चंद्रशेखर नेतागिरी करके गए, हमारे बच्चे जेल काट रहे:प्रयागराज में दलित नाराज, सांसद ने कहा था- उपद्रव करने वाले हमारी पार्टी के नहीं

चंद्रशेखर को नजरबंद करने के बाद हुए उपद्रव के बाद करछना इलाके के गांवों में नाराजगी है। लोगों के मुताबिक, चंद्रशेखर को देखने-सुनने आए लड़कों को बेवजह ही घर से घसीट-घसीटकर अरेस्ट किया गया है। वहीं, पुलिस का दावा है कि सिर्फ उन्हीं लड़कों पर कार्रवाई हुई हैं, जो फोटो या वीडियो में दिख रहे हैं। बता दें कि प्रयागराज में दलित आबादी करीब 3 लाख है। इनमें ज्यादातर लोग चंद्रशेखर के उस बयान से नाराज है, जिसमें उन्होंने कह दिया कि झंडा लेकर उपद्रव करने वाले हमारी पार्टी के लोग नहीं हैं। इस नाराजगी को समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम शहर से 30Km दूर करछना इलाके के अकोढ़ा गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… दरअसल, 29 जून को चंद्रशेखर आजाद को करछना के ईसौटा गांव के रहने वाले दलित देवी शंकर के परिवार से मिलना था। उनकी 13 अप्रैल को गांव के ही ठाकुरों ने हत्या करके लाश खेत में पेट्रोल डालकर जला दी थी। मगर, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना पहुंचने से पहले सर्किट हाउस में ही पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बाद वह करछना नहीं पहुंच सके। वहीं, पुलिस ने पीड़ित परिवार को चंद्रशेखर से मिलवाने के लिए ले जाने का प्रयास करने लगी, लेकिन इससे पहले भीम आर्मी के समर्थकों ने भडेवरा स्थित हनुमान पुरी चौराहे पर पहुंच कर चक्का जाम किया। हंगामा करते हुए तोड़फोड़ करने लगे। समर्थकों ने पुलिस पर पथराव करते हुए वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने एक्शन लेते हुए 75 आरोपियों को जेल भेजा है। आगे परिवारों की बात, जिनके घर के सदस्य अरेस्ट हुए मीना बोली- बेटा दूसरे गांव गया, उसको भी उपद्रवी बताकर ले गए करछना के अकोढ़ा के लोगों ने बताया कि सिर्फ यही पर नहीं, आसपास के कुलमई, ककरम कैथी, कौवा समेत 12 गांवों में लोगों की अरेस्टिंग हुई हैं। अकोढ़ा की रहने वाली मीना देवी कहती हैं कि मेरा भतीजा विकास घटना वाले दिन बवाल में नहीं था। अभी कुछ दिन पहले ही उसकी मां का निधन हुआ है। पूरा परिवार पहले से परेशान था। अभी सावन में बहन की शादी तय की गई है। विकास बहन की शादी की तैयारी के लिए रिश्तेदारी में गया हुआ था। जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं गांव की रहने वाली रीता देवी ने बताया कि उनका बेटा अभी कुछ समय पहले ही भीम आर्मी में जुड़ा है, मगर हमारा परिवार काफी पहले से उनकी पार्टी से जुड़ा हुआ है। मगर उन्होंने जिस तरह से भीम आर्मी के चीफ ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग उनके पार्टी के नहीं हैं, तो यह पूरी तरह से गलत है, उन्हें न्याय चाहिए। गांव की रहने खुशी ने बताया कि उसका भाई रवि घर में दोनों बहनों के साथ रात में खाना खाकर सोया था। अचानक रात में पुलिस आ गई। पुलिस ने 12 बजे रात पहुंचकर घर में सो रहे लोगों को जगा दिया। घर में महिलाओं के साथ गाली गलौच की। भाई को उठाकर के गई। जबकि भाई का कोई कसूर नहीं ही। वहीं रवि की बाबा शंकर लाल ने बताया कि मेरे नाती का कोई कसूर नहीं पुलिस उसे बिना मतलब लेकर गई और जेल भेज दी। 25 टीमें गांवों में दे रही हैं दबिश, लोगों में दहशत
भीम आर्मी के समर्थकों के बवाल के बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के नेतृत्व में बनाई गई पुलिस की 25 टीमें लगातार गांव में दबिश दे रही है। पुलिस ने करछना के कुलमई, ककरम, भडेवर अकोढा सहित कई गांव में दबिश देकर लोगों को पकड़ने का काम कर रही है। गांव के कुछ और लोगों ने भी अपने परिवार के उन सदस्य के बारे में बताया जिन्हें पुलिस रात में सोते समय घर उठा ले गई। वही ककरम गांव के रहने वाले प्रेम शंकर ने बताया कि उनके गांव से करीब 10 लोगों को पुलिस उठा ले गई है। रात में सोते समय पुलिस ने उनके साथ अत्याचार किया है। उन्हें मारा पीटा और घर से जबरिया में उठा ले गई जबकि उनका इस घटना से कोई भी लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया घटना के बाद से पुलिस लगातार आसपास के गांव कुलमई, अकोढ़ा, कैथी, अरई, पचदेवरा, मझियारी सहित तमाम गांव से लोगों को उठाकर पुलिस ले गई है। घटना के बाद से करछना के आसपास के गांव में रहने वाले पुरुष घर छोड़कर भागे हुए हैं। उन्हें डर है कि पुलिस उन्हें भी इस मामले में फंसा कर जेल भेज सकती है। करछना के कई गांव में पसरा सन्नाटा
करछना में हुए बवाल के बाद आसपास के कई गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में रहने वाले पुरुष घर छोड़कर भागे हुए हैं जबकि महिलाएं घर में ही रुकी हुई है। महिलाओं का कहना है कि पुरुष पुलिस के डर से घर पर नहीं है। उन्हें डर है कि पुलिस रात में उठा सकती है और जेल भेज सकती है। करछना के आसपास गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी
उपद्रव करने वाले लोगों की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस लगातार गांव में टीम के साथ छापेमारी कर रही है। अब तक कई गांव से लगभग 30 से 40 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। ————- ये खबर भी पढ़िए हत्या-रेप मामले में आखिर क्यों गरमाई सियासत: प्रयागराज के 3 लाख दलित वोटर पर नजर, कौशांबी रेपकांड में पाल v/s ब्राह्मण हुआ मामला प्रयागराज और कौशांबी में दलित उत्पीड़न के मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। रविवार को पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने प्रयागराज में रोक दिया। इसके बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। पुलिस की गाड़ियां तोड़ दीं। बाइकों में आग लगा दी। 5 घंटे तक बवाल चला। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। दरअसल, प्रयागराज में दलित युवक की हत्या के बाद अधजली लाश मिली थी। हत्या के आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जबकि, कौशांबी में बच्ची से रेप के मामले में पुलिस की चूक ने मामले को ब्राह्मण बनाम पाल कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…