जालौन में 2 मासूम बेटियों को यमुना में फेंका:तीसरी हाथ छुड़ाकर भागी, बोली- मुझे नहीं मरना; पिता ने भी छलांग लगाई

जालौन में एक पिता ने अपनी दो मासूम बच्चियों को यमुना नदी में फेंक दिया। बड़ी बेटी हाथ छुड़ाकर भाग निकली। उसने कहा- पापा मुझे नहीं मरना है। इसके बाद पिता ने भी नदी में छलांग लगा दी। पिता घरेलू कलह से तंग आ चुका था। उसने बेटियों से कहा- चलो तुम्हें तुम्हारी मां से मिलवाऊंगा। इस पर तीनों बेटियां उसके साथ गई थीं। मामला रामपुरा थाना क्षेत्र के मढ़ेपुरा गांव का है। पुलिस ने गोताखोरों और स्टीमर की मदद से लापता पिता और उसकी 2 बेटियों की तलाश शुरू की है। लेकिन, अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। पिता से जान बचाकर भागी बच्ची सुनैना ने बताया कि पापा हमें गाड़ी पर बिठाकर पुल पर लेकर आए थे। पहले दो बहनों को नदी फेंक दिया। मैं भाग गई। पापा-मम्मी की हमेशा लड़ाई होती थी। पढ़िए पूरा मामला… बेटियों को बाइक पर बिठाकर जुहीखा पुल के पास पहुंचा
घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के जुहीखा पुल के पास की है। मढ़ेपुरा गांव निवासी रज्जन (28 साल) पुत्र लालता प्रसाद सोमवार सुबह बाइक से अपनी तीन बेटियों के साथ यमुना नदी किनारे पहुंचा था। रज्जन ने मंझली बेटी अला (4) और छोटी बेटी बाबू (2) को नदी में फेंक दिया। यह देख उसकी बड़ी बेटी सुनैना (6) डर गई। उसने पिता का हाथ छुड़ाया और मौके से भाग गई। सुनैना ने चीखते-चिल्लाते स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी। तभी रज्जन ने खुद भी यमुना नदी में छलांग लगा दी। देखते ही देखते तीनों तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों के साथ-साथ स्टीमर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। साढ़े पांच घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने के कारण शाम के 7 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। मंगलवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। तीन महीने पहले गुजरात से आया था घर
परिजनों के अनुसार, रज्जन गुजरात में रहकर रंगाई-पुताई का काम करता है। उसकी 8 साल पहले शारदा के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद तीन बेटियां हुईं। रज्जन तीन महीने पहले गुजरात से गांव आया था। रज्जन जब भी गुजरात से गांव आता था। शराब पीकर पत्नी शारदा से विवाद करता था। पत्नी शारदा एक महीने पहले अपने माता-पिता को बुलाकर थाने में पति के खिलाफ शिकायत की। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। तीनों बेटियों को पति के पास छोड़ गई। तभी से रज्जन मानसिक रूप से परेशान था। रज्जन अपने परिवार में पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। परिजनों के अनुसार, रज्जन सोमवार की सुबह अपनी तीनों बेटियों को यह कहकर बाइक से यमुना पुल पर लेकर गया कि वह उन्हें मां के पास उसके मायके अजीतमत, औरैया छोड़ने जा रहा है। लेकिन रज्जन ने घर से 4 किलोमीटर की दूरी पर रास्ते में ही यमुना नदी पर बाइक को रोक करके नदी में फेंक दिया। पत्नी के मायके से नहीं आने पर था नाराज
पुलिस जांच में सामने आया कि रज्जन का पत्नी से विवाद चल रहा था। जन्माष्टमी पर भी उसने पत्नी को फोन कर बुलाया। लेकिन वह नहीं लौटी। इसी से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। सीओ माधौगढ़ अंबुज सिंह ने बताया- महोबा से PAC की एक कंपनी को तीनों की तलाश के लिए लगाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, गोताखोर, और एक कंपनी पीएसी की टीमें शामिल हैं। उम्मीद है कि जल्द ही लापता लोगों का पता लगाया जाएगा। अभी किसी का शव बरामद नहीं हो सका है। —————————— ये भी पढ़ें… कुत्ते से बुलेट टकराने पर महिला दरोगा की मौत: गाजियाबाद में 2 साल पहले नौकरी जॉइन की; पिता बोले- IAS बनना चाहती थी गाजियाबाद में महिला दरोगा की सड़क हादसे में मौत हो गई। वे ड्यूटी करके बुलेट से अपने कमरे पर जा रही थीं। कार्ट चौक पर अचानक सामने कुत्ता आ गया, जिससे वह बैलेंस खो बैठीं। बाइक कुत्ते से टकरा गई और दरोगा सड़क पर गिर गईं। तभी पीछे से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। पढ़ें पूरी खबर…