यूपी में आज भी ठंड के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है। मंगलवार तड़के जालौन में बारिश हुई। अलीगढ़, मैनपुरी, हापुड़, बुलंदशहर सहित 20 जिलों में कोहरा छाया है। आज मंगलवार को 26 जिलों में बारिश, 29 जिलों में भीषण घना कोहरा छाने का अलर्ट है। इस बीच जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर आदि में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा भी चलेगी। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने के आसार हैं। रात और सुबह की ठंड अभी और ज्यादा सताएगी। उत्तराखंड और नेपाल में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर यूपी के तराई और मैदानी जिलों पर पड़ रहा है। सोमवार की बात करें तो गाजियाबाद, आगरा, मेरठ समेत 30 जिलों में कोहरा था। कई जगह विजिबिलिटी शून्य तक सिमट गई थी। हरदोई 6.5°C के साथ सबसे ठंडा रहा। लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- नए विकसित हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी यूपी से शुरू हुई बूंदाबांदी का दायरा मंगलवार को बुदेलखंड, विंध्य क्षेत्र, प्रयागराज मंडल तक पहुंचेगा। प्रदेश में यह बदलाव 4 फरवरी तक रहेगा। इसके बाद कोहरा छंटेगा और तापमान में हल्की गिरावट आएगी। मौसम की तस्वीरें देखिए-
खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।