उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के मरोचा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। मरोचा गांव मजरा मकूर के रहने वाले 48 वर्षीय हरीशंकर को रविवार की सुबह 4 बजे छत पर सोते समय जहरीले कीड़े ने काट लिया। हरीशंकर ने दर्द और बेचैनी की शिकायत परिजनों से की। परिवार ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही झाड़-फूंक कराना शुरू कर दिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें उन्नाव जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने कानपुर के हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया। हैलेट अस्पताल में डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की। लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान हरीशंकर ने दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी रामदुलारी और बच्चे दीपांशु और काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त अंधविश्वास की समस्या को दर्शाती है। समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से हरीशंकर की जान चली गई। मंशाराम के पुत्र हरीशंकर की असमय मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर है।