बुलंदशहर के जहांगीराबाद नगर में श्री राम रसायन सेवा संस्थान, वृंदावन द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भाग लिया। कथावाचक आचार्य मनीष कौशिक जी महाराज ने राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार व्यक्त किए। आचार्य मनीष कौशिक जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के आदर्श ही उसके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने युवाओं से भीष्म, भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे महान चरित्रों को अपना आदर्श बनाने का आह्वान किया। उन्होंने भीष्म पितामह की प्रतिज्ञा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सत्य और निष्ठा पर अडिग रहने वाले व्यक्ति के समक्ष ईश्वर भी नतमस्तक होते हैं। उत्तरा प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने कहा कि जब उत्तरा ने भगवान श्रीकृष्ण की शरण ली, तो भगवान ने स्वयं उसके गर्भस्थ शिशु परीक्षित की रक्षा की। यह दर्शाता है कि ईश्वर अपने सच्चे भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं। नारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए आचार्य जी ने बताया कि भारतीय संस्कृति में स्त्री को शक्ति का स्वरूप माना गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत जैसे ग्रंथों में वर्णित आदर्श चरित्र समाज को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं। राजा परीक्षित के प्रसंग का उल्लेख करते हुए आचार्य जी ने कहा कि जब जीवन के केंद्र में ईश्वर होते हैं, तब मनुष्य कभी निराश नहीं होता। भक्ति और विश्वास ही जीवन को सकारात्मक परिवर्तन की ओर ले जाते हैं। कथा की समापन के मौके पर डॉ. सुबिन भारद्वाज, पूर्व एमएलसी प्रत्याशी अर्चना शर्मा, डॉक्टर अशोक वार्ष्णेय, मंडी सचिव नरेंद्र शर्मा, पप्पू सिंघल, गुड्डू सिंघल आरती की। इस आयोजन में उमेश गुप्ता, अजय कौशिक, शीलू गर्ग, सूर्यप्रकाश बंसल, सुभाष अग्रवाल, भारत गोयल, मनोज गुप्ता और सोनू पंडित सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।