यूपी के जबरिया रिटायर्ड IPS अफसर अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल में शुक्रवार को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्हें बैरक के बाहर एक पत्थर के नीचे दबा लेटर मिला, जो कंप्यूटर से टाइप किया गया था। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी। जेल अधीक्षक ने डीएम-एसपी को जानकारी देते हुए जांच शुरू कराई है। हालांकि जेल अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी के मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद हैं। वे बीते दो दिनों से जेल में भूख हड़ताल पर हैं। पढ़िए वकील का पत्र… अब विस्तार से पढ़िए… वकील प्रवीण द्विवेदी के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर इंडस्ट्रियल एरिया में भूमि आवंटन से जुड़े एक मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद हैं। पिछले दो दिनों से वह भूख हड़ताल पर हैं। वे अपनी गिरफ्तारी के वक्त के CCTV और CDR की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें दिया नहीं जा रहा है। वकील ने बताया कि जब उन्होंने मुलाकात की, तो अमिताभ ठाकुर काफी भयभीत थे। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने बैरक के बाहर एक पत्थर के नीचे दबा हुआ कंप्यूटर से टाइप किया हुआ धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र में उन्हें जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी गई थी। इस घटना से पूर्व आईपीएस अधिकारी मानसिक रूप से आहत और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी और धमकी भरा पत्र व पत्थर अधिकारियों को सौंप दिया। वकील प्रवीण ने इस घटना को जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह के लिए बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि उनके मुवक्किल की जान को वास्तविक खतरा हो सकता है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… 17 जनवरी को कोर्ट में पेशी
अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर फैसला होना बाकी है। वकील प्रवीण द्विवेदी ने जिला जज की अदालत में 17 जनवरी को जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर की पेशी की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपी को पेश करने का आदेश दिया है। 6 जनवरी को अचानक तबीयत खराब हो गई थी
अमिताभ ठाकुर की छह जनवरी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था। डॉक्टरों ने रात 2 बजे अमिताभ ठाकुर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। शुरुआती जांच में उन्हें हार्ट अटैक की आशंका जताई थी। लेकिन बाद में ट्रोप-आई जांच के बाद यह साफ हो गया कि उन्हें हार्टअटैक नहीं आया था। क्योंकि यह जांच हार्टअटैक की पुष्टि के लिए जरूरी मानी जाती है। अब वो मामला जानिए, जिसमें अरेस्ट हुए पूर्व IPS पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर की देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी 26 साल पुराने देवरिया में एक प्लॉट आवंटन से जुड़ी है। सेवानिवृत्ति से 7 साल पहले जबरिया रिटायर किए गए अमिताभ ठाकुर के आवास पर जबरिया रिटायर्ड आईपीएस लिखा हुआ है। दरअसल, उनका रिटायरमेंट 2028 में था। लेकिन, वह सेवाकाल में कई विभागीय जांच में फंस चुके थे। प्रदेश सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें जबरिया रिटायरमेंट दे दिया। आरोपों के चलते केंद्र सरकार ने IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की नौकरी की स्क्रीनिंग कराई थी। स्क्रीनिंग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमिताभ ठाकुर सरकारी नौकरी में रहने के योग्य नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर बोर्ड लगवाया- “जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर”। बाद में राजनीति में सक्रिय हुए और कई मामलों पर सरकार से टकराव जारी रखा। ———– ये खबर भी पढ़ें… रायबरेली में दिनदहाड़े टीचर की पत्नी की हत्या:लूट के लिए घर में घुसा भतीजा, चाकू से गोदकर मार डाला; चीखी तो पड़ोसी आए रायबरेली में घर में घुसकर टीचर की पत्नी की दिनदहाड़े हत्या कर दी। भतीजा लूट के लिए 2 साथियों के साथ घर में घुसा। अलमारी तोड़कर गहने और पैसे निकालने लगा। महिला ने शोर मचाया तो चाकू से पेट-सीने पर कई वार किए। महिला ने वहीं दम तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें…
अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर फैसला होना बाकी है। वकील प्रवीण द्विवेदी ने जिला जज की अदालत में 17 जनवरी को जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर की पेशी की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपी को पेश करने का आदेश दिया है। 6 जनवरी को अचानक तबीयत खराब हो गई थी
अमिताभ ठाकुर की छह जनवरी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था। डॉक्टरों ने रात 2 बजे अमिताभ ठाकुर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। शुरुआती जांच में उन्हें हार्ट अटैक की आशंका जताई थी। लेकिन बाद में ट्रोप-आई जांच के बाद यह साफ हो गया कि उन्हें हार्टअटैक नहीं आया था। क्योंकि यह जांच हार्टअटैक की पुष्टि के लिए जरूरी मानी जाती है। अब वो मामला जानिए, जिसमें अरेस्ट हुए पूर्व IPS पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर की देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी 26 साल पुराने देवरिया में एक प्लॉट आवंटन से जुड़ी है। सेवानिवृत्ति से 7 साल पहले जबरिया रिटायर किए गए अमिताभ ठाकुर के आवास पर जबरिया रिटायर्ड आईपीएस लिखा हुआ है। दरअसल, उनका रिटायरमेंट 2028 में था। लेकिन, वह सेवाकाल में कई विभागीय जांच में फंस चुके थे। प्रदेश सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें जबरिया रिटायरमेंट दे दिया। आरोपों के चलते केंद्र सरकार ने IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की नौकरी की स्क्रीनिंग कराई थी। स्क्रीनिंग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमिताभ ठाकुर सरकारी नौकरी में रहने के योग्य नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर बोर्ड लगवाया- “जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर”। बाद में राजनीति में सक्रिय हुए और कई मामलों पर सरकार से टकराव जारी रखा। ———– ये खबर भी पढ़ें… रायबरेली में दिनदहाड़े टीचर की पत्नी की हत्या:लूट के लिए घर में घुसा भतीजा, चाकू से गोदकर मार डाला; चीखी तो पड़ोसी आए रायबरेली में घर में घुसकर टीचर की पत्नी की दिनदहाड़े हत्या कर दी। भतीजा लूट के लिए 2 साथियों के साथ घर में घुसा। अलमारी तोड़कर गहने और पैसे निकालने लगा। महिला ने शोर मचाया तो चाकू से पेट-सीने पर कई वार किए। महिला ने वहीं दम तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें…