जंगल ले गए…जेब में चाकू रखा फिर पकड़ लिया, VIDEO:अलीगढ़ पुलिस ने की फर्जी गिरफ्तारी की शूटिंग, दरोगा ने सेल्फी ली

अलीगढ़ में पुलिस ने गुड वर्क दिखाने के लिए फर्जी गिरफ्तारी की शूटिंग की। पहले दो युवकों को उनके घर से उठाकर जंगल में ले गए। पुलिसवालों ने दोनों की जेब में चाकू और मोबाइल रखा। इसके बाद कैमरा और उनकी पोजिशन सेट की गई। दोनों युवकों से कैमरे के सामने भागने को कहा। ताकि ये दिखाया जा सके कि पुलिस ने दोनों को पकड़ा है। इस दौरान दरोगा ने युवकों के साथ सेल्फी भी ली। इसके बाद पुलिस ने मामले का फर्जी खुलासा किया। घटना के समय किसी ने छत से इसका वीडियो बना लिया। 54 दिन बाद जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मचा। पुलिस की जांच में वीडियो सही पाया गया। दोनों युवक 54 दिनों से जेल में हैं। जिसके बाद 2 दरोगा और 2 सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं जल्दबाजी में पुलिस से एक चूक भी हुई है। इसमें मुठभेड़ का समय रात का बताया, जबकि वीडियो दिन का जारी किया। मामला अकराबाद थाने के पनैठी क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… वायरल वीडियो में अकराबाद थाने के दरोगा रोहित सिद्धू, अलखराम, सिपाही मनोज कुमार और अमित कुमार दिखाई दे आ रहे हैं। पहले दरोगा अलखराम एक युवक की जैकेट में चाकू रखवाते हैं। जबकि सिपाही अमित दूसरे युवक की कमर में चाकू लगाता है। इसके बाद सिपाही मनोज ने युवक की जेब में मोबाइल रखवाया। फिर उसने कहा- साहब इन्हें थोड़ा आगे हल्के कदमों से चलने दो, फिर गाड़ी से पकड़ेंगे। तभी वीडियो सही बनेगी। पुलिस देखकर थोड़ा भागना भी चाहिए। इसके बाद युवकों को पकड़ा गया, दरोगा रोहित के इशारे पर तलाशी ली गई। पहले मोबाइल निकाला जाता है और युवक से कहलवाया जाता है कि उसने दुकान से चोरी किया है। फिर कमर से चाकू बरामद दिखाया जाता है। दूसरे युवक से भी इसी तरह चाकू निकलवाकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। पुलिस वाले दूसरा वीडियो भी बनाते हैं
वीडियो बनने के बाद पुलिसकर्मी आपस में फुटेज चेक करते हैं कि कोई कमी तो नहीं रह गई। इसके बाद युवकों के हाथों में मोबाइल और चाकू देकर दूसरी वीडियो भी बनाते हैं। अंत में दरोगा अलखराम युवकों के साथ सेल्फी लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा दृश्य किसी युवक ने छत से चुपके से मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो करीब 54 दिनों तक वायरल किया गया है। गुडवर्क के लिए पुलिस ने रचा नाटक घर से उठाकर जंगल में रची गई साजिश मामले का खुलासा होने पर परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया- हम लोग पनैठी में रहते हैं। मेरे बेटे सूरज गौतम और सोनू को पुलिस ने 1 दिसंबर 2025 को घर से हिरासत में ले लिया था। फिर उन्हें जंगल की ओर ले जाकर जेब में चोरी के मोबाइल और पैंट में चाकू छिपाए गए। फिर फर्जी बरामदगी दिखाकर 2 दिसंबर को गुडवर्क के तौर पर गिरफ्तारी दिखाई गई। इसके बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया था कि रविवार शाम गश्त के दौरान नानऊ नहर की पटरी से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से दो चोरी के मोबाइल और दो अवैध चाकू बरामद हुए। लेकिन वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिन के उजाले में पूरी स्क्रिप्ट रची जाती दिख रही है, जिससे पुलिस के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। सीओ बोले- चारों पुलिसवालों पर कार्रवाई की जाएगी
सीओ संजीव तोमर ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की तो उसमें मामला सही पाया गया है। जांच के आधार पर दोनों दरोगा और सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जांच में जो भी सबूत पाए जाएंगे, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। —————————- ये भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा:कुछ लोगों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा- हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। पढ़ें पूरी खबर…