। बेशर्म, थोड़ी भी शर्म नहीं बची। अब समाज में एक्सपोज हो चुका है। रोहिणी घावरी का तंज, हाथरस केस का जिक्र
रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि चंद्रशेखर सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रहे। अगर उन्हें सच में पीड़िता से मिलना था, तो ऐलान करके आने की क्या जरूरत थी? चुपचाप भी गांव पहुंचा जा सकता था। रोहिणी घावरी ने हाथरस कांड का हवाला देते हुए कहा कि जब चंद्रशेखर हाथरस की बेटी को न्याय नहीं दिला सके, तो रूबी और उसके परिवार को क्या न्याय दिलाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से दो दिन पहले चंद्रशेखर कश्मीर की वादियों में घूम रहे थे। जब अखिलेश यादव और उनके कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया, तब मजबूरी में उन्हें भी आना पड़ा। अब जानिए चंद्रशेखर के वीडियो के बारे में… सांसद चंद्रशेखर शनिवार (10 जनवरी) को दिल्ली से मेरठ के लिए निकले। इसकी सूचना मिलते ही दिल्ली से पुलिस चंद्रशेखर के पीछे लग गई। उनको मेरठ जाने से रोकती रही, लेकिन चंद्रशेखर रुके नहीं। मेरठ तक पहुंचने के लिए चंद्रशेखर ने 8 फीट की दीवार फांदी, डिवाइडर पर दौड़े, हाईवे पर भागते हुए गए। आगे जाकर अनजान बाइकर से लिफ्ट मांगी और बाइक पर अपने सिक्योरिटी गार्ड के साथ बैठकर निकल गए। गाजीपुर बॉर्डर चंद्रशेखर ने ऐसे ही पार किया। लेकिन, पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस से बहस हुई। उनके बीच कई मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। गुस्से में चंद्रशेखर ने कहा- हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए। इसके बाद नगीना सांसद पुलिस फोर्स को ढकेलते हुए निकले और हाईवे पर दौड़ने लगे। फिर हाईवे पर दूसरे साइड जाकर बाइक पर ट्रिपलिंग की और 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने रोका। काशी टोल पर पहुंचने के बाद चंद्रशेखर की पुलिस से काफी नोकझोंक हुई, पुलिस ने उनको घसीटा। आखिर में जानिए घावरी-चंद्रशेखर के बीच का विवाद
डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली सफाईकर्मी की बेटी हैं। वह 2019 में हायर एजुकेशन के लिए स्विट्जरलैंड गई थीं। पढ़ाई के दौरान ही वह और चंद्रशेखर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। 3 साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। तभी से घावरी चंद्रशेखर पर सोशल मीडिया के जरिए बराबर निशाना साध रही हैं। घावरी ने बीते दिनों X पर लिखा था- कांशीराम साहब का वारिस बनना है और बसपा को खूब गालियां देना, बहनजी का अपमान करना, यही इस आदमी की फितरत है। बात करता है, बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने की। ———————–
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दलित बेटी को अगवा करने वाले को जेल भेजा;मेरठ में मां की हत्या कर उठा ले गया था; बोला- लड़की अपनी मर्जी से गई थी मेरठ में मां की हत्या कर बेटी को किडनैप करने वाले को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। रविवार शाम पुलिस स्पेशल सीजेएम विकास सावन की कोर्ट में पारस के बयान दर्ज कराने पहुंची। पारस मफलर से मुंह बांधकर और चादर ओढ़कर कोर्ट पहुंचा। पढ़िए पूरी खबर
रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि चंद्रशेखर सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रहे। अगर उन्हें सच में पीड़िता से मिलना था, तो ऐलान करके आने की क्या जरूरत थी? चुपचाप भी गांव पहुंचा जा सकता था। रोहिणी घावरी ने हाथरस कांड का हवाला देते हुए कहा कि जब चंद्रशेखर हाथरस की बेटी को न्याय नहीं दिला सके, तो रूबी और उसके परिवार को क्या न्याय दिलाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से दो दिन पहले चंद्रशेखर कश्मीर की वादियों में घूम रहे थे। जब अखिलेश यादव और उनके कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया, तब मजबूरी में उन्हें भी आना पड़ा। अब जानिए चंद्रशेखर के वीडियो के बारे में… सांसद चंद्रशेखर शनिवार (10 जनवरी) को दिल्ली से मेरठ के लिए निकले। इसकी सूचना मिलते ही दिल्ली से पुलिस चंद्रशेखर के पीछे लग गई। उनको मेरठ जाने से रोकती रही, लेकिन चंद्रशेखर रुके नहीं। मेरठ तक पहुंचने के लिए चंद्रशेखर ने 8 फीट की दीवार फांदी, डिवाइडर पर दौड़े, हाईवे पर भागते हुए गए। आगे जाकर अनजान बाइकर से लिफ्ट मांगी और बाइक पर अपने सिक्योरिटी गार्ड के साथ बैठकर निकल गए। गाजीपुर बॉर्डर चंद्रशेखर ने ऐसे ही पार किया। लेकिन, पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस से बहस हुई। उनके बीच कई मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। गुस्से में चंद्रशेखर ने कहा- हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए। इसके बाद नगीना सांसद पुलिस फोर्स को ढकेलते हुए निकले और हाईवे पर दौड़ने लगे। फिर हाईवे पर दूसरे साइड जाकर बाइक पर ट्रिपलिंग की और 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने रोका। काशी टोल पर पहुंचने के बाद चंद्रशेखर की पुलिस से काफी नोकझोंक हुई, पुलिस ने उनको घसीटा। आखिर में जानिए घावरी-चंद्रशेखर के बीच का विवाद
डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली सफाईकर्मी की बेटी हैं। वह 2019 में हायर एजुकेशन के लिए स्विट्जरलैंड गई थीं। पढ़ाई के दौरान ही वह और चंद्रशेखर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। 3 साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। तभी से घावरी चंद्रशेखर पर सोशल मीडिया के जरिए बराबर निशाना साध रही हैं। घावरी ने बीते दिनों X पर लिखा था- कांशीराम साहब का वारिस बनना है और बसपा को खूब गालियां देना, बहनजी का अपमान करना, यही इस आदमी की फितरत है। बात करता है, बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने की। ———————–
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